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पढ़ाई, तनाव और मौत! बिहार में NEET छात्रा तो पंजाब में 12th स्टूडेंट ने की आत्महत्या, आखिर कौन जिम्मेदार?

पटना में NEET की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा का शव होस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि पंजाब के अमृतसर में 12वीं की छात्रा ने कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

student suicide Mental Health
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( Image Source:  ChatGPT )

देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई दो दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक दबाव और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है. बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा का शव होस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि पंजाब के अमृतसर में 12वीं की छात्रा ने कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

दोनों घटनाओं में पीड़ित छात्राओं की उम्र लगभग समान थी और दोनों ही अपने भविष्य को संवारने के लिए संघर्ष कर रही थीं लेकिन परिस्थितियों का दबाव इतना बढ़ गया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई. इन घटनाओं ने अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

क्या है पटना का मामला?

पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र स्थित सचिवालय कॉलोनी के एक छात्रावास में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 17 वर्षीय श्रुति कुमारी का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला. समस्तीपुर की रहने वाली श्रुति साल 2024 से पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी. होस्टल मैनेजमेंट के अनुसार सोमवार रात उसने सामान्य रूप से भोजन किया और उसके बाद अपने कमरे में चली गई थी.

मंगलवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर अन्य छात्राओं को शक हुआ. कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कमरे का दरवाजा खोला गया, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला.

किसको की थी आखिरी फोन कॉल?

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले श्रुति ने अपने एक मित्र से फोन पर लंबी बातचीत की थी. बताया जा रहा है कि इस दौरान उसने अपनी मानसिक परेशानियों का जिक्र भी किया था. छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं ने भी पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह डिप्रेशन में नजर आ रही थी. पड़ोस में रहने वाली एक छात्रा के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले भी श्रुति किसी युवक से फोन पर बात करते हुए रो रही थी. अब पुलिस उसके मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और हालिया संपर्कों की गहन जांच कर रही है.

क्या है अमृतसर का मामला?

उधर पंजाब के अमृतसर से भी एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. यहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय अमजोत कौर ने कथित रूप से स्कूल प्रशासन द्वारा फीस को लेकर किए गए मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खा लिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मौत हो गई.

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब अस्पताल के बिस्तर से अमजोत कौर का रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में छात्रा ने विस्तार से बताया कि किस तरह फीस भुगतान को लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. परिजनों का आरोप है कि करीब 20 हजार रुपये की बकाया फीस को लेकर स्कूल प्रशासन का रवैया बेहद कठोर था.

क्या बोली पुलिस?

अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पुष्टि की है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर औपचारिक मामला दर्ज किया गया है. वहीं सदर थाना पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और क्या वास्तव में मानसिक दबाव उसकी मौत का कारण बना.

कैसे रुकेंगे ये मामले?

इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है. छात्रों की भावनात्मक सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक बातचीत का माहौल भी उतना ही जरूरी है. जरूरत इस बात की है कि परिवार, स्कूल, कोचिंग संस्थान और समाज मिलकर ऐसे तंत्र विकसित करें, जहां कोई भी छात्र खुद को अकेला महसूस न करे और मुश्किल परिस्थितियों में मदद मांगने से हिचकिचाए नहीं.

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