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आखिर क्यों मुहर्रम में 15000 लोगों को मारना चाहता था फैयाज प्रेमजी, इसलिए रची जहर वाली साजिश, निकला पत्नी कनेक्शन

मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान जहीरले कैप्सूल देने वाले आरोपी फैयाज प्रेमजी की अब जांच एजेंसिया कुंडली खंगाल रही है. वहीं पूछताछ में उसका पत्नी कनेक्शन भी सामने आया है जिसके चलते उसने पूरी साजिश रची.

जहरीले कैप्सूल देने वाला फैयाज प्रेमजी
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जहरीले कैप्सूल देने वाला फैयाज प्रेमजी

( Image Source:  X/ @AskAnshul )

मुंबई के बायकुला में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांटने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार 39 वर्षीय आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पूछताछ में दावा किया कि वह अपनी निजी जिंदगी में आए बदलावों के बाद पूरी दुनिया से बदला लेना चाहता था और बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाने की योजना बना चुका था.

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के पास से हजारों जहरीले कैप्सूल बरामद किए गए हैं. पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, विदेशी संपर्कों, ऑनलाइन खरीदारी और मानसिक स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं.

क्या बताई आरोपी ने कहानी?

पुलिस के अनुसार, पुणे के विमान नगर निवासी फैयाज प्रेमजी ने पूछताछ में बताया कि करीब दो साल पहले पत्नी के अलग होने के बाद उसे लगने लगा था कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है. आरोपी ने धार्मिक जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल देकर नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी.

क्या मानसिक रोगी है आरोपी?

बायकुला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दीपक सावंत ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि "उनसे पूछताछ के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि वो अपनी मानसिक स्थिति खो टुका है." पुलिस ने आरोपी के पिता को भी बयान दर्ज कराने के लिए पुणे से बुलाया है ताकि उसके व्यवहार और मेडिकल इतिहास से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके.

ईरान से क्या संपर्क?

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की मां और बहन ईरान में रहती हैं और वह नियमित रूप से उनके संपर्क में था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया "ईरान में उनके संपर्कों का पता लगाने के लिए उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है."

कैसे सामने आया मामला?

यह घटना शुक्रवार शाम मुहर्रम जुलूस के दौरान सामने आई. शिकायतकर्ता सलमान सैयद ने पुलिस को बताया कि जुलूस के दौरान एक बुर्का पहने महिला उनके पास आई और दर्द निवारक दवा बताकर कुछ कैप्सूल दिए. मुहर्रम के दौरान भोजन, पानी, जूस और दवाइयां बांटने की परंपरा होने के कारण कई लोगों ने इन कैप्सूल को बिना शक किए स्वीकार कर लिया.

पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद कई लोगों को मतली, बेचैनी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगीं. शुरुआत में आरोपी से पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन देर रात कई लोगों की हालत बिगड़ने और कुछ के बेहोश होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की.

कितने जहरीले कैप्सूल हुए बरामद?

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठहरने वाले गेस्ट हाउस पर छापा मारा, जहां से जिंक फॉस्फाइड से भरे करीब 14,900 कैप्सूल बरामद किए गए. पुलिस के मुताबिक, गेस्ट हाउस से कुल करीब 30,000 खाली और भरे हुए कैप्सूल मिले. इनमें लगभग 14,900 कैप्सूल में जिंक फॉस्फाइड भरा हुआ था.

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