मुंबई के मेयर को सैलरी में मिलते हैं 'चिल्लर', फिर भी कहलाते हैं एशिया के सबसे अमीर नगर निगम के बॉस
बीएमसी का का मेयर महानगर का प्रथम नागरिक होता है. मुंबई के मेयर को कितनी सैलरी मिलती है, कौन-कौन सी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं और देश की आर्थिक राजधानी का 'बॉस' के रूप में मेयर के पास कितनी ताकत होती है? जानिए, बीएमसी मेयर की सेलरी, पावर और रियल रोल की पूरी कहानी?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को देश का सबसे बड़ा और सबसे अमीर नगर निगम है. बीएमसी का बजट करीब 75 हजार करोड़ रुपये है. यह कई राज्यों और छोटे देशों के बजट से भी ज्यादा है. ऐसे भारी-भड़कम बजट वाली संस्था का मेयर अपने शहर के विकास और सरकारी सेवाओं को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन हर कोई यह जानकर हैरान रह जाता है कि मेयर का वेतन कितना है? 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन वाली बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन है. इसके बारे में बहुत चर्चा होती है। जिस भी पॉलिटिकल पार्टी को इस म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कंट्रोल मिलता है, उसे न सिर्फ शहर बल्कि पावर, पैसा और मौका भी मिल जाता है.
बीएमसी चुनाव को देश का सबसे बड़ा अर्बन पॉलिटिकल कॉम्पिटिशन माना जाता है. बीएमसी का सालाना बजट जितना बड़ा होगा, मेयर की सैलरी उतनी ही ज्यादा होगी. अगर आप ऐसा सोच रहे हैं, तो असलियत इसके बिल्कुल उलट है. तो जान लीजिए कितनी है बीएमसी मेयर की सेलरी?
सैलरी कितनी होती है?
बीएमसी के मेयर को कोई नियमित सरकारी वेतन नहीं मिलता, बल्कि उन्हें मानदेय (honorarium) के रूप में भुगतान किया जाता है. मेयर का बेसिक मानदेय लगभग 6,000 रुपये प्रति माह है. भत्ते और सुविधाओं सहित कुल मासिक आय लगभग 55,000 रुपये प्रति माह है. इस लिहाज मेयर की सालाना आय: करीब सवा सात लाख तक होती है. इसमें मानदेय और सभी भत्ते शामिल हैं. मेयर की सेलरी जैसा सरकारी नौकरी में होता है, वैसा नहीं है. यह एक राजनीतिक पद है, इसलिए वास्तविक वेतन के बजाय मानदेय और भत्तों के रूप में भुगतान होता है.
मेयर को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
मेयर को सेलरी के अलावा कई सरकारी सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं. बीएमसी के मेयर को सरकारी आवास (Mayor House) पद पर रहने तक उपलब्ध होता है. ऑफिशियल यात्राओं के लिए सरकारी कार और ड्राइवर की सुविधा. इसके अलावा, मेयर को स्टाफ सपोर्ट भी मिलता है. मीटिंग/आधिकारिक दौरे के भत्ते, बैठकों, समारोहों और आधिकारिक कार्यों के लिए अलग-अलग भत्ते भी मिलते हैं.
मेयर की ताकत
बीएमसी मेयर के पास वित्तीय या प्रशासनिक शक्तियां बहुत सीमित होती हैं. वे बीएमसी की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं. शहर का "पहला नागरिक" होने का प्रतिनिधित्व और सामाजिक/सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेता है. वास्तविक प्रशासनिक शक्ति बीएमसी आयुक्त और अधिकारियों के पास होती है. मेयर के सभी प्रशासनिक शक्तियां बीएमसी कमिश्नर संभालते हैं. सभी बड़े फैसलों पर वह मेयर से सलाह मशविरा करते हैं. नीतिगत मसलों को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अमल में लाया जाता है. बीएमसी के मेयर को महानगर या देश की आर्थिक राजधानी का बॉस भी माना जाता है. मेयर महानगर का प्रथम नागरिक और संवैधानिक प्रमुख भी होता है.
BMC किन-किस योजनाओं पर खर्च करती है पैसा?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) जनता से अलग-अलग करों के रूप या अन्य मदों से पैसे मिलते हैं. बीएमसी की इनकम सोर्स प्रॉपर्टी टैक्स, डेवलपमेंट चार्ज, पानी और सीवेज चार्ज, बिल्डिंग परमिट फीस और एडवर्टाइजमेंट टैक्स जैसे सोर्स से इकट्ठा किया गया पैसा नगर निगम के खजाने में जाता है. इसके अतिरिक्त बीएमसी के पास एक बड़ा रेवेन्यू बेस और फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जो इसके बड़े बजट में योगदान देते हैं.





