करोड़ों का फ्री प्रमोशन, कारोबार में भी उछाल, Melodi ट्रेंड ने कैसे बदल दी Parle की किस्मत
PM मोदी-मेलोनी से जुड़े Melodi ट्रेंड ने Parle-G को करोड़ों की फ्री पब्लिसिटी दिलाई. सोशल मीडिया वायरलिटी से Melody की डिमांड और कारोबार बढ़ा. स्टॉक आउट आफ मार्केट है.
एक टॉफी, दो बड़े नेता और सोशल मीडिया का तूफान… बस इतना ही काफी था Melody को फिर से दुनिया भर में चर्चा के केंद्र में लाने के लिए. Melodi ट्रेंड ने पिछले तीन दिनों में ऐसा माहौल बनाया कि दशकों पुरानी यह टॉफी अचानक इंटरनेट से लेकर किराना दुकानों तक छा गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम Giorgia Meloni से जुड़े वायरल मोमेंट ने Parle Products को ऐसी फ्री पब्लिसिटी दिलाई, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Parle Products ने अपनी Melody टॉफी का उत्पादन बढ़ा दिया है, क्योंकि इसकी मांग में काफी तेजी आई है. कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने गुरुवार को बताया कि यह तेजी एक वायरल वीडियो के बाद आई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी इतालवी काउंटरपार्ट Giorgia Meloni को इस टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट करते हुए दिखाया गया था.
सोशल मीडिया मीम्स, इंस्टाग्राम रील्स और वायरल वीडियो ने Melody को नई पीढ़ी के बीच फिर से ट्रेंडिंग बना दिया. इसका असर सिर्फ मेलोडी के उत्पादन ओर बिक्री पर नहीं, बल्कि शेयर बाजार और ग्लोबल ब्रांडिंग तक देखने को मिला. यहां तक कंपनी पहली बार अखबार के पहले पेज पर विज्ञापन भी जारी किया. जानें कैसे हुआ ये कमाल,
1. सोशल मीडिया ने बनाया Melody को वायरल
Melody इतनी chocolaty क्यों है? वाला पुराना विज्ञापन डायलॉग अचानक सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. मीम पेज, यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम रील्स ने इसे नई पहचान दे दी. युवा मजाक और ट्रेंड के चलते Melody खरीदने लगे.
2. करोड़ों की फ्री मार्केटिंग
पीएम मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody गिफ्ट करने की चर्चा ने ब्रांड को इंटरनेशनल पहचान दिलाई. Melodi नाम से वायरल हुए इस ट्रेंड ने Parle को करोड़ों की फ्री मार्केटिंग दिला दी.
3. Blinkit-Swiggy तक आउट ऑफ स्टॉक
वायरल ट्रेंड के बाद Melody की डिमांड अचानक इतनी बढ़ी कि Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर यह कई जगह आउट ऑफ स्टॉक हो गई. दुकानदारों के मुताबिक थोक ऑर्डर में भी तेजी आई है. स्कूल से लेकर दफ्तरों तक में यही चर्चा है मेलोडी बाजार में आउट ऑफ स्टॉक है.
4. शेयर बाजार में भी मचा कन्फ्यूजन
Melody ट्रेंड का असर शेयर बाजार तक पहुंच गया. कई छोटे निवेशकों ने गलती से Parle Industries Ltd. के शेयर खरीद लिए, जबकि उसका Parle Products से कोई लेना देना नहीं है. इसके बावजूद कंपनी के शेयर में 5% तक उछाल देखने को मिला.
5. 60 हजार से शुरू हुआ था सफर
दरअसल, पाले जी प्रोडक्ट्स की शुरुआत 1929 में मोहनलाल दयाल चौहान ने की थी. उन्होंने करीब 60 हजार रुपये की मशीनरी से मुंबई के विले पारले इलाके में फैक्ट्री शुरू की थी. आज Parle-G, Monaco और Melody जैसे ब्रांड्स के दम पर कंपनी भारत के सबसे बड़े FMCG ब्रांड्स में गिनी जाती है.
6. कंपनी का टर्नओवर 45,579 करोड़
आज Parle भारत का एक बड़ा FMCG ब्रांड बन चुका है. कंपनी के मशहूर ब्रांड्स में Parle-G, Monaco, CrackJack, Marie, Gluco और 20-20 शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चौहान परिवार की टोटल संपति लगभग 45,579 करोड़ रुपये बताई जाती है.




