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भारत दौरे पर आईं कौन हैं Marco Rubio की पत्नी Jeanette Dousdebes, रहीं हैं चीयरलीडर, ऐसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पत्नी जीनेट के साथ भारत दौरे पर हैं. 1990 में शुरू हुई उनकी दोस्ती आज 36 साल बाद भी मजबूत रिश्ते और सफल वैवाहिक जीवन की मिसाल बनी हुई है.

भारत दौरे पर आईं कौन हैं Marco Rubio की पत्नी Jeanette Dousdebes, रहीं हैं चीयरलीडर, ऐसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी
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रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 23 May 2026 2:10 PM IST

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो २३ मई को भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए हुए हैं. इस दौरे को और खास बनाने के लिए उनकी पत्नी जीनेट डी. रुबियो भी उनके साथ भारत आई हैं. एयरपोर्ट पर जब दोनों फ्लाइट से उतरे तो एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आए. यह देखकर लग रहा था कि 36 साल बाद भी उनकी मोहब्बत आज भी उतनी ही ताज़ा और मजबूत है. मार्को रुबियो आज दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में बहुत बड़े पद पर हैं. कई लोग उन्हें भविष्य का राष्ट्रपति भी मानते हैं. लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनकी पत्नी जीनेट का साथ भी बहुत बड़ा है. उनकी लव स्टोरी बेहद साधारण लेकिन इंट्रेस्टिंग है.

पहली मुलाकात 1990 में हुई थी

बात साल 1990 की गर्मियों की है जब फ्लोरिडा के वेस्ट मियामी में एक पार्टी चल रही थी. उस पार्टी में 19 साल के मार्को रुबियो पहली बार मिले 17 साल की जीनेट से. मार्को क्यूबा मूल के थे और बड़े-बड़े सपने देखते थे. वे कॉलेज में पढ़ रहे थे. वहीं जीनेट कोलंबिया मूल की थी. उनमें शांति और गहराई थी जो मार्को को तुरंत अट्रैक्ट कर गई. जीनेट ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया कि मार्को उन दिनों के दूसरे लड़कों से बिल्कुल अलग थे. उनमें कुछ बनने और अपने जीवन में आगे बढ़ने की ललक थी. वह परिवार के प्रति हमेशा डेडिकेटेड थे. जो उन्हें बेहद इंस्पायर्ड करता था. शुरू में दोनों अच्छे दोस्त बने. धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई.

ANI

दोनों परिवारों का स्ट्रगल

मार्को रुबियो का परिवार अमेरिका में संघर्ष करके आगे बढ़ा था. उनके पिता मारियो बैंक्वेट हॉल में बारटेंडर का काम करते थे. वे घंटों खड़े रहकर काम करते थे. उन्होंने एक बार कहा था, 'मैं बार के पिछले हिस्से में इसलिए खड़ा रहता था ताकि मेरा बेटा एक दिन मंच पर खड़ा हो सके.' मार्को की मां ओरियालेस क्यूबा में एक साधारण घर में पली-बढ़ी थी. उनके बचपन के खिलौने कोक की बोतलों से बनाए जाते थे. बाद में वे अमेरिका आईं और होटल में सफाई का काम तथा के-मार्ट स्टोर में कैशियर की नौकरी की. वहीं जीनेट भी साधारण परिवार से आती हैं. उन्होंने बैंक में टेलर के रूप में काम शुरू किया. 1997 में उन्होंने अपनी बहन के साथ मियामी डॉल्फिन्स (NFL टीम) की चीयरलीडर बनने का मौका पाया. वे टीम के पहले स्विमसूट कैलेंडर में भी नजर आईं.

Instagram: jeanettedrubio

7 साल की दोस्ती के बाद हुआ प्रपोज

मार्को और जीनेट की दोस्ती 7 साल तक चली. इस दौरान दोनों ने जीवन के उतार-चढ़ाव देखे. कभी-कभी छोटे-मोटे झगड़े भी हुए, लेकिन उनका रिश्ता और मजबूत होता गया. 1997 के वैलेंटाइन डे पर मार्को ने जीनेट को बहुत रोमांटिक तरीके से प्रपोज किया. उन्होंने जीनेट को न्यूयॉर्क शहर ले जाकर एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के सबसे ऊपरी ऑब्जर्वेशन डेक पर ले गए. यह जगह जीनेट की पसंदीदा फिल्म 'Sleepless in Seattle' की वजह से बहुत खास थी. वहां मार्को ने जीनेट रिंग पहनाई. नीचे आने के बाद उन्होंने रिंग को फिर से ठीक से पहनाया. यह एक फिल्मी और यादगार पल था.

Instagram: jeanettedrubio

शादी और आज भी साधारण जीवन

1998 में दोनों ने कोरल गेबल्स के चर्च ऑफ द लिटिल फ्लावर में शादी कर ली. यह वही इलाका था जहां उनके परिवारों ने अमेरिका में अपनी जिंदगी शुरू की थी. आज भी मार्को रुबियो और जीनेट वेस्ट मियामी में उसी साधारण इलाके में रहते हैं. उनका घर मार्को की मां के पुराने घर से सिर्फ कुछ ब्लॉक की दूरी पर है. वे कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूले. अपने बच्चों को भी वहीं परवरिश दी. मार्को रुबियो की सफलता की कहानी सिर्फ उनकी मेहनत की नहीं, बल्कि जीनेट के साथ उनके मजबूत रिश्ते की भी है. 36 साल पहले पार्टी में हाथ थामने वाला रिश्ता आज भी उतना ही प्यारा और मजबूत है.

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