महाराष्ट्र के भिवंडी में कैसे गिर गई 4 मंजिला इमारत, 6 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन, क्या बोले स्थानीय लोग?- 6 पॉइंट्स में जानें सबकुछ
महाराष्ट्र के भिवंडी में कोहिनू नाम की 4 मंजिला इमारत गिरने से 5 लगों की मौत हो गई, जब कई लोग मलबे में फंसे हुए बताए जा रहे हैं. बिल्डिंग की मरम्मत को लेकर स्थानीय लोगों ने कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
Kohinoor Building Collapse
महाराष्ट्र के भिवंडी में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई. हालांकि मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, जिसके लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब पुरानी इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था. स्थानीय लोगों का दावा है कि मरम्मत के दौरान कुछ महत्वपूर्ण पिलर हटाए गए, जिसके कारण इमारत की संरचना कमजोर हो गई और वह अचानक भरभराकर गिर गई.
6 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला
1. अधिकारियों के अनुसार, भिवंडी के पावरलूम नगर स्थित बालाजी नगर इलाके में कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे ढह गया. नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि इस चार मंजिला इमारत में कुल 48 कमरे थे. प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे. नगर निगम की ओर से इस इमारत को पहले ही असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया गया था.
2. एक अधिकारी ने जानकारी दी कि हादसे से कुछ घंटे पहले गुरुवार रात करीब 9 बजे इमारत में रहने वाले लोगों ने तेज चटकने की आवाजें सुनी थीं. हालात को भांपते हुए स्थानीय निवासियों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और कई परिवारों को समय रहते इमारत से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
3. स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब कुछ लोग अभी भी इमारत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी इमारत का बी' विंग अचानक गिर गया. इससे कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया.
4. हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. घटनास्थल पर खोजी दल, चार दमकल वाहन, दो एंबुलेंस और भारी अर्थ-मूविंग मशीनरी तैनात की गई है. बचावकर्मी लगातार मलबा हटाकर फंसे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं.
5. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इमारत की मरम्मत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इस पुरानी इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था. स्थानीय निवासियों के अनुसार, ठेकेदार और मजदूरों ने मरम्मत के दौरान इमारत के तीन पिलर तोड़ दिए थे. लोगों का दावा है कि पिलर हटने से इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह अपना संतुलन खो बैठी.
6. हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. भिवंडी में इमारत गिरने की यह घटना पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाती है. शहर में बड़ी संख्या में पुरानी इमारतें मौजूद हैं, जिनमें से कई को समय-समय पर खतरनाक घोषित किया जाता रहा है.




