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Kolkata Gangrape Case: ‘मैंगो’ मिश्रा ने क्यों बनवाया था वारदात का वीडियो? पुलिस पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली साजिश

कोलकाता के साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक 24 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा उर्फ 'मैंगो' ने वारदात का वीडियो अपने दोस्तों से बनवाया ताकि पीड़िता को धमकाकर चुप कराया जा सके. आरोपियों ने उसे छात्र संघ का पद देने का लालच भी दिया था. सभी आरोपी कॉलेज से जुड़े हैं और मोनोजित पर पहले से गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं.

Kolkata Gangrape Case: ‘मैंगो’ मिश्रा ने क्यों बनवाया था वारदात का वीडियो? पुलिस पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली साजिश
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प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह5 Mins Read

Updated on: 3 July 2025 4:28 PM IST

कोलकाता के साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. लेकिन इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की साजिश और भी ज्यादा डरावनी है. मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा उर्फ ‘मैंगो’, जो कभी कॉलेज में छात्र नेता रह चुका था, ने न केवल इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया, बल्कि अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता को ब्लैकमेल करने की योजना भी बनाई थी. पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि वारदात का वीडियो जानबूझकर बनाया गया ताकि पीड़िता को डराकर चुप कराया जा सके.

यह वारदात कॉलेज परिसर के ही सुरक्षा गार्ड के कमरे में अंजाम दी गई, जहां उस समय कोई रोक-टोक नहीं थी. आरोपी मोनोजित पहले भी कई बार हिंसा, छेड़छाड़ और दंगा फैलाने जैसे मामलों में शामिल रह चुका है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन मोबाइल लोकेशन और सतर्क जांच के बाद सभी गिरफ्तार कर लिए गए.

कहां और कैसे हुआ यह वारदात?

कोलकाता के साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज के सुरक्षा गार्ड के कमरे में 25 जून की शाम एक 24 वर्षीय युवती के साथ गैंगरेप की वारदात हुई. पीड़िता ने शिकायत में बताया कि घटना के बाद वह बुरी तरह घबरा गईं और तुरंत अपने पिता को बुलाकर घर गईं.

वीडियो बनाकर धमकाने की थी साजिश

मुख्य आरोपी मोनोजित ‘मैंगो’ मिश्रा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके साथी प्रमित मुखोपाध्याय और ज़ैब अहमद ने वारदात का वीडियो बनाया था. उनकी योजना थी कि वीडियो लीक करने की धमकी देकर पीड़िता को चुप रखा जाएगा. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, वारदात के तुरंत बाद आरोपी कॉलेज से फरार हो गए थे.

पुलिस की हरकतों पर नजर रख रहा था ‘मैंगो’

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोनोजित ने अपने दोस्तों से कहा कि वो कस्बा थाने पर नजर रखें कि कहीं पीड़िता शिकायत तो नहीं कर रही. अगले दिन उसने कॉलेज स्टाफ को फोन करके पूछा कि पुलिस आई थी या नहीं. जब उसे लगा कि शिकंजा कस रहा है, तो उसने वकील दोस्तों और सीनियर स्टूडेंट्स से मदद मांगी, पर किसी ने साथ नहीं दिया.

कैसे पकड़े गए आरोपी?

26 जून की शाम फर्न रोड (बालीगंज स्टेशन के पास) पर पुलिस ने मोनोजित और ज़ैब को धर दबोचा. प्रमित को उसी रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया. प्रमित और ज़ैब ने पूछताछ में बताया कि मोनोजित लंबे समय से पीड़िता का पीछा कर रहा था और उसे प्रस्ताव देकर फुसलाने की कोशिश कर रहा था. जब पीड़िता ने उसे ठुकराया, तो वह 'सबक सिखाने' की साजिश रचने लगा. उसने उसे स्टूडेंट यूनियन का जनरल सेक्रेटरी बनाने का झांसा दिया, जबकि कॉलेज में वर्षों से कोई छात्रसंघ नहीं है. पुलिस ने 55 वर्षीय सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को भी गिरफ्तार किया है, जिस पर 'कर्तव्य में लापरवाही' का आरोप है. घटना उसी के कमरे में हुई थी.

अपराध का लंबा इतिहास

  • 2017 में मोनोजित पर प्रिंसिपल का ऑफिस तोड़ने का आरोप लगा था.
  • 2019 में, उसने कॉलेज परिसर में एक महिला से मारपीट कर उसके कपड़े फाड़े, पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी.
  • वह पहले TMC छात्र परिषद से जुड़ा था लेकिन अनुशासनहीनता के कारण 2021 में हटा दिया गया.

पुलिस क्या पता लगा रही है?

पुलिस यह जांच रही है कि मोनोजित और उसके साथी गिरफ्तारी से पहले किससे मिले थे. मोबाइल लोकेशन से पता चला कि वे बालीगंज स्टेशन रोड और फर्न प्लेस के आसपास घूम रहे थे. पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर डंप की मदद से इनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी कानून के छात्र हैं, इसलिए पूछताछ में झूठे और उलझाने वाले बयान दे रहे हैं.

क्या है दागदार बेडशीट का सच?

पुलिस को सुरक्षाकर्मी के कमरे से एक दाग वाली चादर मिली है. अब फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह दाग इस रेप केस से जुड़ा हुआ है या नहीं. पुलिस ने कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नयना चटर्जी से दो बार पूछताछ की है क्योंकि मोनोजित ने 26 जून की सुबह उनसे फोन पर बात की थी.

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