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पहले पीटा फिर फाड़े कपड़े, कर्नाटक में महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर बवाल, बीजेपी ने पुलिस पर लगाए ये आरोप

कर्नाटक के हुब्बली शहर में एक गिरफ्तारी को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी महिला कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी की गई और गिरफ्तारी के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए. वहीं, पुलिस प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए घटना की एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की है. वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है.

पहले पीटा फिर फाड़े कपड़े, कर्नाटक में महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर बवाल, बीजेपी ने पुलिस पर लगाए ये आरोप
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( Image Source:  X-@statemirrornewz )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 7 Jan 2026 12:05 PM IST

कर्नाटक के हुब्बली में एक महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पहले महिला के साथ मारपीट की और फिर उसके कपड़े फाड़ दिए.

घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है. एक तरफ बीजेपी इसे महिला सम्मान और पुलिस ज्यादती का मुद्दा बता रही है, तो वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन इन आरोपों को सिरे से खारिज कर अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है.

बस में फाड़े महिला के कपड़े

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बस के अंदर महिला कार्यकर्ता को पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने चारों ओर से घेर रखा है. इसी फुटेज के आधार पर बीजेपी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय महिला के साथ मारपीट की गई और जब उसने विरोध किया तो उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए. पार्टी नेताओं ने इसे महिला सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया.

पुलिस कमिश्नर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

हुब्बली के पुलिस आयुक्त शशि कुमार ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि घटना के दौरान पुलिस की ओर से किसी भी तरह की बदसलूकी नहीं की गई. उनके मुताबिक, महिला ने खुद पुलिस पर हमला किया और गिरफ्तारी का विरोध किया.

सर्वे के दौरान शुरू हुआ पूरा मामला

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, चालुक्य नगर इलाके में एक सर्वे के सिलसिले में अधिकारी पहुंचे थे. इसी दौरान स्थानीय लोगों के साथ कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई. इस घटना के बाद अलग-अलग मामलों में तीन एफआईआर दर्ज की गईं.

गिरफ्तारी के वक्त हुआ हंगामा

शशि कुमार ने बताया कि 5 जनवरी को महिला को एक स्थानीय नागरिक की शिकायत पर दर्ज ‘हत्या के प्रयास’ के मामले में हिरासत में लिया गया था. गिरफ्तारी के दौरान महिला और उसके समर्थकों ने जमकर विरोध किया. पुलिस का दावा है कि महिला ने एक सब-इंस्पेक्टर को काट लिया और ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की.

कपड़ों को लेकर पुलिस का पक्ष

पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिला ने खुद ही अपने कपड़े उतार दिए थे. कमिश्नर के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से कपड़े मंगवाए और उसे पहनाया. उन्होंने साफ कहा कि कपड़े फाड़ने या अभद्र व्यवहार की बात पूरी तरह गलत है. पुलिस ने यह भी बताया कि महिला के खिलाफ पहले से करीब नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें से पांच पिछले साल ही दर्ज हुए थे. प्रशासन का कहना है कि इन तथ्यों को नजरअंदाज कर पुलिस पर लगाए गए आरोप सच्चाई से कोसों दूर हैं.

दो अलग-अलग दावे, सियासत गरम

एक तरफ बीजेपी इस घटना को महिला उत्पीड़न का मामला बता रही है, तो दूसरी ओर पुलिस इसे कानून व्यवस्था से जुड़ा सामान्य मामला बता रही है. वीडियो, आरोप और जवाबों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा, लेकिन फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी बहस का विषय बन चुका है.

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