कर्नाटक में कितने ताकतवर हैं DK शिवकुमार? देश के दूसरे सबसे अमीर विधायक, संपत्ति जानकर रह जाएंगे हैरान
डीके शिवकुमार सिर्फ कर्नाटक की राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली और संकटमोचक नेताओं में गिने जाते हैं. उनकी आर्थिक ताकत, राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक क्षमता उन्हें सियासी समीकरणों का सबसे अहम चेहरा बना देती है. अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच ‘ढाई-ढाई साल’ वाले फॉर्मूले पर विवाद चरम पर है.
कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच ‘ढाई-ढाई साल’ वाले फॉर्मूले पर विवाद चरम पर है. 2022 में सरकार के गठन के समय हुए इस कथित समझौते को ही मौजूदा राजनीतिक भूचाल की वजह बताया जा रहा है. 79 वर्षीय सिद्धारमैया अभी किसी भी तरह अपनी कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं हैं, जबकि डीके शिवकुमार भी अपनी ताकत का खुलकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
डीके शिवकुमार सिर्फ कर्नाटक की राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली और संकटमोचक नेताओं में गिने जाते हैं. उनकी आर्थिक ताकत, राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक क्षमता उन्हें सियासी समीकरणों का सबसे अहम चेहरा बना देती है.
कांग्रेस सरकार में बढ़ती खींचतान का कारण
कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच बढ़ते तनाव की असली वजह माना जा रहा है वह वादा, जिसमें दोनों नेताओं को ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद संभालना था. वर्तमान में सिद्धारमैया पद छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे. डीके शिवकुमार का गुट खुलकर दावा कर रहा है कि अब सत्ता परिवर्तन का समय आ गया है. यह खींचतान कांग्रेस हाईकमान के लिए भी सिरदर्द बन चुकी है.
देश के सबसे अमीर नेताओं में शामिल डीके शिवकुमार
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक डीके शिवकुमार की कुल संपत्ति 1413 करोड़ रुपये बताई जाती है. वह देश के दूसरे सबसे अमीर विधायक हैं. उनकी तुलना में सीएम सिद्धारमैया की संपत्ति मात्र 52 करोड़ रुपये है. उनके पास 942 करोड़ की रिसॉर्ट, फॉर्महाउस और कमर्शियल बिल्डिंग्स के अलावा 100 करोड़ की कृषि व गैर कृषि जमीन और 84 करोड़ रुपये का शानदार बंगला है. उनकी इस आर्थिक ताकत का असर उनकी राजनीतिक हैसियत में साफ दिखाई देता है.
राज्य की राजनीति में डीके शिवकुमार का दमदार कद
डीके शिवकुमार कर्नाटक सरकार में उपमुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे हैं. वे साल 2020 से कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं. उनकी पदयात्राओं और राज्यभर में रैलियों ने 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी. लगातार 8 बार विधानसभा चुनाव जीतना उनकी लोकप्रियता और पकड़ को साबित करता है.
कांग्रेस के संकटमोचक है डीके शिवकुमार
शिवकुमार की राजनीतिक उपयोगिता सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है. साल 2002 में महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार को गिरने से बचाने के लिए उन्होंने विधायकों को अपने फार्महाउस में सुरक्षित रखा. साल 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर एकजुट रखा, जिसके परिणामस्वरूप अहमद पटेल राज्यसभा चुनाव जीत पाए थे.
राजनीति में शुरुआत
डीके शिवकुमार 18 साल की उम्र में छात्र नेता के रूप में चमके थे. साल 1989 में मात्र 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने. राजनीति में आते समय वह 12वीं पास थे, बाद में पॉलिटिकल साइंस में उन्होंने एमए किया. संस्कृत भाषा में भी उनकी अच्छी पकड़ है.





