Begin typing your search...

क्या पैलेट गन को लेकर झूठ बोल रही दिल्ली पुलिस और सरकार, नई मेडिकल रिपोर्ट में कौन-कौन से हुए खुलासे- Top Updates

जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान चली पैलेट गन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए एक छात्र की नई मेडिकल रिपोर्ट ने एकबार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.

RAF Pellet Gun controversy
X

RAF Pellet Gun controversy

( Image Source:  ANI )

दिल्ली के जतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी मचने के बाद दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. जिसमें कई छात्र घायल हुए, इतना ही नहीं बाद में कई ऐसे छात्र सामने आए, जो पैलेट गन के चलते घायल हुए, प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल का दावा किया गया, जिसके बाद सरकार और प्रशासन पर सवाल उठने लगे. वहीं अब नई मेडिकल रिपोर्ट ने इन दावों को और ज्यादा मजबूत कर दिया है. हालांकि, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस अब भी पेलेट गन चलाए जाने के आरोपों से इनकार कर रहे हैं,

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मेडिकल-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षीय प्रदर्शनकारी शेख इरशाद मंसूरी के इलाज के दौरान लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कर उनके शरीर से धातु की बाहरी वस्तुएं निकाली गईं. हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये वस्तुएं किस हथियार से लगीं, लेकिन इस मामले ने प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

मेडिकल रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?

शेख इरशाद मंसूरी की मेडिकल-लीगल रिपोर्ट में दर्ज जानकारी के मुताबिक, उन्हें चेहरे और गर्दन पर चोटों के साथ अस्पताल लाया गया था. डॉक्टरों ने प्रभावित हिस्से में फंसी धातु की वस्तुओं को निकालने के लिए उनकी सर्जरी की. रिपोर्ट के अनुसार, निकाली गई सामग्री को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. हालांकि, मेडिकल दस्तावेज़ में इन वस्तुओं के स्रोत या उन्हें किसने दागा, इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है.

ANI

शेख इरशाद मंसूरी ने दावा किया कि घटना से पहले उन्होंने एक सुरक्षाकर्मी को अपनी ओर हथियार ताने देखा था. उन्होंने कहा "मैं भागने के लिए मुड़ा, तभी किसी चीज ने मेरे चेहरे पर वार किया." मंसूरी के अनुसार, उनकी सर्जरी हुई और कुछ दिनों बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई, लेकिन चेहरे पर चोटों के निशान अभी भी मौजूद हैं.

पुलिस कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

प्रदर्शनकारियों के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था. प्रदर्शन के दौरान कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई. वहीं पुलिस ने यह भी बताया था कि कार्रवाई के दौरान कुछ सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए थे.

ANI

पेलेट गन इस्तेमाल को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब कुछ अन्य घायल प्रदर्शनकारियों ने भी अपने मेडिकल रिकॉर्ड में छर्रे जैसी चोटों या शरीर में धातु के टुकड़े मिलने का दावा किया. इन मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि भीड़ नियंत्रण के दौरान प्रतिबंधित या अत्यधिक बल वाले तरीकों का इस्तेमाल किया गया.

पैलेट गन इस्तेमाल पर क्या बोली सरकार?

पेलेट गन इस्तेमाल के आरोपों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है. सरकार ने लोकसभा में कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कोई गोली नहीं चलाई गई। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस जैसे मानक उपायों का इस्तेमाल किया.

अगला लेख