Begin typing your search...

BJP मंत्री की बेटी, CJP की समर्थक क्यों... नए शिक्षा मंत्री को लेकर ये क्या बोल गई यशस्विनी राजे सिंह? 7 पॉइंट्स में जानें पूरी कहानी

पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने खुलकर कॉकरोच जनता पार्टी और छात्रों के आंदोलन का सपोर्ट किया है. वहीं उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी सवाल उठाया है.

Yashaswini Raje Singh
X

Yashaswini Raje Singh

( Image Source:  X/ @SaralVyangya )

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का प्रोटेस्ट देखने को मिला था, कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में करीब 1 महीने तक चलते इस विरोध-प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने छात्रों की मांगों को माना और धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया. जिसके बाद छात्रों का जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट भी खत्म हो गया.

जहां एक तरफ छात्रों से लेकर विपक्ष तक भाजपा सरकार पर सवाल उठा रहा था तो वहीं इस प्रोटेस्ट को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सदर से पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने पूरा सपोर्ट किया और कॉकरोच जनता पार्टी की भी तारीफ की. बता दें, यशस्विनी राजे सिंह कंटेंट क्रिएटर हैं और वे खुद प्रोटेस्ट में भी शामिल हुई थीं. इसके अलावा उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी तंज कसा है.

7 पॉइंट्स में जानें सबकुछ

1. एक इंटरव्यू में यशस्विनी राजे सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए छात्रों का आंदोलन बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल मंत्री के पद छोड़ देने से पूरे मामले का समाधान नहीं माना जा सकता।

2. यशस्विनी ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए. उनके अनुसार, पत्र का स्वर जवाबदेही स्वीकार करने की बजाय अलग संदेश देता है. उन्होंने कहा "इस्तीफा पत्र की भाषा पश्चाताप करने वाले, क्षमा मांगने वाले और खुद को जवाबदेह ठहराने वाले व्यक्ति की बजाय एक शहीद की भाषा अधिक दर्शाती है."

3. यशस्विनी राजे सिंह ने आंदोलन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की सोशल मीडिया रणनीति की भी तारीफ की। उन्होंने कहा "सीजेपी ने अपने अभिनव संदेशों, मीम्स के माध्यम से इस तरह के ज्यादातर गैर-राजनीतिक दर्शकों को एकजुट करने का बहुत ही शानदार काम किया, जो आमतौर पर इस तरह की बातचीत से दूर रहते हैं. उनका ध्यान इंस्टाग्राम पर केंद्रित था, जो बहुत अच्छा था क्योंकि यहीं पर हमने विरोध प्रदर्शनों की आम लोगों की कवरेज का बड़ा हिस्सा देखा."

4. यशस्विनी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रल्हाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा "जिस व्यक्ति को अब शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है... सच कहूं तो, यह एक बहुत ही निराशाजनक मजाक जैसा लगता है."

5. यशस्विनी राजे सिंह ने अपने पारिवारिक और राजनीतिक माहौल को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि वह पिछले कई सालों से अपने परिवार से अलग रह रही हैं और राजनीतिक माहौल से दूरी बनाए रखना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी राय रखने के लिए उन्होंने यह दूरी बनाई है।

6. उन्होंने आगे कहा "मैं उस तरह के माहौल में बिल्कुल भी शामिल नहीं होना चाहती. मैंने कई सालों से वहां (फतेहपुर सदर) का दौरा नहीं किया है. इसलिए मैं अपने और उस माहौल के बीच एक बहुत बड़ा फासला बनाए रखती हूं और इसी वजह से मैं बिना पाखंडी महसूस किए वो बातें कह पाती हूं जो मैं कहती हूं."

7. नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों को लेकर देशभर में 20 जून से 25 जुलाई तक छात्र आंदोलन चला. इस दौरान हजारों छात्रों ने विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन किए, जबकि कई विपक्षी दलों ने भी आंदोलन का समर्थन किया. 20 जुलाई को नई दिल्ली के संसद स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें भी हुईं. इसके बाद यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया.

अगला लेख