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कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसी घटना, आतंकियों ने फिर धर्म पूछकर चलाई चोली; हमले के पीछे लश्कर का हाथ!

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने कथित तौर पर मजदूरों के नाम पूछकर दो हिंदू श्रमिकों को अलग किया और उन पर गोली चला दी. हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत हो गई. सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसी घटना, आतंकियों ने फिर धर्म पूछकर चलाई चोली; हमले के पीछे लश्कर का हाथ!
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी6 Mins Read

Updated on: 31 July 2026 11:13 PM IST

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के हमले ने एक बार फिर घाटी में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. News18 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आतंकियों ने मजदूरों के एक समूह को निशाना बनाया और कथित तौर पर उनके नाम पूछने के बाद दो हिंदू मजदूरों को बाकी लोगों से अलग कर दिया. इसके बाद दोनों पर बेहद करीब से गोली चलाई गई.

हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरे मजदूर के घायल होने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि हमले के पीछे एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी का हाथ हो सकता है. हालांकि, जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.

काम के बीच अचानक पहुंचे आतंकी, मजदूरों में मची अफरा-तफरी

बताया जा रहा है कि कुलगाम में जिस जगह मजदूर काम कर रहे थे, वहां कई गैर-स्थानीय श्रमिक मौजूद थे. इसी दौरान आतंकियों ने वहां पहुंचकर मजदूरों की पहचान जानने की कोशिश की. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने कथित तौर पर मजदूरों के नाम पूछे और इसके बाद दो हिंदू श्रमिकों को समूह से अलग कर दिया. आरोप है कि दोनों को अलग करने के बाद आतंकियों ने उन पर बेहद नजदीक से गोलियां चलाईं. इस हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षाबलों को इसकी सूचना दी गई.

क्या आतंकियों ने फिर धर्म पूछकर बनाया निशाना?

इस हमले को लेकर सबसे गंभीर सवाल धार्मिक पहचान के आधार पर टारगेटिंग का है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद कई मजदूर गैर-स्थानीय थे, लेकिन कथित तौर पर दोनों पीड़ित हिंदू थे. इसी वजह से जांच एजेंसियां इस एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आतंकियों ने जानबूझकर मजदूरों की धार्मिक पहचान पूछी और फिर उन्हें निशाना बनाया. हालांकि, यह बात फिलहाल जांच का हिस्सा है और इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

एक स्थानीय और विदेशी आतंकी पर शक

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी शामिल हो सकता है. जांच में मोहम्मद लतीफ नाम के एक संदिग्ध पर भी फोकस किए जाने की बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, लतीफ पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा/द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़ा था. हालांकि, उसकी भूमिका और हमले में उसकी कथित संलिप्तता को लेकर जांच अभी जारी है. सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क और आतंकियों के स्थानीय संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं.

हमले के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन

आतंकी वारदात के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों को घेर लिया. संदिग्धों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले के बाद आतंकी किस दिशा में भागे और क्या उन्हें स्थानीय स्तर पर किसी तरह की मदद मिली थी. जांच एजेंसियों की नजर हमले के पीछे की साजिश और आतंकियों के नेटवर्क पर भी है.

छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, दूसरा अस्पताल में भर्ती

हमले में छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मजदूर की जान चली गई. वहीं, दूसरा मजदूर गोली लगने से घायल हुआ है. उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. घटना के बाद पीड़ित परिवारों में मातम का माहौल है. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया है.

उपराज्यपाल ने DGP से की बात, सुरक्षाबलों को दिए सख्त निर्देश

हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों से घटना की जानकारी ली. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के DGP नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बात की. उपराज्यपाल ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और हमले में शामिल लोगों को पकड़ने के निर्देश दिए. उन्होंने घायल मजदूर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. प्रशासन की ओर से कहा गया कि सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है.

कांग्रेस ने भी आतंकी हमले की निंदा की

कुलगाम की घटना पर जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी प्रतिक्रिया दी. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने गैर-स्थानीय मजदूर की मौत और दूसरे मजदूर के घायल होने की घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि आतंकियों की ऐसी साजिशों को हर हाल में विफल किया जाना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जरूरी है. कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायल मजदूर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

कुलगाम हमले ने फिर बढ़ाई प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा की चिंता

जम्मू-कश्मीर में दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूर और कामगार लंबे समय से अलग-अलग इलाकों में काम करते रहे हैं. ऐसे में कुलगाम की यह घटना प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमले में शामिल आतंकियों तक पहुंचना है. क्या आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर मजदूरों को चुना था, हमले की साजिश किसने रची और इसके पीछे कौन सा आतंकी नेटवर्क काम कर रहा था—इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएंगे.

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