Israel Iran War: ईरान पर वार, कश्मीर में नारे- खामेनेई के नाम पर Srinagar के लाल चौक पर क्यों उमड़े लोग, क्या है कनेक्शन?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. आखिर इसके पीछे वजह क्या है?
Iran News: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है, इस बात की तस्दीक ईरानी मीडिया भी ने कर दी है. उनकी जगह उनका बेटा मोजतबा खामेनेई अब उनकी गद्दी संभालंगा. जैसी ही रविवार आयतुल्लाह अली की मौत की पुष्टि हुई भारी मात्रा में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
श्रीनगर, सोनावारी और बांदीपोरा में शिया समुदाय के पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सुप्रीम लीडर की तस्वीरें हाथ में लेकर रैली निकाली. बारामूला में एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा,"शिया शहादत से नहीं डरते. हम रहबर खामेनेई के साथ हैं और एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं."
खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन ने भी एक बयान जारी कर खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया. संगठन ने कहा,"हम इमाम खामेनेई के परिवार के सदस्यों की शहादत पर शोक व्यक्त करते हैं. हमारी दुआएं नेता और ईरान की जनता के साथ हैं.
भारतीय शिया मुस्लिम का क्या है ईरान के खामेनेई से कनेक्शन?
भारतीय शिया समुदाय का ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से गहरा धार्मिक और वैचारिक जुड़ाव माना जाता है. भारत के कई शिया मुसलमान उन्हें अपना बड़ा धार्मिक मार्गदर्शक यानी ‘मरजा-ए-तकलीद’ मानते हैं. यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय से जुड़े मुस्लिम प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके साथ ही अयातुल्ला अली खामेनेई के परदादा, सैयद मोहम्मद खामेनेई ने लखनऊ से ही अपनी पढ़ाई की और वहीं ही पले.
ईरान पर हमले पर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती?
शनिवार को इससे पहले राजनीतिक नेताओं ने ईरान पर इजराइल के हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इलाके में गंभीर परिणामों की चेतावनी दी और ईरान के लोगों के प्रति एकजुटता जताई. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी दुआएं ईरान और उसके मजबूत लोगों के साथ हैं, जो इजराइल की एक और आक्रामक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.
मुफ्ती ने ईरान को मुस्लिम दुनिया की एक अहम आवाज बताया. उन्होंने कहा कि देश की ताकत “अडिग आस्था और विश्वास” से आती है. उन्होंने कहा कि कोई भी मिसाइल या धमकी उसकी संप्रभुता को खत्म नहीं कर सकती और न ही उसकी हिम्मत तोड़ सकती है.
कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने भी इस हमले की निंदा की. उन्होंने इसे पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में एक खतरनाक बढ़ोतरी बताया. मीरवाइज ने बयान में कहा,"ईरान पर इजराइल के हमले की कड़ी निंदा करता हूं. क्षेत्र में इजराइल की आक्रामकता के लिए अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की कमी, खासकर फिलिस्तीनियों के मुद्दे पर, उसे इस तरह मनमानी करने के लिए प्रोत्साहित करती है.
कैसे हुई आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत
ईरान के सरकारी टीवी ने पुष्टि की कि हालिया इजराइली हमलों में सुप्रीम लीडर की मौत हुई है. देर रात डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का ऐलान किया था जिसके बाद ईरानी मीडिया ने भी इस बात की पुष्टि कर दी थी. ट्रंप ने खामेनेई को 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक' बताया था.




