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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर की असली कहानी से उठा पर्दा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को चेतावनी- Top Updates

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और उसके द्वारा भेजे गए आतंकियों को सबक सिखाने के लिए मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर किया था. इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर 7 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे. अब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी साफ कर दिया है कि कैसे पाकिस्तान सीजफायर के लिए घुटने पर आ गया था.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर की असली कहानी से उठा पर्दा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को चेतावनी- Top Updates
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( Image Source:  X/ @ANI )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 13 Jan 2026 2:42 PM

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और उसके द्वारा भेजे गए आतंकियों को सबक सिखाने के लिए मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर किया था. इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर 7 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे. अब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी साफ कर दिया है कि कैसे पाकिस्तान सीजफायर के लिए घुटने पर आ गया था.

जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान की 10 बड़ी बातें

1. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा “10 मई की सुबह हमें तीनों सेनाओं को ऐसे निर्देश मिल चुके थे और पाकिस्तान ने इन संकेतों को जोड़ लिया था. उन्हें समझ आ गया था कि कहां से शिप, कहां से वॉरशिप, पाइवट, एयरक्राफ्ट और मूवमेंट हुई है. इमेज के जरिए उन्हें यह जानकारी मिल गई थी, इसलिए यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और उन्होंने सीजफायर कर दिया.”

2. उन्होंने कहा "पहलगाम आतंकी हमले के बाद, सबसे ऊंचे लेवल पर सख्ती से जवाब देने का साफ फैसला लिया गया. ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई गई और उसे सटीकता से अंजाम दिया गया. 7 मई को 22 मिनट की शुरुआत और 10 मई तक 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन ने गहराई से हमला करके, आतंकी ढांचे को खत्म करके, और लंबे समय से चली आ रही न्यूक्लियर बयानबाजी को खत्म करके रणनीतिक सोच को बदल दिया. सेना ने 9 में से 7 टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और उसके बाद पाकिस्तान की हरकतों का सोच-समझकर जवाब देने में अहम भूमिका निभाई."

3. उन्होंने बताया कि "जैसा कि आपको पता होगा, ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है, और भविष्य में किसी भी गलत हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. मुझे राष्ट्रीय स्तर पर सभी स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय भूमिका को स्वीकार करना चाहिए, जिसमें CAPF, इंटेलिजेंस, नागरिक निकाय, राज्य प्रशासन और अन्य मंत्रालय शामिल हैं, चाहे वह MHA हो, रेलवे हो और भी बहुत कुछ."

4. उन्होंने कहा "ऑपरेशन सिंदूर साफ़ राजनीतिक निर्देश और काम करने या जवाब देने की पूरी आजादी के तहत तीनों सेनाओं के तालमेल का सबसे अच्छा उदाहरण था."

5. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा "तो पिछले साल दुनिया भर में हथियारों से होने वाले झगड़ों की संख्या और तेजी में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई. ये ग्लोबल बदलाव एक सीधी सी सच्चाई को दिखाते हैं. जो देश तैयार रहते हैं, वे जीतते हैं. इसी बैकग्राउंड में, ऑपरेशन सिंदूर, जो सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का सोच-समझकर और पक्का जवाब था, उसने हमारी तैयारी, सटीकता और रणनीतिक समझ को दिखाया. "

6. उन्होंने कहा "उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन इस पर लगातार नजर रखने की ज़रूरत है. टॉप लेवल की बातचीत, नए सिरे से संपर्क और विश्वास बढ़ाने वाले उपायों से स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जिससे उत्तरी सीमाओं पर चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप और दूसरी गतिविधियाँ भी संभव हो पाई हैं. इस मोर्चे पर हमारी लगातार रणनीतिक सोच के कारण, लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर हमारी तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है. साथ ही, पूरे सरकारी दृष्टिकोण के ज़रिए क्षमता विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने का काम भी आगे बढ़ रहा है."

7. उन्होंने कहा "10 मई से, पश्चिमी मोर्चे और J&K में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है. 2025 में, 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया, जिनमें से 65% पाकिस्तान के थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले के तीन हमलावर भी शामिल थे. अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादी सिंगल डिजिट में हैं."

8. उन्होंने बताया कि "आतंकवादियों की भर्ती लगभग खत्म हो गई है, 2025 में सिर्फ़ 2 भर्तियां हुईं. J&K में सकारात्मक बदलाव के साफ संकेत हैं, जिनमें मजबूत विकास गतिविधियां, पर्यटन का फिर से शुरू होना और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा शामिल है, जिसमें पांच साल के औसत से ज़्यादा 4 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री आए। आतंकवाद से पर्यटन की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है."

9. उन्होंने बताया "म्यांमार में अशांति के जवाब में, असम राइफल्स, सेना और गृह मंत्रालय वाली एक बड़ी मल्टी-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड नॉर्थईस्ट को इसके बुरे असर से बचाने के लिए काम कर रही है. म्यांमार में दूसरे चरण के चुनाव सफलतापूर्वक होने के बाद, अब हम एक-दूसरे के साथ ज़्यादा असरदार तरीके से जुड़ पाएंगे. HADR के बारे में बात करें तो, सेना ने दो पड़ोसी देशों और 10 राज्यों में काम किया. इसने 30,000 से ज़्यादा लोगों को बचाया."

10. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा "परमाणु बयानबाजी के संबंध में, मैं यह कहना चाहूंगा कि डीजीएमओ वार्ता में परमाणु पर कोई चर्चा नहीं हुई और जो भी परमाणु बयानबाजी हुई वह पाकिस्तान के राजनेताओं या स्थानीय जनता द्वारा की गई थी. मुझे इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि इस तरह की कोई बात सेना की ओर से आई हो. "

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