अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर टैरिफ के जरिए भारत पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं. 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी से भारत-US ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं. हालांकि भारत ने अमेरिकी दबाव के जवाब में वैकल्पिक वैश्विक बाजारों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था पर्याप्त मजबूत है और लंबे समय में इस तरह के टैरिफ का असर सीमित रहेगा. एक्सपर्ट डॉ. एस पी शर्मा के अनुसार, सरकार ने हालात से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है.