ईरान संकट के बीच भारत का कारोबार दांव पर! जानें दोनों देशों के बीच किन-किन चीजों का होता है आयात-निर्यात
मिडिल ईस्ट में बढ़ते राजनीतिक तनाव, ईरान की आंतरिक उथल-पुथल और रियाल की ऐतिहासिक गिरावट के बीच भारत–ईरान व्यापार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. जहां एक ओर ईरान घरेलू संकट, प्रतिबंधों और अस्थिर शासन से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत के लिए यह साझेदारी रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक तीनों लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है.
India Iran Trade Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते राजनीतिक तनाव, ईरान की आंतरिक उथल-पुथल और रियाल की ऐतिहासिक गिरावट के बीच भारत–ईरान व्यापार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. जहां एक ओर ईरान घरेलू संकट, प्रतिबंधों और अस्थिर शासन से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत के लिए यह साझेदारी रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक तीनों लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है. खासकर ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य निर्यात और चाबहार जैसे प्रोजेक्ट्स के चलते दोनों देशों का रिश्ता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है.
साल 2024-25 में भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 1.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा. हालांकि जनवरी 2026 में ईरान के राजनीतिक संकट और मुद्रा अवमूल्यन ने इस व्यापार को सीधा झटका दिया है. खासतौर पर भारत के बासमती चावल जैसे निर्यात पर असर पड़ा है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि दोनों देशों के बीच किन-किन वस्तुओं का आयात-निर्यात होता है और मौजूदा हालात ने किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है.
ईरान को क्या भेजता है भारत?
1. भारत मुख्य रूप से कृषि और औद्योगिक उत्पाद ईरान को निर्यात करता है.
2. चावल (विशेषकर बासमती): भारत से ईरान का सबसे बड़ा निर्यात आइटम है. जनवरी 2026 में ईरान के मुद्रा संकट और सब्सिडी खत्म होने के कारण कई खेप बंदरगाहों पर फंसी हुई हैं.
3. चाय और मसाले: ब्लैक टी, इलायची, मिर्च और अन्य मसालों की ईरान में अच्छी मांग रहती है.
4. चीनी (Sugar): ईरान घरेलू खपत के लिए भारत से कच्ची चीनी आयात करता है.
5. दवाएं और फाइन केमिकल्स: भारत की जेनेरिक दवाएं और मेडिकल केमिकल्स ईरान के हेल्थ सेक्टर के लिए अहम हैं.
6. मशीनरी और औद्योगिक उपकरण: कृषि मशीनरी, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, बॉयलर और न्यूक्लियर रिएक्टर से जुड़े कुछ पार्ट्स.
7. अन्य वस्तुएं: मैन-मेड फाइबर, कृत्रिम आभूषण, लोहा-इस्पात उत्पाद और पशु चारा (Animal Fodder).
ईरान से भारत में आयात
1. ईरान से भारत मुख्य रूप से ऊर्जा और कृषि-आधारित उत्पाद मंगाता है.
2. पेट्रोलियम उत्पाद और खनिज ईंधन: कभी भारत का बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता रहा ईरान, फिलहाल पेट्रोलियम बिटुमेन, द्रवीकृत प्रोपेन (LPG) और अन्य खनिज ईंधन का आयात होता है.
3. सूखे मेवे (Dry Fruits): बादाम, पिस्ता और खजूर ईरान भारत का प्रमुख सप्लायर है.
4. ताजे फल: सेब, कीवी और कुछ मौसमी फलों का बड़े पैमाने पर आयात.
5. रसायन और उर्वरक: मेथनॉल, अकार्बनिक-कार्बनिक रसायन और कृषि उर्वरक.
6. अन्य उत्पाद: कांच के बने सामान (Glassware), खनिज अयस्क (Bulk Minerals & Ores) और प्लास्टिक उत्पाद.
व्यापार पर संकट की छाया
ईरान में राजनीतिक अस्थिरता और रियाल की गिरावट ने भुगतान प्रणाली को प्रभावित किया है. भारत का बासमती चावल निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर बनकर उभरा है. व्यापारी नए भुगतान मॉडल और बार्टर सिस्टम पर विचार कर रहे हैं. ऊर्जा और रणनीतिक कारणों से भारत-ईरान व्यापार पूरी तरह रुकने की संभावना कम है, लेकिन अस्थिरता बनी रहेगी. साफ है कि मौजूदा हालात में भारत–ईरान व्यापार सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि भू-राजनीति और अर्थव्यवस्था का गहरा मेल है.





