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West Bengal Election 2026: हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर मचा घमासान, AIMIM ने तोड़ा गठबंधन; क्या सच में BJP के साथ हुई डील?

AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने ये बड़ा फैसला तब लिया जब हुमायूं कबीर का एक वीडियो तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया.

Humayun Kabir video viral
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हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी

( Image Source:  X/ @55MTQ_ )

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एकबार फिर से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. चुनाव से ठीक पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने ये बड़ा फैसला तब लिया जब हुमायूं कबीर का एक वीडियो तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया.

जिसमें आरोप लगाया गया कि हुमायूं कबीर ने भाजपा से पैसे लिए हैं. ये वीडियो सोशल मीडिया पर आग तरह फैल गया. हालांकि हुमायूं कबरी ने इस वीडियो AI बताया, लेकिन अब चुनाव से पहले ही AIMIM ने उनको बड़ा झटका दे दिया है.

AIMIM ने कैसे किया एलान?

AIMIM ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए घोषणा की कि वह पश्चिम बंगाल में अब किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने साफ किया कि उसने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है. यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि हालिया विवादों के बाद लिया गया है.

एआईएमआईएम ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी ऐसे विचार या टिप्पणी से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिम समुदाय की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. पार्टी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हुमायूं कबीर के दल से अलग होना जरूरी था, ताकि उसकी राजनीतिक लाइन और सिद्धांत स्पष्ट रह सकें.

मुस्लिम समुदाय को लेकर क्या है AIMIM का रुख?

सोशल मीडिया पोस्ट में AIMIM ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़ित समुदायों में शामिल हैं. पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद मुस्लिमों के लिए ठोस काम नहीं हुआ.

क्या था हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो में?

यह पूरा विवाद उस समय और गहरा गया जब तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो साझा किया. इस वीडियो में हुमायूं कबीर कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं कि "बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है." टीएमसी ने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी के बीच बड़ी आर्थिक डील की कोशिश हो रही है, जिसमें मुस्लिम वोटों को प्रभावित करने की रणनीति शामिल है.

वीडियो पर क्या बोले हुमायूं कबीर?

इन आरोपों पर हुमायूं कबीर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया. उन्होंने कहा कि यह वीडियो एआई तकनीक के जरिए बनाया गया है और टीएमसी द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं. कबीर ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया.

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