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जीरो सांसद-विधायक वाली पार्टी NPCI की 3 साल बाद लगी लॉटरी, जानें आप कैसे बना सकते हैं राजनीतिक दल, FAQs

पश्चिम बंगाल की राजनीति में NCPI की चर्चा के बीच जानिए भारत में नई राजनीतिक पार्टी कैसे बनाई जाती है. चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, सदस्य संख्या समेत सभी सवालों के जवाब.

जीरो सांसद-विधायक वाली पार्टी NPCI की 3 साल बाद लगी लॉटरी, जानें आप कैसे बना सकते हैं राजनीतिक दल, FAQs
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE-ChatGPT )
समी सिद्दीकी
By: समी सिद्दीकी1 Mins Read

Updated on: 16 Jun 2026 2:19 PM IST

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सियासी मोड ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. इसकी वजह बनी है एक ऐसी राजनीतिक पार्टी, जिसका अब तक राष्ट्रीय राजनीति में लगभग कोई प्रभाव नहीं माना जाता था. साल 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी यह पार्टी कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर सकी थी, लेकिन अब अचानक यह राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है.

इस बदलाव की वजह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों द्वारा नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का ऐलान है. इस घटनाक्रम ने न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि अब तक अपेक्षाकृत अज्ञात रही NCPI को भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर भारत में कैसे एक पार्टी का रजिस्ट्रेशन होता है और इसका पूरा प्रोसेस क्या है?

भारत में राजनीतिक दल कैसे बनाएं? FAQs में जानें

सबसे पहले एक संगठन बनाना जरूरी होता है, जिसमें लोगों को जोड़ा जाए और पार्टी का नाम तय किया जाए.

राजनीतिक पार्टी के गठन के 30 दिनों के भीतर उसे चुनाव आयोग (Election Commission of India) के पास पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के लिए आवेदन करना होता है.

आवेदन के साथ 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होता है. इसके अलावा पार्टी का मेमोरेंडम, नियम-कायदे और संविधान (Constitution) की कॉपीज करनी होती हैं. इनमें पदाधिकारियों के कार्यकाल और आंतरिक चुनावों से जुड़ी जानकारी शामिल होती है.

पार्टी को अपने प्रस्तावित नाम का विज्ञापन दो राष्ट्रीय और दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराना होता है. इसके बाद चुनाव आयोग संभावित आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय देता है.

किसी राजनीतिक पार्टी के गठन के लिए कम से कम 100 पंजीकृत मतदाता (Registered Voters) सदस्य होने चाहिए. इन सभी के नाम मतदाता सूची (Voter List) में दर्ज होने चाहिए और उसका विवरण भी आयोग को देना होता है.

हां, पार्टी अध्यक्ष को मजिस्ट्रेट के समक्ष एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें यह घोषणा की जाती है कि पार्टी के सदस्य किसी अन्य राजनीतिक दल के सदस्य नहीं हैं.

चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन रजिस्टर्ड पार्टी को कई कानूनी और प्रशासनिक लाभ मिलते हैं, जिससे उसकी राजनीतिक गतिविधियां आसान हो जाती हैं.

किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए कम से कम चार राज्यों में मान्यता प्राप्त होनी चाहिए. इसके अलावा चार राज्यों में 6 प्रतिशत वोट और लोकसभा में कम से कम 4 सीटें जीतना, या लोकसभा की कुल सीटों का कम से कम 2 प्रतिशत (वर्तमान में 11 सीटें) जीतना भी आवश्यक शर्तों में शामिल है.

रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों को पार्टी कार्यालय के लिए रियायती दरों पर जमीन मिलने की सुविधा मिल सकती है. इसके अलावा आम चुनावों के दौरान आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रचार के लिए निर्धारित समय भी उपलब्ध कराया जाता है.

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