Begin typing your search...

Axiom Mission 4 को पूरा करने के बाद वतन लौटे शुभांशु शुक्ला, ढोल-नगाड़ों से लेकर कुछ इस तरह स्वागत- Video

ग्रुप कैप्टन शुक्ला, एक्सिओम-4 मिशन के पायलट थे. यह मिशन 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था और 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया था. इस मिशन के लिए उन्होंने पूरे एक साल तक अमेरिका में कठोर ट्रेनिंग लिया.

Axiom Mission 4 को पूरा करने के बाद वतन लौटे शुभांशु शुक्ला, ढोल-नगाड़ों से लेकर कुछ इस तरह स्वागत- Video
X
( Image Source:  X : @AndrabiAisha )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 17 Aug 2025 7:04 AM IST

अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने आखिरकार अपनी मातृभूमि की धरती पर कदम रख लिया है. यह पल न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व और खुशी से भरा हुआ है. शुक्ला 15 जुलाई को कैलिफ़ोर्निया के तट से धरती पर लौटे थे.

इसके बाद विशेष विमान उन्हें लेकर रविवार तड़के दिल्ली पहुंचा. जैसे ही उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, वहां का नज़ारा किसी त्योहार से कम नहीं था. परिवारजन, रिश्तेदार, हजारों की संख्या में जुटे लोग, राष्ट्रीय ध्वज लहराते युवा, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सभी ने मिलकर उनका स्वागत किया चारों ओर देशभक्ति और गर्व का माहौल देखने को मिला.

अंतरिक्ष मिशन की यात्रा

ग्रुप कैप्टन शुक्ला, एक्सिओम-4 मिशन के पायलट थे. यह मिशन 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था और 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया था. इस मिशन के लिए उन्होंने पूरे एक साल तक अमेरिका में कठोर ट्रेनिंग लिया. इस दौरान उन्होंने नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम की विभिन्न टीमों के साथ काम किया और अंतरिक्ष विज्ञान व तकनीक से जुड़ी अनमोल सीखें हासिल की. उनके अनुभव भारत के भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों में बड़ी भूमिका निभाएंगे. खासकर गगनयान मिशन, जिसे भारत 2027 में लॉन्च करने की योजना बना रहा है. यही नहीं, भारत 2035 तक अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और 2040 तक चंद्रमा पर मानव मिशन भेजने की तैयारी भी कर रहा है. ऐसे में शुभांशु शुक्ला का यह अनुभव देश के लिए बेहद अहम साबित होगा.

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने संबोधन में खासतौर पर शुक्ला का ज़िक्र किया था. पीएम मोदी ने कहा था, 'हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष स्टेशन से लौट आए हैं. आने वाले दिनों में वे भारत लौट रहे हैं.' प्रधानमंत्री ने यह भी अनुरोध किया था कि शुक्ला अपने अनुभवों और ट्रेनिंग को दस्तावेज़ के रूप में तैयार करें ताकि भारत के आने वाले अंतरिक्ष मिशन उससे लाभ उठा सकें. अब उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे और 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के समारोह में भी हिस्सा लेंगे. सूत्रों के अनुसार, सोमवार को लोकसभा में भी उनके मिशन का ज़िक्र होगा. संसद में इस बात पर खास चर्चा होगी कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में अंतरिक्ष कार्यक्रम किस तरह से महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.

भारत में वापसी से झूमें शुक्ला

भारत लौटते समय शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर अपनी मुस्कुराती हुई तस्वीर शेयर की थी. उन्होंने लिखा, 'भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएं उमड़ रही हैं. एक तरफ़ मुझे दुख हो रहा है उन अद्भुत लोगों को पीछे छोड़कर आने का, जो पिछले एक साल से मेरे परिवार जैसे बन गए थे. लेकिन दूसरी तरफ़ मुझे अपने असली परिवार, दोस्तों और देशवासियों से मिलने की खुशी भी है, शायद ज़िंदगी यही है सब कुछ एक साथ! उन्होंने आगे लिखा, 'मिशन के दौरान और उसके बाद मुझे अपार प्यार और सपोर्ट मिला है. अब मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं कि भारत लौटकर अपने अनुभव आप सभी के साथ शेयर कर सकूं अलविदा कहना हमेशा कठिन होता है, लेकिन जीवन में आगे बढ़ते रहना ही ज़रूरी है. जैसा कि मेरी कमांडर पैगी व्हिटसन हमेशा कहती हैं- अंतरिक्ष उड़ान में एकमात्र स्थायी चीज़ परिवर्तन है मेरा मानना है कि यही बात जीवन पर भी लागू होती है.'

India News
अगला लेख