Earthquake in Delhi: दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके, Afghanistan केंद्र; जम्मू-कश्मीर समेत हिला उत्तर भारत- देखिए VIDEO
शुक्रवार को Delhi NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अचानक दहशत फैल गई. Jammu and Kashmir, Chandigarh और आसपास के इलाकों में भी धरती कांपने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में अचानक आए भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया. झटके इतने तेज थे कि घरों, दफ्तरों और ऊंची इमारतों में बैठे लोग तुरंत बाहर निकल आए. कुछ ही सेकंड तक चले इन झटकों ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया. जम्मू-कश्मीर से लेकर चंडीगढ़ तक जमीन हिलने की खबरों के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में शुक्रवार को 5.9 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया, जिसके झटके भारत के जम्मू-कश्मीर तक महसूस किए गए. दोपहर बाद आए इन झटकों ने लोगों को कुछ पलों के लिए दहशत में डाल दिया, हालांकि भूकंप का केंद्र जमीन के काफी भीतर होने की वजह से नुकसान सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है. भूकंप भारतीय समयानुसार करीब शाम के आसपास महसूस किया गया, जिसका एपिसेंटर 36.52°N अक्षांश और 71.01°E देशांतर पर स्थित था. GFZ के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक इसकी गहराई 175 किलोमीटर थी, जिसके चलते झटके व्यापक इलाके में महसूस हुए लेकिन सतह पर असर अपेक्षाकृत कम रहा.
कहां-कहां महसूस हुए भूकंप के झटके?
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में भूकंप के झटके साफ तौर पर महसूस किए गए. इसके अलावा दिल्ली-NCR और चंडीगढ़ में भी लोगों ने जमीन हिलने की पुष्टि की. कई जगहों पर लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.
दिल्ली-NCR में क्या रहा हाल?
दिल्ली और आसपास के इलाकों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को ज्यादा तीव्रता से महसूस किया. जैसे ही कंपन महसूस हुआ, लोग तुरंत बाहर की ओर भागे. कई सोसाइटियों में लोग पार्क और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए.
क्या हुआ कोई बड़ा नुकसान?
फिलहाल राहत की खबर यह है कि किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.
प्रशासन ने क्या अपील की?
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सतर्कता बरती जा रही है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या बताया?
भूकंप के झटकों के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. कई लोगों ने साझा किया कि उन्हें अचानक पंखे, लाइट्स और फर्नीचर हिलते हुए महसूस हुए. कुछ यूजर्स ने वीडियो और पोस्ट के जरिए अपने अनुभव भी साझा किए.
अफगानिस्तान में भूकंप क्यों आता है?
अफगानिस्तान में बार-बार आने वाले भूकंप कोई सामान्य प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक स्थिति का सीधा असर हैं. यह देश दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में आता है, जहां धरती की सतह के नीचे लगातार हलचल बनी रहती है. दरअसल, अफगानिस्तान उस ज़ोन में स्थित है जहां Indian Plate और Eurasian Plate आपस में टकराती हैं. इस टकराव से जमीन के अंदर भारी दबाव बनता है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलता है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में अक्सर तेज और गहरे भूकंप दर्ज किए जाते हैं. जब ये प्लेटें एक-दूसरे के नीचे घुसती या रगड़ खाती हैं, तो धरती के अंदर भारी दबाव बनता है. जैसे ही यह दबाव अचानक रिलीज होता है, भूकंप आ जाता है. खासकर अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर का इलाका पहाड़ी (हिंदूकुश क्षेत्र) है, जहां गहराई में होने वाले भूकंप आम बात हैं.
Earthquake (भूकंप) कैसे आता है?
भूकंप का मुख्य कारण धरती की सतह के नीचे मौजूद प्लेटों की हलचल है.
जब प्लेटें-
टकराती हैं
अलग होती हैं
या एक-दूसरे के पास से खिसकती हैं. तो ऊर्जा जमा होती रहती है. अचानक यह ऊर्जा बाहर निकलती है, जिसे हम Seismic Waves के रूप में महसूस करते हैं. यही कंपन जमीन तक पहुंचकर इमारतों, पेड़ों और इंसानों को हिलाता है.
भूकंप आने के समय कैसे रखें खुद का ख्याल?
- अगर आप घर के अंदर हैं-
- तुरंत मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छिपें
- खिड़कियों और शीशों से दूर रहें
- लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें
अगर आप बाहर हैं-
- खुले मैदान में चले जाएं
- इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
अगर आप गाड़ी में हैं-
- गाड़ी रोककर अंदर ही बैठे रहें
- पुल, फ्लाईओवर और इमारतों से दूर रहें
भूकंप के बाद क्या सावधानी रखें?
- आफ्टरशॉक्स (छोटे झटके) के लिए तैयार रहें
- गैस और बिजली की जांच करें
- अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें




