'मूंछ काटी, सिर मुंडवाया और फिर चेहरे पर पोत दी कीचड़', RJD नेता का तल्ख सवाल - इनका गुनाह दलित होना!
आजादी के 78 साल बाद भी देश में दलित उत्पीड़न का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. मूंछ काटने, सिर मुंडवाने और चेहरे पर कीचड़ पोतने की घटना पर आरजेडी नेता ने सवाल उठाया - क्या इनका गुनाह सिर्फ दलित होना है? मामले ने जातिगत उत्पीड़न और कानून-व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है.
भारत 21वीं सदी की बात करता है, डिजिटल इंडिया और विकसित राष्ट्र के सपने दिखाता है, लेकिन जमीन पर तस्वीर आज भी झकझोर देने वाली है. सीएम योगी भले की कितने दावे कर लें, लेकिन उनके राज में दलित उत्पीड़न जारी है. बरेली में कथित घटना में एक दलित युवक के साथ ऐसी बर्बरता की बात सामने आई है, जिसे सुनकर रूह कांप जाती है. मूंछ काट दी गई, सिर मुंडवा दिया गया और फिर चेहरे पर कीचड़ पोत दी गई. इस घटना को लेकर आरजेडी नेता ने सरकार की नीयत पर तल्ख सवाल उठाए हैं.
आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है, “इनका गुनाह क्या है? सिर्फ इतना कि ये दलित हैं?” यह सवाल सिर्फ एक व्यक्ति पर हुई कथित हिंसा का नहीं, बल्कि उस सामाजिक सोच पर है, जो आज भी जाति के नाम पर इंसान की गरिमा कुचलने से नहीं हिचकती. सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक इस मामले ने आक्रोश पैदा कर दिया है.
पीड़ित की गलती क्या है?
आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारतीय ने इस मामले से संबंधित एक्स पर शेयर करते हुए आरोपियों जमकर भड़ास निकालती हुई दिखाई दे रही हैं. उन्होंने लिखा है कि पीड़ित को आरोपियों पहले, 'मूंछ काटी, सिर मुंडवाया और फिर चेहरे पर पोत दी कीचड़. क्या पीड़ित को गुनाह दलित होना है! या कुछ और है.' उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा है कि आजादी को 7 दशक से ज्यादा हो गए मगर दलितों को आज भी मूंछ रखने की कीमत चुकानी पड़ रही हैं!
ऐसी बात करने वाले नीच सोच के
इससे पहले प्रियंका भारती ने एक कार्यक्रम में कहा था कि कहा था कि उच्च जातियों का विकास..? ये लोग उच्च है तो हमलोग फिर क्या हुए? "नीच!" कायदे से ऐसी बातें करने वाले नीच सोच के ही होते है! और इस सोच का विकास खुद बिहार सरकार करवा रही है!
मांझी ने वोट लेकर भटकने के लिए छोड़ दिया
अन्य वीडियो में उन्होंने लिखा है, "जात के नाम पर हमनी से वोट लेकर बुलडोजर चलाते है.." जीतन राम मांझी जी के पुत्र मंत्री संतोष सुमन जी के गाड़ी के सामने मुसहर समुदाय की महिलाएं लेट गई! मुसहर समुदाय से आने वाले इन लोगों का घर बुलडोजर से ढाया जा रहा है!
बिहार में 𝟒𝟎.𝟑𝟓 लाख मांझी/मुसहर समुदाय के लोग हैं. सबसे ज्यादा भूमिहीन जाति है! तेजस्वी जी ने 5 डिसमिल और 3 डिसमिल जमीन भूमिहीनों को देने का वादा किया था. इस जाति से सिर्फ 𝟐𝟎 डॉक्टर और 𝟕𝟔 इंजीनियर है. अपनी जाति का बोलकर इनसे वोट लेकर इन्हें सड़को पर भटकने के लिए छोड़ दिया गया!
समाज को झकझोर दिया
सोशल मीडिया यूजर AmīT Yaḍav @Amityadav_7272 ने बताया है कि बरेली नवाबगंज थाना क्षेत्र से सामने भाई एक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. बरेली के बहेड़ी तहसील के बरसौली गांव निवासी पप्पू दिवाकर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि रुपये के लेनदेन को लेकर उसके नाथ बेहद अपमानजनक और क्रूर व्यवहार किया गया है. पप्पू दिवाकर बर्तमान में नवाबगंज क्षेत्र के गेलटांडा गांव चंद्रसेन के यहां रह रहा था.
पैसा मांगने पर अपमानित किया
पीड़ित के अनुसार, 'चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए उससे करीब साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे. जब उसने अपनी रकम लौटाने की मांग की, तो चंद्रसेन, उसका बेटा पप्पू और गोधनलाल अपने साथियों के साथ उस पर टूट पड़े. पहले उसकी पिटाई की गई, फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गांव के लोगों के सामने उसे अपमानित किया.
पीड़ित के चेहरे पर कीचड़ पोत दी
आरोपियों ने उसका सिर मुंडवा दिया और मूंछ व भौंह के बाल काटवा दिए. इसके बाद चेहरे पर कीचड़ पोत दी. घटना के बाद पीड़ित ने नवाबगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी. पुलिस ने तीन नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.





