‘मोदी-शाह के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी क्यों नहीं?’ राहुल गांधी ने पूछा सवाल तो भड़की BJP, सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कांग्रेस का इतिहास
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एंटी-इनकम्बेंसी और चुनावों में कथित गड़बड़ी के आरोपों पर BJP ने पलटवार किया है. BJP नेता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को “Jhoot Ki Goonj” बताते हुए उनके दावों पर सवाल उठाए, जबकि सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी एंटी-इनकम्बेंसी को लेकर कांग्रेस के राजनीतिक रिकॉर्ड का हवाला दिया.
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता विपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद BJP ने उनके बयानों पर पलटवार किया है. BJP ने राहुल गांधी के एंटी-इनकम्बेंसी को लेकर किए गए दावे और चुनावों में कथित धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को भारतीय राजनीति के चुनावी रिकॉर्ड को भी देखना चाहिए.
BJP नेता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'damp squib' बताते हुए उन पर गलत दावे करने का आरोप लगाया. उन्होंने राहुल गांधी के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान के नाम पर तंज कसते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'Jhoot Ki Goonj' करार दिया.
भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी के बयान को लेकर दो प्रमुख बिंदु उठाए. पहला मुद्दा एंटी-इनकम्बेंसी का था. राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में आम तौर पर सत्ता में रहने वाली सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी पैदा होती है, लेकिन 2014 के बाद नरेंद्र मोदी और BJP के मामले में ऐसा दिखाई नहीं देता.
इसके जवाब में भंडारी ने कहा कि BJP ने 2014 के बाद 20 चुनाव गंवाए हैं. उनके मुताबिक, इससे यह दावा सही नहीं ठहरता कि BJP को चुनावों में कभी एंटी-इनकम्बेंसी का सामना नहीं करना पड़ा.
मोदी की लगातार चुनावी जीत पर भी सवाल-जवाब
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल भी उठाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चुनाव कैसे जीतते रहे हैं. इसके जवाब में प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस के लंबे समय तक चुनाव जीतने के पीछे भी 'Vote Chori' थी. उन्होंने रायबरेली लोकसभा सीट पर कांग्रेस की लगातार जीत का हवाला देते हुए राहुल गांधी के सवाल पर पलटवार किया.
सुधांशु त्रिवेदी ने एंटी-इनकम्बेंसी पर कांग्रेस को घेरा
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "अभी कुछ देर पहले राहुल गांधी ने आपके सामने फिर से एक PPT पेश किया, जो अक्सर ऐसे अनजान, अजीब और संदिग्ध स्रोतों से आता है जिनके बारे में कोई नहीं जानता. उन्हें भारतीय राजनीति की कोई जानकारी नहीं है. तमिलनाडु में 1967 से कांग्रेस सत्ता में नहीं है. उस समय बीजेपी का अस्तित्व ही नहीं था. बंगाल में 1977 से कांग्रेस की सरकार नहीं रही है. बिहार में 1990 से, यूपी में 1989 से और ओडिशा में 1999 से कांग्रेस सत्ता में नहीं है, लेकिन राहुल गांधी को इस बात की कोई जानकारी नहीं है... जब से पारदर्शी चुनाव होने लगे हैं, CCTV कैमरे आ गए हैं और स्वतंत्र मीडिया आ गया है, तब से उन्हें सत्ता में आना मुश्किल लगने लगा है."
BJP सांसद ने अपने बयान में राहुल गांधी पर भारतीय राजनीति को लेकर समझ की कमी का भी आरोप लगाया. उन्होंने राहुल को 'भारतीय राजनीति के प्रपंच शिरोमणि' और 'हाइड्रोजन बम का उद्घोष कर हाइड्रोजन गैस लाने प्रसिद्ध रसायन वैज्ञानिक' कहा. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल और सोनिया की क्षमता और हैसियत नहीं है कि वे रायबरेली और अमेठी में बिना सपा के और वायनाड में बिना मुस्लिम लीग के सपोर्ट के चुनाव जीत जाएं.
राहुल गांधी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
BJP का यह पलटवार राहुल गांधी की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आया जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. राहुल गांधी ने दावा किया था कि चुनावों में धांधली की जा रही है और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी.
इस पूरे विवाद में एक तरफ राहुल गांधी और विपक्ष चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं BJP इन आरोपों को राजनीतिक दावे बताते हुए उनका जवाब दे रही है. चुनाव आयोग की ओर से SIR से जुड़े निर्णयों को लेकर कहा गया है कि आयोग एक सामूहिक संस्था है और उसके फैसले निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं.
इस तरह SIR विवाद के बीच अब बहस एंटी-इनकम्बेंसी, चुनावी रिकॉर्ड और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों तक पहुंच गई है, जहां कांग्रेस और BJP एक-दूसरे के राजनीतिक दावों और चुनावी इतिहास को सामने रखकर जवाब दे रहे हैं.




