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तारापीठ होटल में सो रहे थे मेहमान, तड़के 4:30 बजे कैसे भड़की आग... 7 लोगों की मौत; फिर उठा फायर सेफ्टी पर सवाल

तारापीठ के होटल बिदेशिनी में सुबह-सुबह आग लगी गई, देखते ही देखते आग का धुंआ चौथी मंजिल तक पहुंच गया. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. आगल के समय सभी लगो गहरी नींद में सो रहे थे.

Tarapith Hotel Fire
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Tarapith Hotel Fire

( Image Source:  X/ @krishnakamal077 )

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. तारापीठ पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित चार मंजिला होटल बिदेशिनी में सुबह करीब 4:30 बजे भीषण आग लग गई. घटना के वक्त ज्यादातर मेहमान गहरी नींद में सो रहे थे। हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. आग होटल के भूतल स्थित रिसेप्शन क्षेत्र से शुरू हुई और कुछ ही समय में जहरीला धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया.

अधिकारियों के अनुसार, जलती हुई फॉल्स सीलिंग, फाइबरग्लास और अन्य ज्वलनशील सामग्री से निकले धुएं के कारण सात लोगों की दम घुटने से मौत हुई. आग की सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया. घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया.

क्या आग बाद नहीं मिला रास्ता?

बताया गया कि आग लगने के समय होटल में ठहरे अधिकांश लोग सो रहे थे. अचानक धुआं फैलने के बाद कुछ मेहमानों की नींद खुली, लेकिन घना धुआं होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का रास्ता तलाशने में परेशानी हुई. अधिकारियों के मुताबिक, होटल के निचले हिस्से में लगी आग से उठने वाला धुआं तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गया. इससे अंदर फंसे लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया और कई लोग बाहर निकलने से पहले ही बेहोश हो गए.

घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी होटल पहुंचे। टीम ने आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया. बचाए गए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. अधिकारियों ने होटल में हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही आग के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.

कैसे लगी आग?

होटल प्रबंधन की ओर से शुरुआती तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी आग लगने के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है. घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है. अधिकारियों के अनुसार, होटल में आग का पता लगाने और आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे या उनकी उपलब्धता बेहद सीमित थी.

क्या बोला हादसे में बचा युवक?

हादसे से बच निकलने वाली एक मेहमान मुनमुन मंडल ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा, "अचानक पूरा होटल धुएं से भर गया. हम सांस नहीं ले पा रहे थे और तुरंत भागने का रास्ता भी नहीं ढूंढ पा रहे थे." उनके बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग के बाद होटल के भीतर कितनी तेजी से धुआं फैला और मेहमानों को बाहर निकलने में किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

क्या होटल में नहीं थी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था?

होटल में आग की रोकथाम और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अब प्रशासन होटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच कर रहा है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किस वजह से लगी और क्या होटल में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था.

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