महाराष्ट्र में हादसा फिर कर्नाटक पुलिस कैसे करेगी अजित पवार प्लेन क्रैश की जांच? बेंगलुरु में FIR के मायने समझें
अजित पवार विमान हादसे को लेकर रोहित पवार ने महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज न होने के बाद कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ‘जीरो FIR’ दर्ज कराकर पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है.
Ajit Pawar
महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए अजित पवार विमान हादसे को लेकर सियासत और जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है. पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े इस मामले में अब कानूनी लड़ाई राज्य की सीमाओं से बाहर निकल चुकी है. एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज न होने के बाद कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ‘जीरो FIR’ दर्ज कराकर पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है.
पुणे, बारामती और मुंबई में लगातार कोशिशों के बावजूद मामला दर्ज न होने से नाराज रोहित पवार ने आखिरकार शेषाद्रीपुरम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. यह शिकायत इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड, 2023 की धारा 173(1) के तहत दर्ज की गई है, जिससे अब इस मामले की जांच का दायरा और गहरा हो गया है.
बेंगलुरु में FIR क्यों?
रोहित पवार का आरोप है कि उन्होंने मुंबई (मरीन ड्राइव) और बारामती में कई बार एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया. ऐसी स्थिति में उन्होंने कर्नाटक जाकर ‘जीरो FIR’ दर्ज कराने का फैसला लिया, जिससे मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ सके.
‘जीरो FIR’ क्या होती है?
भारतीय कानून के अनुसार, ‘जीरो FIR’ किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जा सकती है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो. बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज यह जीरो FIR अब प्रक्रिया के तहत महाराष्ट्र पुलिस, विशेष रूप से बारामती रूरल पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है.
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल तकनीकी जांच से आगे बढ़कर संभावित आपराधिक साजिश की जांच की मांग करता है, जबकि अब तक एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) केवल तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा था.
क्या बोले रोहित पवार?
रोहित पवार ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा “हमने महाराष्ट्र में कई जगहों पर केस रजिस्टर करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी, फिर हम कर्नाटक गए. कर्नाटक सरकार न्याय दिलाने के लिए आगे बढ़ी है. उन्होंने ज़ीरो FIR दर्ज करके DG को भेज दी है. रोहित ने कहा कि अजित पवार के प्लेन क्रैश के बारे में केस रजिस्टर कर लिया गया है. हमने जो कर सकते थे, किया, फॉलोअप किया.”
किन पर लगे हैं आरोप?
रोहित पवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में विमान ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स, डीजीसीए (DGCA) के कुछ अधिकारियों और अज्ञात साजिशकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है. इन पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, दस्तावेज़ों में कथित हेरफेर और आपराधिक लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
जांच में क्या बदल सकता है?
इस ‘जीरो FIR’ के बाद अब जांच केवल तकनीकी सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपराधिक पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल हो सकती है. इससे मामले में नए खुलासों की संभावना बढ़ गई है और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है.




