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बजट सत्र से पहले बड़ा सवाल: अजित पवार की गैरमौजूदगी में वित्त विभाग की कमान किसके हाथ?

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार के सामने बजट और वित्त मंत्रालय की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. परंपरा के अनुसार फिलहाल इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है. जानिए कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

बजट सत्र से पहले बड़ा सवाल: अजित पवार की गैरमौजूदगी में वित्त विभाग की कमान किसके हाथ?
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( Image Source:  ANI/Facebook )

महाराष्ट्र की सियासत और प्रशासन इस वक्त एक असाधारण दौर से गुजर रहा है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार के सामने सबसे अहम चुनौती वित्त विभाग को संभालने की है. 23 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र और मार्च के पहले हफ्ते में पेश होने वाले बजट से ठीक पहले उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद वित्त विभाग की कमान संभालेंगे, या फिर गठबंधन के भीतर कोई नया संतुलन तलाशा जाएगा? इस सवाल का जवाब सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की आर्थिक दिशा तय करेगा.

अजित पवार के निधन से प्रशासनिक कामकाज पर असर

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य सरकार को न केवल राजनीतिक बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा झटका लगा है. बजट सत्र से ठीक पहले उनके जाने से सरकार की तैयारियों पर असर पड़ा है. राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री के अधीन रहे सभी विभागों की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चली गई है. तीन दिन के राजकीय शोक के बाद इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी.

अगला वित्त मंत्री कौन?

सबसे पहली प्राथमिकता के तौर पर वर्तमान में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संभालने की संभावना है. सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के अनुसार जब तक नया वित्त मंत्री नामित नहीं होता है, अजित पवार के विभाग (वित्त) के प्रशासनिक कार्य की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास चली गई है. क्योंकि फडणवीस सरकार के प्रमुख हैं और बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य जल्द आने हैं.

महाराष्ट्र सरकार के नियमों के अनुसार यदि कोई मंत्री अचानक नहीं रहते तो उसका विभाग मुख्यमंत्री या वरिष्ठ मंत्री के पास आता है. एक मंत्री राज्य के वित्तीय मामलों के प्रमुख प्रमोटर के रूप में देखा जाता है, इसलिए सीएम को अस्थायी रूप से दिया जाना आम प्रशासनिक प्रक्रिया है.

संभावित वित्त मंत्री

अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि किसे स्थायी रूप से महाराष्ट्र का वित्त मंत्री बनाया जाएगा, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के किसी वरिष्ठ बीजेपी/शिंदे गुट

के मंत्री को यह जिम्मेदारी मिल सकती है.

Deputy CM) एकनाथ शिंदे जमीनी राजनीति से निकले नेता हैं और मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हालांकि, वित्त मंत्रालय तकनीकी और नीति-प्रधान विभाग है, फिर भी राजनीतिक संतुलन के लिए उनका नाम संभावनाओं में गिना जा रहा है. इस समूह को प्राथमिकता इसलिए दी जा सकती है कि वित्त मंत्रालय में राजनीतिक स्थिरता और गठबंधन संतुलन बनाए रखना होगा.

भविष्य में पार्टी-स्तरीय बदलाव का प्रभाव

अजित पवार की पार्टी NCP (अजित पवार धड़ा) का नेतृत्व अब सवाल में है. इससे सरकार में विभागों के आवंटन का भी प्रभाव हो सकता है. यदि NCP का रुख बदलता है या कोई बड़ा गठबंधन पुनर्गठन होता है तो वित्त मंत्रालय के लिए अलग राजनीतिक समझौते की आवश्यकता होगी. इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है.

सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की जानी-मानी राजनीतिक शख्सियत और अजित पवार की पत्नी हैं. वे नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़ी रही हैं और 2024 में राज्यसभा सांसद के रूप में संसद पहुंचीं. सुनेत्रा पवार को अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल लेकिन प्रभावशाली नेता माना जाता है.

राजनीति के साथ-साथ सुनेत्रा पवार शिक्षा, सहकार और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रही हैं. बारामती क्षेत्र में उनका मजबूत सामाजिक जुड़ाव माना जाता है. वे विवादों से दूर रहकर संगठनात्मक और सामाजिक भूमिका निभाने के लिए जानी जाती हैं.

फिलहाल, वित्त विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चली गई है. यह प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार है. स्थायी वित्त मंत्री के लिए अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं आई है; वरिष्ठ मंत्रियों या गठबंधन समीकरण के आधार पर अगला नाम तय होगा. राजनीतिक समीकरण (जैसे NCP नेतृत्व) भी तय करेगा कि भविष्य में वित्त मंत्रालय किसे सौंपा जाएगा?

इस मामले में सबसे अहम फैक्टर यह है कि फडणवीस सरकार में अजित पवार जैसा राजनीतिक और आर्थिक समझ वाला नेता फिलहाल सरकार में कोई नहीं, इसलिए फैसला बेहद सोच-समझकर लिया जाएगा.

बजट सत्र नजदीक, कब शुरू होगी अहम प्रक्रिया

महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होना है, जबकि बजट मार्च के पहले सप्ताह में पेश किया जाएगा. ऐसे में वित्त जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी संभालना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.

आशीष जायसवाल का बयान: फडणवीस ही बेस्ट विकल्प

वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा कि अजित पवार की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन मौजूदा हालात में मुख्यमंत्री फडणवीस ही बजट संभालने में सक्षम हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीपी के पास वित्त और कृषि जैसे अहम विभाग थे, इसलिए गठबंधन दलों के बीच चर्चा जरूरी होगी.

आचार संहिता से बजट तैयारी में देरी

जायसवाल के मुताबिक, जिला परिषद चुनाव, आदर्श आचार संहिता और स्थानीय निकाय चुनावों के चलते कई अहम बैठकें समय पर नहीं हो सकीं. जिला नियोजन समितियां अभी अपने खर्च प्रस्तावों को अंतिम रूप दे रही हैं.

ऐसी थी अजित पवार की कार्यशैली

आशीष जायसवाल ने अजित पवार की कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि अनुशासन उनकी सबसे बड़ी पहचान थी. वे समय के पाबंद थे और फैसलों में कभी असमंजस नहीं रखते थे. हां का मतलब हां और ना का मतलब ना.

रिकॉर्ड बनाने से पहले अलविदा कह गए अजित पवार

अजित पवार इस साल अपना 12वां राज्य बजट पेश करने वाले थे. अगर ऐसा होता, तो वे महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाले दूसरे वित्त मंत्री बन जाते. उनसे आगे केवल शेषराव वानखेड़े थे, जिन्होंने 13 बार बजट पेश किया था.

महाराष्ट्र की राजनीति में खालीपन

11 बजट पेश कर चुके अजित पवार पहले ही इस सूची में दूसरे स्थान पर थे। उनका अचानक जाना न केवल सरकार के लिए बल्कि राज्य की वित्तीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है.

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