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फुटबॉल मैच के दौरान हादसा, आग में झुलसे 30 लोग! आतिशबाजी ने बिगाड़ा खेल | VIDEO

Kerala News: मंगलवार को केरल के मलप्पुरम जिले स्थित अरिकोड शहर में फुटबॉल मैच के शुरू होने से पहले बड़ा हादसा हो गया. स्टेडियम में मैच शुरू होने से पहले कुछ लोगों मे आतिशबाजी की और बहुत सारे पटाखे जलाए. इससे अचानक आग लग गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

फुटबॉल मैच के दौरान हादसा, आग में झुलसे 30 लोग! आतिशबाजी ने बिगाड़ा खेल | VIDEO
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( Image Source:  @statemirrornews )

Kerala Football Match Accident: केरल में मंगलवार को फुटबॉल मैच के दौरान बड़ा हादसा हो गया. मलप्पुरम जिले के अरिकोड शहर में 30 से ज्यादा लोग मैच खेल रहे थे. तभी अचानक आग लगने से झुलस गए. यह घटना खेल शुरू होने से पहले हुई थी. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरीकोड पुलिस ने बताया कि आग लगने से करीब 40 लोग घायल हो गए. मैच शुरू होने से पहले पटाखे फोड़े गए थे तभी आग लग गई. घायलों का इलाज पास के एक प्राइवेट हॉस्पिल में चल रहा है. हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है.

कैसे हुआ हादसा?

फुटबॉल मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे. यूनाइटेड एफसी नेल्लिकुथु और केएनजी मावूर के बीच फाइनल मैच से पहले आतिशबाजी की गई. तभी आग गल गई और हादसा हो गया. घायलों में ज्यादातर बच्चे हैं. पुलिस अधिकारी ने बताया कि "यह घटना पटाखे फूटे और मैदान में फैल गए, जहां लोग मैच देखने के लिए बैठे थे." फुटबॉल समिति ने कहा कि वह घायलों के इलाज का खर्च उठाएगी. बता दें कि फुटबॉल टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल से कहीं ज्यादा है. यह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जो समुदायों को एक साथ लाता है.

जंगल में भी लगी आग

इससे पहले सोमवार को वायनाड के कंबामाला जंगल में भी आग लगी थी. आग से घास के मैदान का एक हिस्सा नष्ट हो गया था. इसके बाद मंगलवार को मनंतावडी के पास उन्हीं पहाड़ियों में फिर से आग लग गई. वन विभाग को शक है कि यह कोई 'प्राकृतिक घटना' नहीं थी. वन अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को जंगल में करीब 10 हेक्टेयर घास के मैदान आग से नष्ट हो गए. वन और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. हालांकि, मंगलवार को उसी पहाड़ी पर एक बार फिर आग की लपटें फैल गईं.

इस हादसे पर वायनाड के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) मार्टिन लवेल ने कहा कि आग प्राकृतिक नहीं लगती. उन्होंने कहा कि किसी ने जानबूझकर आग लगाई होगी, क्योंकि यह घटना जंगल के अंदर घास के मैदानों में हुई, जहां आमतौर पर ऐसी आग प्राकृतिक रूप से नहीं लगती. अधिकारी ने कहा, 'जब हमने स्थिति की जांच की, तो हमें समझ में आया कि आग की घटनाएं उन दिनों हुई हैं जब इलाके में बाघों की समस्या थी. इसलिए हमें शक है कि जंगल में जानबूझकर आग लगाई गई थी.'

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