34 फिल्में, 20 फ्लॉप, सिर्फ 4 ब्लॉकबस्टर... फिर भी shahid Kapoor कैसे हैं 300 करोड़ के मालिक
शाहिद कपूर ऐसे एक्टर हैं, जो चॉकलेट ब्वॉय से दंबग स्टार बने हैं. शुरुआत में एक्टर ने सॉफ्ट फिल्में की, लेकिन उन्होंने कमीने, उड़ता पंजाब और हैदर जैसी फिल्मों से साबित कर दिया कि वह एक्टिंग के मामले में किसी से कम नहीं हैं.
बॉलीवुड में हिट देना आसान नहीं और फ्लॉप झेलना तो उससे भी मुश्किल. लेकिन सोचिए अगर कोई स्टार 30 से ज्यादा फिल्मों में काम करे, 20 से ज्यादा फ्लॉप्स दे, फिर भी वह आज भी अपने लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाना जाए तो? यह एक्टर और कोई नहीं बल्कि वर्सेटाइल एक्टर शाहिद कपूर हैं.
अपने करियर में बैक टू बैक फ्लॉप के बाद भी आज वह 300 करोड़ के मालिक हैं. 2003 में इश्क विश्क से डेब्यू करने वाला ‘चॉकलेट बॉय’ आज करोड़ों की नेटवर्थ, वर्ली के सी-फेसिंग घर और तगड़ी फीस के साथ इंडस्ट्री का बड़ा नाम है. लेकिन आखिर कैसे चलिए जानते हैं?
कौन-सी हैं शाहिद की फ्लॉप फिल्में?
शाहिद के करियर में कई ऐसी फिल्में आईं जो बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाईं. फिदा, दिल मांगे मोर, मौसम, शानदार जैसी फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं. लेकिन हर फ्लॉप के बाद उन्होंने खुद को नए अंदाज में पेश किया. कभी रोमांटिक हीरो, कभी इंटेंस एक्टर, तो कभी डांसिंग स्टार. यही लगातार बदलाव उनकी असली ताकत बना.
इन चार फिल्मों ने बदला गेम
जहां कई फिल्में एवरेज रहीं, वहीं कुछ ने पूरा पासा पलट दिया. इनमें 'विवाह' (31 Cr, हिट), 'जब वी मेट' (31 Cr, हिट), 'पद्मावत' (302 Cr, ब्लॉकबस्टर), 'कबीर सिंह' (278 Cr, सोलो लीड ब्लॉकबस्टर) शामिल हैं. ‘कबीर सिंह’ ने सोलो लीड के तौर पर उन्हें 200+ करोड़ क्लब में पहुंचाया और स्टार पावर को नए लेवल पर सेट कर दिया.
शाहिद कपूर की कितनी है फीस?
करियर की शुरुआत में जहां फीस लाखों में थी, वहीं अब रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहिद एक फिल्म के लिए 30-40 करोड़ तक चार्ज करते हैं. बड़े प्रोजेक्ट्स में प्रॉफिट शेयरिंग भी शामिल होती है. ओटीटी पर Farzi जैसी सीरीज ने भी उनकी कमाई और पॉपुलैरिटी दोनों बढ़ाईं.
फिल्मों के अलावा शाहिद कैसे कमाते हैं पैसे?
शाहिद की नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा ब्रांड एंडोर्समेंट, रियल एस्टेट और पर्सनल इन्वेस्टमेंट से आता है. वर्ली में उनका सी-फेसिंग अपार्टमेंट, लग्जरी कार कलेक्शन और अपना क्लोदिंग ब्रांड सब मिलकर उनकी लाइफस्टाइल को ‘सुपरस्टार’ टच देते हैं. शाहिद कपूर का करियर बताता है कि सिर्फ हिट्स नहीं, बल्कि निरंतरता मायने रखती है. फ्लॉप्स ने उन्हें एक्सपेरिमेंट करना सिखाया, और सही मौके पर आई बड़ी हिट्स ने उनकी मार्केट वैल्यू कई गुना बढ़ा दी.




