राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, चेक बाउंस मामले में नहीं भरे 5 करोड़, वकील ने ऐसे दी सफाई
राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं. करीब 9 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता को 5 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया था. 5 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई और अगले दिन तक भुगतान करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी.
राजपाल यादव कर्ज से जुड़े मामले में एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया था, लेकिन अदालत के मुताबिक उन्होंने अब तक इसका पालन नहीं किया. 5 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए भुगतान के लिए एक दिन का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी.
यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली की एक फर्म से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. इसके बाद राजपाल यादव के लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया. समय के साथ ब्याज और दूसरे शुल्क जुड़ते गए और बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने कोर्ट में सफाई देते हुए कहा कि 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की एक फोटोकॉपी अदालत में पेश की गई है... यह कल तक दिल्ली पहुंच जाएगी. इसके बाद शिकायतकर्ता ने कहा कि वह एक फिल्म अभिनेता हैं, वह यहां भी एक्टिंग कर रहे हैं... संस्था के प्रति कोई सम्मान नहीं... इसके जवाब में उपाध्याय ने कहा वे गरीब नहीं हैं.. "बैंक 3-4 दिनों के लिए बंद थे..."
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "आपको दो सप्ताह का समय दिया गया था...आपका समय समाप्त हो चुका है...आप समय बढ़ाने के लिए एक कानूनी याचिका दायर कर सकते थे... "शिकायतकर्ता ने फिर कहा कि कुल राशि 7.5 करोड़ रुपये है...उन्हें अवमानना के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए फिर आखिर में मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया कि कल तक भुगतान कर दिया जाए...इस मामले को परसों सुनवाई के लिए पहली सूची में शामिल करें..."
सुप्रीम कोर्ट ने 5 करोड़ जमा करने को कहा था
15 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को अंतरिम राहत देते हुए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी थी. इसके साथ ही उन्हें 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था. 5 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि अभिनेता ने इस आदेश का पालन नहीं किया है. उनके वकील ने अदालत में 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की फोटोकॉपी पेश की और कहा कि यह रकम जल्द दिल्ली पहुंच जाएगी.
कोर्ट ने लगाई फटकार, बुधवार को फिर सुनवाई
राजपाल यादव के वकील ने भुगतान में देरी की वजह बताते हुए कहा कि बैंक 3-4 दिनों तक बंद थे. इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें पहले ही दो हफ्ते का समय दिया गया था और अब वह समय खत्म हो चुका है. शिकायतकर्ता की ओर से बताया गया कि कुल बकाया राशि 7.5 करोड़ रुपये है और अभिनेता को अवमानना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. कोर्ट ने राजपाल यादव को अगले दिन तक भुगतान करने का निर्देश दिया और मामले को बुधवार को पहली सूची में सुनवाई के लिए रखने को कहा.




