चुनाव आयोग के खिलाफ आरोपों और SIR को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सोमवार को दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पूर्व IAS अधिकारियों, पूर्व दिल्ली उपराज्यपाल नजीब जंग और दूसरे वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने और उन्हें ज्ञापन सौंपने पहुंचा था. लेकिन चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास भारी पुलिस और पैरामिलिट्री बल की तैनाती के चलते उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली. प्रतिनिधिमंडल में करीब 15 लोग थे, जिनमें कई वरिष्ठ और बुजुर्ग पूर्व अधिकारी शामिल थे. इस दौरान BSF, CISF, SSB समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की मौजूदगी ने भी सवाल खड़े किए. पूर्व अधिकारियों ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या था कि महज एक ज्ञापन देने जा रहे लोगों को रोकने के लिए पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया? वहीं, नजीब जंग और योगेंद्र यादव ने SIR, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग तक उठा दी.