बोल उस गाने के जिसमें छिपा था नाना पाटेकर की जिंदगी का सार, खुद बताया था कैसा है उनका जीवन
नाना पाटेकर अपनी बेबाक और सादगी भरी बातों के लिए जाने जाते हैं. अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में उन्होंने जिंदगी का फलसफा एक पुराने गीत के जरिए बताया. वहीं, 2023 के एक इंटरव्यू में नाना ने अपनी ‘आखिरी संपत्ति’ का भी जिक्र किया था. उन्होंने बताया कि क्यों उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए सूखी लकड़ियां संभालकर रखी हैं.
हिंदी फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया है. सुबह 5.20 पर उन्होंने अंतिम सांस ली. वह 75 साल के थे. नाना को हर कोई अपने तरीके से याद कर रहा है. कोई उनके जीवन से जुड़े किस्से साझा कर रहा है तो कोई उन्हें याद करते हुए उनके पुराने वीडियो शेयर कर रहा है तो कोई पुराने इंटरव्यू. इस सिलेसिले में अब किस्सा हम भी शेयर कर रहे हैं जब वो कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर पहुंचे थे.
नाना पाटेकर एक बार अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेा करोड़पति के सेट पर पहुंचे थे. यहां पर उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी का सार एक गाने में छिपा है और वो गाना था 1965 में आई फिल्म हम दोनों का जो देवआनंद पर फिल्माया गया था. उस गीत के बोल हैं, 'मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया'.
यह गाना मोहम्मद रफी ने गया है जबकि इसके बोल साहिर लुधियावनी के हैं. गाने के संगीतगार जयदेव थे. आगे नाना कहते हैं कि जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया, जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया. इसके बाद एपिसोड में अमिताभ कहते हैं मान्यवर बहुत अच्छा गाना है ये, साथ ही नाना से कहते हैं, 'एक बार अपने सुर में सुना दीजिए'.इसके बाद नाना गाना गाते हैं और अमिताभ बच्चन से कहते हैं कि अब आप गाइए. फिर दोनों साथ में मिलकर गाना गाते हैं.फिर दोनों एक दूसरे को गले लगा लेते हैं.
इस वीडियो को सोनी लिव इंडिया ने शेयर करते हए लिखा था, 'जिस इंसान ने पर्दे पर इतनी सारी जिंदगी जीं, यह गाना उन्हें उनके घर तक ले जाए'. दरअसल शो पर नाना अनिल शर्मा द्वारा डायरेक्ट की गई फिल्म 'वनवास' को प्रमोट करने आए थे. फिल्म 20 दिसबंर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह एक इमोशनल पारिवारिक ड्रामा है, जो बुढ़ापे और रिश्तों की संवेदनाओं पर आधारित है.
इस फिल्म में नाना पाटेकर के अलावा उत्कर्ष शर्मा, सिमरत कौर, राजपाल यादव और अश्विनी कलसेकर मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म 'वनवास' दीपक त्यागी बढ़ती उम्र के साथ भूलने की बीमारी (डिमेंशिया/याददाश्त कमजोर होने) से पीड़ित होते हैं. फिल्म में नाना पाटेकर ने दीपक त्यागी नामक एक वृद्ध (बुजुर्ग) व्यक्ति का किरदार निभाया था. वे अपनी पत्नी को बहुत प्यार करते थे जिनका निधन हो चुका है, लेकिन बीमारी के कारण उन्हें अक्सर केवल अपनी पत्नी और छोटे बच्चों की याद रहती है. उन्हें यह भी याद नहीं रहता कि उनके तीनों बेटे अब बड़े हो चुके हैं, उनकी शादियां हो चुकी हैं और उनके खुद के बच्चे हैं.
फिल्म में यह दिखाया गया है कि कैसे अपनों के बीच उपेक्षित रहने के बाद, एक अनजान और अनाथ युवक (उत्कर्ष शर्मा द्वारा निभाया गया किरदार) उनका सहारा बनता है और उन्हें अपनापन देता है.
क्या हैं गाने के पूरे बोल?
मैं जिन्दगी का साथ निभाता चला गया
हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया
हर फिक्र को धुएं में उड़ा
बरबादियों का शोक मनाना फजूल था
बरबादियों का शोक मनाना फजूल था
मनाना फजूल था मनाना फजूल था
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया
हर फिक्र को धुएं में उड़ा
जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया
जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया
मुकद्दर समझ लिया मुकद्दर समझ लिया
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया
हर फिक्र को धुएं में उड़ा
गम और खुशी में फर्क न महसूस हो जहां
गम और खुशी में फर्क न महसूस हो जहां
न महसूस हो जहां न महसूस हो जहां
मैं दिल को उस मुकाम पे लाता चला गया
मैं दिल को उस मुकाम पे लाता चला गया
मैं जिन्दगी का साथ निभाता चला गया
हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया
क्या थी नाना की आखिरी संपत्ति'?
इससे पहले 2023 के एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि उन्होंने इंडस्ट्री में कितने लोगों को वक्त के साथ बदलते देखा है. ग्लैमर की दुनिया में कदम रखने के बाद कई लोग शोहरत और चकाचौंध में खुद को बदल लेते हैं, लेकिन आप आखिर किस मिट्टी के बने हैं कि इतनी चमक-दमक के बावजूद आपके अंदर वो बनावट नहीं आई? इस पर नाना ने अपने अंदाज में कहा था कि इंसान चाहे कितनी भी बड़ी पहचान बना ले, एक दिन उसे दुनिया से विदा होना ही है. इसी सोच को उन्होंने बेहद साधारण शब्दों में बयां किया था.
एक्टर ने कहा था कि 'हमको मालूम है कल जाना है, हमको बारह मन लकड़ी लगने वाली है. उतनी ही लगनी है.'नाना ने अपनी लकड़ियों को ही अपनी 'आखिरी संपत्ति' बताया था. उन्होंने कहा था कि जितनी लकड़ी उनके अंतिम संस्कार के लिए चाहिए होगी, उतनी उन्होंने जुटाकर रखी है.
गीली लकड़ी जलाओगे तो धुआं आएगा
इस इंटरव्यू में एक्टर ने यह भी बताया कि उन्होंने सूखी लकड़ी जमा करके रखी है. 'गिली लकड़ी नहीं जलाना है. गीली लकड़ी जलाओगे तो धुआं आएगा, जिसके कारण दोस्त लोग अगल बगल के सभी लोग जमा होंगे उनके आंख में जाएगा फिर पानी आएगा आंख से और फिर मरते वक्त गलत फहमी होगी कि मेरे लिए रो रहे हैं, तो कम से कम मरते वक्त गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.'




