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'दो लाइन गा दो' पर भड़के Kailash Kher, बोले- कलाकार कोई जोकर नहीं, सचिन को बोलकर दिखाओ ऐसा

दिल्ली में हुए एक बड़े कार्यक्रम में कैलाश खेर ने “दो लाइन गा दो” कहने की परंपरा को कलाकारों के सम्मान के खिलाफ बताया. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

इवेंट में क्यों भड़के कैलाश खेर?
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इवेंट में क्यों भड़के कैलाश खेर?
( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 26 April 2026 11:19 AM

सार्वजनिक कार्यक्रमों और समारोहों में अक्सर यह देखा जाता है कि होस्ट सिंगर्स से कहते हैं, 'भाई, दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए दो-चार लाइन गा दो.' ज्यादातर सिंगर्स इस अनुरोध को मान लेते हैं. लेकिन मशहूर सिंगर कैलाश खेर (Kailash Kher) इसे कलाकार की गरिमा और सम्मान के खिलाफ मानते हैं. हाल ही में, 25 अप्रैल 2026 को दिल्ली के ताज पैलेस में हेल्थकेयर सेक्टर के सातवें सिक्स सिग्मा लीडरशिप समिट का आयोजन हुआ. इस इवेंट में कैलाश खेर भी शामिल थे. अवार्ड्स सेरेमनी के दौरान जब मेजबान ने उनसे कुछ लाइन्स गाने का अनुरोध किया, तो कैलाश खेर काफी नाराज हो गए. उन्होंने साफ-साफ मना कर दिया और इस प्रथा की खुलकर आलोचना की.

कैलाश खेर ने कहा, 'यही बात मैं बदलना चाहता हूं यही मेरे मन में चुभ रही है. सिंगर और म्यूजिशियन से इस तरह अनुरोध नहीं किया जाना चाहिए कि 'बस दो लाइन गा दो, मूड बना दो.' यह बहुत गलत है कृपया ऐसा अनुरोध ही मत कीजिए.'

मंच पर क्या बोल गया कैलाश?

उन्होंने आगे उदाहरण देते हुए कहा, 'क्या आप सचिन तेंदुलकर से कहेंगे कि ‘जरा एक छक्का मार के दिखा दो’? या किसी सैनिक से कहेंगे कि 'अपनी पोजीशन लेकर एक गोली चला दो’? नहीं ना! फिर कलाकार के साथ ऐसा क्यों किया जाता है? कलाकार को जोकर मत बनाइए. साधक को महज मनोरंजन का साधन मत बनाइए. कलाकार और साधक अपने मन के होते हैं. उनकी कला उनके दिल से निकलती है. जब उनका मन हो, तभी वे गाते हैं. उन्हें जबरदस्ती या छोटे-मोटे अनुरोध से गाने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए.'

क्या रहा लोगों का रिएक्शन

कैलाश खेर के इस दृढ़ और स्पष्ट जवाब पर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई. कुछ लोगों ने उनकी बात से पूरा सहमति जताई और लिखा, 'दमदार जवाब! आखिरकार किसी ने यह सच्ची बात कह दी.' वहीं कुछ लोगों ने उनकी आलोचना भी की. एक यूजर ने लिखा, 'अगर दो लाइन गाने से किसी के चेहरे पर स्माइल आ सकती है, तो इसमें क्या बुराई है? यह तो अच्छी बात है.' एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की, 'अगर कोई बड़ा निर्देशक, फिल्म प्रोड्यूसर, अमीर बिजनेसमैन या कोई स्टार उनसे शादी या पार्टी में गाने को कहे, तो वे ऐसा जवाब नहीं देते. तब तो तुरंत गाना शुरू कर देते हैं.'

कैलाश खेर के बारे में

कैलाश खेर ने अपने करियर की शुरुआत जिंगल्स गाकर की थी. उन्होंने कोका-कोला, पेप्सी, सिटीबैंक, आईपीएल और होंडा मोटरसाइकिल जैसी बड़ी कंपनियों के लिए जिंगल्स गाए. साल 2003 में फिल्म 'वैसे भी होता है पार्ट II' के गाने 'अल्लाह के बंदे' से उन्हें बहुत बड़ी सफलता मिली. इसके बाद 2004 में उन्होंने अपने दो भाइयों परेश और नरेश कामथ के साथ मिलकर अपना बैंड 'कैलासा' बनाया. 2006 में उनके पहले एल्बम में गाना 'तेरी दीवानी' आया, जो पूरे भारत में बेहद पॉपुलर हो गया. उसके बाद उन्होंने कई यादगार गाने दिए, जैसे: 'या रब्बा' (सलाम-ए-इश्क), 'कौन हैं वो' (बाहुबली: द बिगिनिंग), 'जय जयकारा' और 'जल रही है चिता' (बाहुबली 2: द कंक्लूजन) कैलाश खेर अपनी सुलफुली आवाज और इमोशनल सिंगिंग के लिए जाने जाते हैं.

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