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Rhea Chakraborty को बड़ी राहत: कोर्ट ने अनफ्रीज किए बैंक खाते, NCB की कार्रवाई पर उठे सवाल

रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, उनके फ्रीज बैंक खाते खोलने का आदेश दिया गया. अदालत ने पाया कि NCB ने NDPS कानून की तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया था.

रिया चक्रवर्ती को कोर्ट से राहत
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रिया चक्रवर्ती को कोर्ट से राहत
( Image Source:  Instagram: rhea_chakraborty )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Published on: 26 April 2026 9:31 AM

रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को बड़ी राहत मिली है. एक विशेष NDPS अदालत ने उनके और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के बैंक खातों को अनफ्रीज (खोलने) का आदेश दे दिया है. ये बैंक खाते साल 2020 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान फ्रीज कर दिए थे. उस समय ड्रग्स रैकेट से जुड़ी जांच चल रही थी. अब शनिवार को अदालत ने इन खातों को फिर से इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है.

अदालत ने राहत क्यों दी?

अदालत का यह फैसला मुख्य रूप से कानूनी प्रक्रिया की खामी पर आधारित था. NDPS कानून की धारा 68एफ के मुताबिक, अगर किसी की संपत्ति या बैंक खातों को फ्रीज करना हो, तो एजेंसी को 30 दिनों के अंदर सक्षम अधिकारी से इसकी कन्फर्मेशन करानी जरूरी होती है. अदालत ने पाया कि NCB इस जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं कर पाई. अदालत ने साफ कहा कि कानून में लिखा है- फ्रीज करने का आदेश तब तक पूरी तरह लागू नहीं माना जाएगा, जब तक 30 दिनों के अंदर उसकी पुष्टि न हो जाए. इस मामले में ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई थी। इसलिए अदालत ने माना कि खातों को फ्रीज करना कानूनी रूप से गलत और अमान्य था.

बचाव पक्ष का तर्क

रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक ने अपने वकीलों अयाज खान और ज़ेहरा चरानिया के जरिए अदालत में याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा कि NCB ने खातों को फ्रीज करते समय उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया. समय सीमा के अंदर जरूरी मंजूरी नहीं ली गई, इसलिए यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध थी.

NCB का विरोध

NCB की तरफ से इस याचिका का पुरजोर विरोध किया गया. प्रॉसिक्यूटर्स ने कहा कि रिया चक्रवर्ती के अपने बयानों में ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ाव की बात सामने आई थी. इसलिए खातों को फ्रीज करने के पर्याप्त कारण थे और जांच के दौरान की गई यह कार्रवाई बिल्कुल सही थी.

अदालत का अंतिम फैसला

अदालत ने अभियोजन पक्ष के सभी तर्कों को ध्यान से सुना, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि कानून में दी गई समय सीमा और प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है. अगर एजेंसी उसका पालन नहीं करती, तो ऐसी कार्रवाई को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती. चूंकि 30 दिनों के अंदर जरूरी पुष्टि का आदेश नहीं लिया गया था, इसलिए खातों को फ्रीज रखना गलत था। अदालत ने इसी आधार पर दोनों के बैंक खातों को तुरंत अनफ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया.

क्या था मामला?

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स से जुड़े आरोपों के चलते रिया चक्रवर्ती को सितंबर 2020 में NCB ने गिरफ्तार किया था. उन पर दिवंगत एक्टर को ड्रग्स देने और लेने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, सिर्फ 28 दिनों की जेल के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी. अब अदालत के इस फैसले से रिया चक्रवर्ती और उनके भाई को काफी राहत मिली है, क्योंकि उनके फ्रीज किए गए बैंक खाते अब फिर से सामान्य हो गए हैं. यह फैसला दिखाता है कि कानूनी प्रक्रिया का सही से पालन करना कितना जरूरी है, भले ही मामला कितना भी गंभीर क्यों न हो.

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