महिलाएं धोखा देने में नहीं हिचकिचाती! प्यार में खाई चोट आज भी नहीं भूले Gaurav Gera, शादी से करते हैं परहेज
धुरंधर: द रिवेंज' से मिली नई पहचान के बाद गौरव गेरा ने अपने करियर और निजी जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि एक पुराने रिश्ते का दर्द आज भी उनके दिल में गहराई से मौजूद है.
एक्टर गौरव गेरा (Gaurav Gera) इन दिनों अपनी फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में निभाए गए किरदार 'आलम' के लिए खूब तारीफें बटोर रहे हैं. फिल्म में उनके शानदार एक्टिंग की वजह से उन्हें नई पहचान और सराहना मिल रही है. सालों से जिस सफलता का इंतजार वो कर रहे थे, आखिरकार वो पल अब उनकी जिंदगी में आया है. लेकिन करियर में आगे बढ़ते हुए भी गौरव अपनी पर्सनल लाइफ के एक पुराने और डीप चैप्टर को भूल नहीं पाए हैं. वो रिश्ता आज भी उनके मन पर गहरी छाप छोड़े हुए है और उनके रिश्तों और जीवन को देखने के तरीके को लगातार प्रभावित कर रहा है.
ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ एक खुलकर और सच्ची बातचीत में गौरव गेरा ने अपने उस पुराने रिश्ते के बारे में बहुत ईमानदारी से बात की. उन्होंने कहा, 'एक समय ऐसा था जब मैं किसी से बहुत गहरे प्यार में डूबा हुआ था. लेकिन उस अनुभव के बाद मैं कभी भी उस तरह के गहरे प्यार में वापस नहीं जाना चाहता. मैं अब किसी को भी अपने जीवन में इतनी इम्पोर्टेंस नहीं देना चाहता कि उसके पास मुझे चोट पहुंचाने की ताकत हो जाए.'
क्या है महिलाओं से दिक्कत?
रिश्तों को लेकर अपनी सोच शेयर करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि ज्यादातर महिलाएं पुरानी बातों को जल्दी भूल जाती हैं और आगे बढ़ जाती हैं. कुछ लोग तो धोखा देने में भी बिल्कुल नहीं हिचकिचाते और उन्हें इस बात का कोई फर्क भी नहीं पड़ता.' अटेंशन और अट्रैक्शन के बारे में बात करते हुए गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'धुरंधर फिल्म आने से पहले भी मुझे महिलाओं का काफी अटेंशन मिलती थी. लेकिन अब तो मैं बस एक 'अंकल' जैसा दिखने लगा हूं. यह कहकर उन्होंने खुद पर हल्का-फुल्का मजाक भी उड़ाया.
डांस से शुरू हुआ सफर
गौरव गेरा का सफर फिल्मों और टीवी से बहुत पहले शुरू हुआ था. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक प्रोफेशनल डांसर के रूप में की थी. डांस ही उस समय उनकी आमदनी का मुख्य जरिया था. मुंबई आने के सिर्फ एक साल के अंदर उन्हें अपना पहला टेलीविजन शो मिल गया. शो का नाम था 'लाइफ नहीं लड्डू'. यह एक प्राइम टाइम शो था और बड़े चैनल पर ब्रॉडकास्ट होता था. गौरव ने कहा, 'यह मेरा पहला शो था और वो भी प्राइम टाइम का. मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं. उस शो में उन्हें मनोज पाहवा और संजय मिश्रा जैसे दिग्गज एक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला.'
गौरव ने याद करते हुए कहा, 'हम सबने शूटिंग एक परिवार की तरह की. उस समय मैं सिर्फ 23 साल का था और उन्होंने मेरे साथ बहुत प्यार और सम्मान से व्यवहार किया.' इसके बाद उन्होंने कई शो किए, लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट आया जब उन्हें 'जस्सी जैसी कोई नहीं' शो में काम करने का मौका मिला. यह 2000 के दशक की शुरुआत का सबसे बड़ा हिट शो था. इसी शो में उनकी मुलाकात एक्ट्रेस मोना सिंह से हुई और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती बन गई. गौरव ने बताया, 'आज भी हम अच्छे दोस्त हैं.'
डिजिटल दुनिया के शुरुआती खिलाड़ी
गौरव गेरा उन शुरुआती एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने बहुत पहले डिजिटल कंटेंट बनाना शुरू कर दिया था. उन्होंने बताया, 'मैंने 2010 में ही कंटेंट बनाना शुरू कर दिया था. उस समय ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन भी नहीं थे.' लेकिन व्यस्त टेलीविजन और थिएटर के शेड्यूल की वजह से उन्हें बाद में यह काम रोकना पड़ा. उसी दौरान वे गुड़गांव के किंगडम ऑफ ड्रीम्स में म्यूजिकल प्ले 'झुमरू' का भी हिस्सा रहे. उन्होंने इसे ब्रॉडवे जैसा शानदार अनुभव बताया. गौरव ने कहा, 'सोमवार से शुक्रवार मैं मुंबई में टीवी शो की शूटिंग करता था और वीकेंड पर गुड़गांव जाकर 'झुमरू' परफॉर्म करता था.' उस समय वे 'तोता वेड्स मैना' और 'पम्मी प्यारेलाल' जैसे शो में भी काम कर रहे थे.
'धुरंधर' के बाद बदला कॉन्फिडेंस
लंबे करियर के बावजूद गौरव मानते हैं कि 'धुरंधर: द रिवेंज' फिल्म ने उन्हें एक नई तरह की पहचान और सम्मान दिलाया है. उन्होंने कहा, 'धुरंधर के बाद मुझे ज्यादा सम्मान मिलने लगा है. आज भी लोग मुझे उतना ज्यादा नहीं पहचानते, लेकिन मेरा कॉन्फिडेंस पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है. मुझे इसकी बहुत जरूरत थी.'
1998 का वो पुराना लेटर
पिछले महीने गौरव ने अपनी एक बहुत पुरानी और निजी याद को सबके साथ शेयर किया. उन्होंने 1998 में अपने माता-पिता को लिखा एक हाथ से लिखा हुआ लेटर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उस लेटर में उन्होंने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों की मुश्किलों के बारे में लिखा था, 'छोटी सी झोपड़ी में रहना, पैसे का जुगाड़ करना और उम्मीद बनाए रखना. लेटर में लिखा था, 'मम्मी और पापा, भविष्य बहुत उज्ज्वल है, लेकिन मुझे अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. लगभग 28 साल बाद उस लेटरको देखते हुए गौरव ने कहा, 'उतार-चढ़ाव भरी यह यात्रा बहुत खूबसूरत रही है. मैं अपने 23 साल के उस युवा स्वयं को धन्यवाद देना चाहता हूं कि वो हमेशा आशावादी बना रहा.'




