आज भी मर्दों को वर्जिन लड़कियां चाहिए! Neena Gupta के बेबाक बयान ने फिर मचाई हलचल, बताया हम किस तरह के भारत में रहते हैं
नीना गुप्ता ने हाल ही में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में विवियन रिचर्ड्स के साथ अपने रिश्ते और मसाबा के जन्म को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने सिंगल मदर बनने की चुनौतियों और भारतीय समाज में वर्जिनिटी की सोच पर भी तीखी टिप्पणी की.
नीना गुप्ता (Neena Gupta) ने हाल ही में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट 'Unplugged' में बहुत खुलकर अपनी जिंदगी के उस खास हिस्से के बारे में बात की, जो मशहूर वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से जुड़ा था. उस समय बॉलीवुड में सिंगल मदर बनने या बिना शादी के बच्चा होने पर इतनी खुली चर्चा नहीं होती थी, लेकिन नीना ने चुपचाप यह सब जीया और अब बेबाकी से बता रही हैं. जब शुभंकर ने सीधे पूछा कि क्या आप दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, तो नीना ने हंसते हुए जवाब दिया, 'जाकर विवियन से पूछो ना! सब उनसे पूछने से डरते हैं, सिर्फ मुझसे ही क्यों पूछ रहे हो?. लेकिन फिर उन्होंने माना कि हां, उन्हें लगता है कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे.
हालांकि साथ ज्यादा समय नहीं बिताया, लेकिन जो समय साथ था, वो बहुत खूबसूरत और अच्छा था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि यह रिश्ता गलत था. जब उनसे पूछा गया कि शादी क्यों नहीं की?. नीना ने साफ कहा कि शादी करना व्यावहारिक नहीं था. या तो उन्हें अपनी एक्टिंग की नौकरी छोड़कर वेस्टइंडीज जाना पड़ता, या विवियन को अपना क्रिकेट करियर छोड़कर भारत आना पड़ता। दोनों ही चीजें मुमकिन नहीं थीं. दो अलग-अलग देश, दो अलग करियर कोई आसान रास्ता नहीं निकला.
विर्जिनिटी पर क्या बोलीं नीना?
शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में नीना गुप्ता ने भारतीय समाज की पुरानी सोच के बारे में बहुत बेबाकी और सच्चाई से बात की. उन्होंने खास तौर पर शादी के समय लड़कियों की 'कुंवारी' (virginity) होने को लेकर समाज की सोच पर रोशनी डाली. नीना ने बताया कि आज भी भारतीय समाज में ज्यादातर पुरुष वर्जिन ही ढूंढते हैं. उन्होंने सीधे कहा, 'वे वर्जिन पत्नी चाहते हैं' जब शुभंकर ने पूछा कि क्या आज के समय में भी विर्जिनिटी इतना बड़ा मुद्दा है, तो नीना ने जवाब दिया कि हां, बिल्कुल वैसा ही है.
यह वो भारत नहीं है
उन्होंने कहा, 'अब क्या बदल गया है? क्या आप भारत की बात कर रहे हैं? कौन कहता है कि लोग खुले विचारों वाले हो गए हैं?. नीना ने आगे समझाया कि हमारे देश में बहुत सी पुरानी परंपराएं और सोच आज भी नहीं बदली हैं. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं आज भी सिर पर पल्लू डालकर ससुर के पैर छूती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा, 'आप और मैं अल्पसंख्यक हैं, हम असली भारत नहीं हैं. हम जैसे लोग जो अच्छे कपड़े पहनते हैं, अच्छे से बात करते हैं, पढ़े-लिखे हैं, शहरों में रहते हैं वो असली भारत नहीं हैं..'
मसाबा को जन्म देने का फैसला
नीना ने कहा कि उस समय वो प्यार में पूरी तरह 'अंधी' हो गई थी. प्यार में पड़ने पर इंसान दूसरों की बात नहीं सुनता, ना ही सोच-समझकर फैसला लेता है. माता-पिता की सलाह भी नहीं मानता. बच्चा पैदा करना उनका अपना व्यक्तिगत फैसला था. उन्होंने विवियन से पूछा कि क्या उन्हें कोई ऐतराज़ है अगर वो उनका बच्चा जन्म देती हैं, और विवियन ने हां कह दिया. नीना ने बताया कि विवियन ने कभी सार्वजनिक रूप से मसाबा को अपनी बेटी मानने में कोई झिझक नहीं दिखाई.
अकेले बच्चे को पालना कितन मुश्किल?
नीना ने इस बात को कम नहीं आंका. उन्होंने कहा कि अकेले बच्चे की परवरिश करना बहुत-बहुत मुश्किल होता है. बच्चे के लिए भी यह अच्छा नहीं होता इसलिए उन्होंने दूसरों को सलाह दी कि इस बारे में बहुत सोच-समझकर फैसला लें. इस दौरान नीना ने खुद को एक कमजोर महिला के तौर बताया जबकि दुनिया उन्हें बहुत स्ट्रांग मानती है क्योंकि उन्होंने उस दौर में विद्रोह किया जब महिलाओं के लिए विद्रोह जैसे शब्द भी बैन थे. उन्होंने कहा, 'लोग मुझे जब स्ट्रांग कहते है मुझे इस शब्द से नफरत है. मैं खुद के बारें में सोचती हूं लेकिन मैं एक बहुत ही कमजोर महिला हूं.' नीना ने अपने बचपन का एक किस्सा याद करते हुए बताया कि जब वह छोटी थी वह बाल्टी ले जाकर दूध लेने जाती थी. अगर कोई उनकी बाल्टी हटा देता था वो लड़ने के बजाए रोते हुए घर आ जाती थी और शिकायत करती थी कि देखो मेरी बाल्टी हटा दी.' नीना ने कहा, 'इंसान तब मजबूत होता जब उसपर कोई तकलीफ आती है. मैं उन में से हूं जब मुझपर कोई तकलीफ आती है मैं बहुत स्ट्रांग हो जाती हूं.'
विवियन से कभी पैसे क्यों नहीं मांगे?
नीना ने बताया कि मसाबा की परवरिश के दौरान उन्होंने विवियन से कभी आर्थिक मदद नहीं मांगी वजह? उनका बहुत स्वाभिमान था. उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा करने का मन ही नहीं हुआ।" उन्होंने अपने माता-पिता से भी कभी पैसे नहीं मांगे, क्योंकि वे पहले से ही उनके एक्टर बनने के खिलाफ थे. उन्हें लगता था कि एक्टिंग कोई सम्मानजनक प्रोफेशन नहीं है. चूंकि नीना उनकी इच्छा के खिलाफ मुंबई आई थीं, इसलिए उनसे पैसे मांगना उनके लिए नामुमकिन था.





