Diljit Dosanjh का Dil-Luminati Tour बना देश का सबसे बड़ा कॉन्सर्ट; 943 करोड़ का रेवेन्यू, 1 लाख ज्यादा लोगों को रोजगार!
दिलजीत दोसांझ के Dil-Luminati Tour ने भारत में 10 से ज्यादा शहरों में 13-14 कॉन्सर्ट किए, जिन्हें देखने 3.2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे. Ernst & Young की रिपोर्ट के मुताबिक इस टूर से देश की अर्थव्यवस्था में करीब 943 करोड़ रुपये का आर्थिक असर पड़ा.
दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने साल 2024 में अपने 'Dil-Luminati Tour' के जरिए भारत में एक नया इतिहास रच दिया. यह टूर सिर्फ म्यूजिक कॉन्सर्ट नहीं था, बल्कि यह देश के लिए बहुत बड़ा आर्थिक फायदा लेकर आया. यह टूर दो महीनों में भारत के 10 से ज्यादा शहरों में हुआ था. इसमें नई दिल्ली (26 अक्टूबर 2024), हैदराबाद (15 नवंबर), अहमदाबाद (17 नवंबर), लखनऊ (22 नवंबर), पुणे (24 नवंबर), कोलकाता (30 नवंबर), बेंगलुरु (6 दिसंबर), चंडीगढ़ (23 दिसंबर) और गुवाहाटी (29 दिसंबर) जैसे शहर शामिल थे। गुवाहाटी में इसका आखिरी शो हुआ, जिसने साल को धमाकेदार तरीके से खत्म किया.
कुल मिलाकर भारत में 13-14 शो हुए और 3 लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों ने टिकट खरीदकर इन शो में हिस्सा लिया. अब Ernst & Young (ईवाई) नाम की एक बड़ी कंपनी ने इस टूर पर एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, दिलजीत के इस भारत टूर ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 943 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया यानी इतना पैसा अलग-अलग तरीकों से देश में घूमा और लोगों-व्यवसायों को फायदा हुआ. यह अब तक का भारत का सबसे ज्यादा कमाई वाला कॉन्सर्ट टूर बन गया है.
इस 943 करोड़ में क्या-क्या शामिल है?
- डायरेक्ट रेवेन्यू: लगभग 276 करोड़ रुपये. इसमें टिकट बिक्री, स्पॉन्सरशिप और कॉन्सर्ट में खाने-पीने जैसी चीजों से होने वाली कमाई शामिल है.
- टिकट बिक्री से ही इसका बड़ा हिस्सा (करीब 80%) आया. ज्यादातर टिकट ज़ोमैटो लाइव ऐप पर ऑनलाइन बिके, यानी डिजिटल तरीके से टिकट खरीदना अब बहुत आम हो गया है.
- बाकी पैसा इनडायरेक्ट तरीके से आया : लगभग 553 करोड़ रुपये. यह पैसा तब खर्च हुआ जब लोग कॉन्सर्ट देखने के लिए दूसरे शहर गए, होटल में रुके, खाना खाया, ट्रैवल किया, लोकल दुकानों से सामान खरीदा, टैक्सी ली आदि. यानी कॉन्सर्ट के आसपास के सारे काम-धंधे चमक उठे.
- सरकार को भी फायदा हुआ, जैसे GST और दूसरे टैक्स से करीब 114 करोड़ रुपये आए.
क्या 1 लाख से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार?
इस टूर ने सिर्फ पैसा ही नहीं कमाया, बल्कि बहुत सारे लोगों को काम भी दिया. रिपोर्ट कहती है कि इससे 1 लाख 18 हजार ह्यूमन डे का एम्प्लॉयमेंट बना. मतलब इतने सारे लोगों को कई दिनों तक काम मिला- जैसे स्टेज बनाने वाले, लाइट-साउंड वाले, होटल स्टाफ, ट्रैवल एजेंट, खाने-पीने की दुकानें, लोकल विक्रेता आदि. एक खास बात यह भी है कि जो लोग इन शो में आए, उनमें से 38% लोग दूसरे शहरों से आए थे. इनमें से आधे से ज्यादा लोगों ने अपनी यात्रा को और लंबा कर दिया यानी वे सिर्फ कॉन्सर्ट देखकर नहीं लौटे, बल्कि घूमने-फिरने में भी समय और पैसा खर्च किया. इससे पर्यटन और होटल बिजनेस को बहुत फायदा हुआ.
क्या हो अगर ब्लैकमार्केटिंग खत्म हो जाए?
खास करके टियर-2 और टियर-3 शहरों से बहुत सारे लोग आए. पूरे टूर में आने वाले दर्शकों में से 49% लोग ऐसे शहरों से थे. पहले पंजाबी संगीत और ऐसे बड़े शो ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब छोटे शहरों में भी लोगों की कमाई बढ़ रही है और वे ऐसे मजेदार अनुभवों पर खर्च करने को तैयार हैं. अगर भविष्य में ब्लैक मार्केटिंग की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाए, तो टिकट की असली कीमत पर और ज्यादा बिक्री होगी और सीधा पैसा इससे भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि इस टूर में भी कई जगहों पर टिकट काला बाजार में महंगे बिके थे. कुल मिलाकर, दिलजीत दोसांझ का दिल-लुमिनाती टूर सिर्फ गाने-बजाने का कॉन्सर्ट नहीं था. यह एक बड़ा सांस्कृतिक और आर्थिक धमाका था, जिसने देश भर में खुशी, रोजगार, पर्यटन और पैसा फैलाया. यह दिखाता है कि अच्छे लाइव इवेंट्स कितनी ताकत से अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं.




