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अनरिलीज़्ड फिल्म Seeta Salma Suzy, जो थी 'अमर अकबर एंथनी' का फीमेल वर्जन; जानें पूरा किस्सा

सुधा चंद्रन ने हालिया इंटरव्यू में अपनी अनरिलीज़ फिल्म ‘सीता सलमा सूज़ी’ और पति रवि डांग से पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कैसे एक अधूरी फिल्म ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया.

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( Image Source:  IMDB )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 2 March 2026 12:00 PM IST

सुधा चंद्रन (Sudha Chandran) जैसी मेहनती और सफल एक्ट्रेस हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में बहुत कम देखने को मिलती हैं. उन्होंने अपने लंबे करियर में कई अलग-अलग तरह के रोल किए हैं और हर बार खुद को नए सिरे से पेश किया है. क्लासिक फिल्म 'मयूरी' में उन्होंने जो जबरदस्त एक्टिंग की थी, उससे लेकर एकता कपूर के साथ मिलकर टीवी पर कई बड़े शो करने तक, सुधा ने हमेशा अपनी अलग पहचान बनाए रखी है.

हाल ही में हाउटरफ्लाई के साथ एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने अपने शुरुआती दिनों की एक बहुत दिलचस्प और अनसुनी कहानी बताई. उन्होंने एक ऐसी फिल्म के बारे में खुलासा किया जो कभी रिलीज ही नहीं हो पाई. उस फिल्म का नाम था 'सीता सलमा सूज़ी' यह फिल्म असल में मशहूर क्लासिक फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' का महिला वर्जन थी यानी तीन अलग-अलग किरदारों वाली कहानी को महिलाओं के इर्द-गिर्द बनाया गया था.

'अमर अकबर एंथनी' को देना था टक्कर

सुधा ने बताया, 'हम उस समय बहुत जोश से उस फिल्म पर काम कर रहे थे. हम सबको लग रहा था कि हम 'अमर अकबर एंथनी' को एक नया रूप दे रहे हैं.' फिल्म में सुधा चंद्रन के अलावा अर्चना पूरन सिंह और मून मून सेन जैसी एक्ट्रेस भी थीं. हीरो के रोल में जीत उपेंद्र थे, और बाकी कलाकारों में शेखर सुमन और बंगाली एक्टर एस.डी. बनर्जी भी शामिल थे. निर्देशक एक मुस्लिम भाई थे, जिनका नाम कमर नरवी साहब था. लेकिन अफसोस की बात है कि यह फिल्म पूरी हो गई थी, फिर भी कभी रिलीज नहीं हुई. बस कुछ गाने या ऑडियो कैसेट तक ही पहुंच पाए.

कैसे सुधा चंद्रन की पति से हुई मुलाकात?

इसी अनरिलीज़्ड फिल्म की शूटिंग के दौरान सुधा की मुलाकात अपने पति रवि डांग से हुई. रवि उस प्रोजेक्ट में एसोसिएट डायरेक्टर की भूमिका में थे. सुधा ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'मुझे लगता था कि ज्यादातर निराश एक्टर आखिरकार असिस्टेंट डायरेक्टर बन जाते हैं, लेकिन उनके अंदर एक्टिंग का शौक हमेशा जिंदा रहता है. रवि छह फुट लंबे थे और बहुत हैंडसम लगते थे. मैं सोचती थी कि शायद ये एक्टर बनने आए थे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए, इसलिए अब फाइलें लेकर इधर-उधर घूम रहे हैं.'

बेहद घमंडी थे रवि डांग

शुरुआत में उनकी मुलाकात बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी. सुधा बताती हैं, 'मैं हर सुबह उन्हें 'गुड मॉर्निंग' कहती थी, लेकिन वे कभी जवाब नहीं देते थे. मुझे लगा कि ये एसोसिएट डायरेक्टर बहुत घमंडी हैं. एक दिन मैंने उनसे सीधे पूछ लिया, 'क्या प्रॉब्लम है? क्या आप अपनी गर्लफ्रेंड से लड़कर यहां आए हैं?' उन्होंने कहा, 'मैडम, मुझे आपकी बात समझ नहीं आई.' फिर मैंने कहा कि आप मेरी गुड मॉर्निंग का जवाब क्यों नहीं देते. उनका जवाब था, 'मैडम, मुझे गुड मॉर्निंग कहने के लिए पैसे नहीं मिलते. मुझे तो बस काम करने के लिए पैसे मिलते हैं, और मैं अपने प्रोड्यूसर के लिए काम कर रहा हूं.' यह सुनकर सुधा को बहुत अच्छा लगा. उन्हें लगा कि इस शख्स में सचमुच दम है और ईमानदारी है. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, समझदारी बनी और प्यार हो गया.

आसान नहीं था शादी का फैसला

लेकिन शादी का फैसला इतना आसान नहीं था. सुधा की मां को इंडस्ट्री से किसी लड़के से शादी बिल्कुल पसंद नहीं थी. उन्होंने साफ मना कर दिया. सुधा ने अपने पिता से बात की और कहा, 'पापा, अगर मेरी शादी होगी तो इसी लड़के से.' पिता ने बहुत प्यार से जवाब दिया, 'सुधा, मैं रवि को नहीं जानता, लेकिन मैं तुम्हें अच्छे से जानता हूं. मेरी बेटी कभी गलत फैसला नहीं ले सकती. अगर तुमने उसे चुना है, तो उसमें जरूर कोई खास बात होगी.'

सुधा का स्ट्रांग मैसेज

आखिरकार दोनों ने शादी कर ली और रवि सुधा के लिए बहुत बड़ा सपोर्ट बन गए. सुधा कहती हैं कि उनके करियर के कई बड़े फैसले, जैसे टीवी पर कहीं किसी रोज़ जैसे सीरियल करना, रवि के समर्थन से ही संभव हुए. लोग उन्हें डराते थे कि इतना काम करने से शादी टूट जाएगी, लेकिन रवि ने कहा, 'दुनिया क्या कहती है, उसकी परवाह मत करो. तुम्हें जो करना है, वो करो. यह मौका तुम्हारे लिए ही आया है.' रवि हमेशा सुधा को हिम्मत देते रहे. वे कहते हैं, 'तुम इतना क्यों सोचती हो? अभी अच्छी चीजें हो रही हैं और आगे भी अच्छी होती रहेंगी.' आज भी उनका साथ वैसा ही मजबूत और प्यार भरा है.

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