Dhurandhar के जवाब में पाकिस्तान में बना दी Mera Lyari, हाल जानकर रह जाएंगे हैरान, फिल्म की कहानी क्या?
आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ जहां दुनियाभर में ₹1350 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर रही है, वहीं पाकिस्तान की ‘मेरा ल्यारी’ पहले दिन सिर्फ 22 टिकटें बेच सकी.
हाल ही में आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म 'धुरंधर' (Dhurandhar) ने भारत में धमाल मचा दिया. यह फिल्म कमर्शियल रूप से बहुत सफल रही और क्रिटिक्स की भी तारीफ पाई. दर्शकों को फिल्म में काम करने वाले कलाकारों का एक्टिंग बहुत पसंद आया. भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में भी इस फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला. लेकिन पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हो गया. कुछ लोगों ने इसे पाकिस्तान के खिलाफ बताया और कहा कि इसके जवाब में पाकिस्तानी फिल्म 'मेरा ल्यारी' (Mera Lyari) बनाई जा रही है.
यह फिल्म 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, इस फिल्म को महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की कहानी पर बेस्ड स्पोर्ट्स ड्रामा के तौर पर दिखाया गया है. फिल्म में आयशा उमर, दानानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास जैसे कलाकारों ने काम किया है. निर्देशक अबू अलीहा हैं. रिलीज से पहले इस फिल्म को लेकर काफी चर्चा हुई थी क्योंकि सिंध प्रांत के मंत्री शरजील मेमन ने इसे 'भारत के नकारात्मक प्रचार' का जवाब बताया था. उन्होंने दावा किया कि यह फिल्म ल्यारी इलाके की सच्ची तस्वीर दिखाएगी जहां शांति, समृद्धि और गौरव है.
'धुरंधर' को कितनी टक्कर दे पाई पाक फिल्म?
हालांकि फिल्म बॉक्सऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही 'धुरंधर' को टक्कर देने के मामले में 'मेरा ल्यारी' की सिर्फ 22 टिकट बिकी. जबकि मंत्री शरजील मेमन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह धारणा बन गई थी कि 'मेरा ल्यारी' आदित्य धर की 'धुरंधर' फिल्म का पाकिस्तानी जवाब है. लोग इंतजार करने लगे कि दोनों फिल्मों में कैसी तुलना होगी. लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो नतीजा बिल्कुल उल्टा निकला. पाकिस्तान की सिटी मैगज़ीन की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के पहले दिन पूरे देश में सिर्फ 22 टिकटें ही बिकी. इतनी कम कमाई के कारण फिल्म को पहले दिन के बाद ही सिनेमाघरों से हटा दिया गया. पाकिस्तानी सिनेमा पर नजर रखने वाले सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि फिल्म की कहानी, प्रेजेंटेशन और कमर्शियल अपील दर्शकों को जोड़ नहीं पाई. लिमिटेड स्क्रीन्स और मार्केटिंग की कमी भी इसके फ्लॉप होने की बड़ी वजह बनी.
क्या होनी चाहिए तुलना?
फिल्म के निर्माताओं और निर्देशक ने हालांकि साफ-साफ कहा कि यह फिल्म 'धुरंधर' का जवाब नहीं है. दिसंबर 2025 में निर्देशक अबू अलीहा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी फिल्म तीन महीने पहले ही पूरी हो चुकी थी. 'धुरंधर' का टीजर आने से भी बहुत पहले यह तैयार थी. उन्होंने आगे बताया, 'हमारी फिल्म 'मेरा ल्यारी' ल्यारी और वहां के लोगों की बेहद इंस्पायरिंग कहानी होगी. यह एक छोटी, सुंदर फिल्म है जिसका अंत दर्शकों को अच्छा और पॉजिटिव एहसास देता है. इसे माता-पिता और बच्चों दोनों के लिए बनाया गया है. इसे किसी तीन सौ करोड़ रुपये के बजट वाली बॉलीवुड एक्शन फिल्म से तुलना नहीं करनी चाहिए.'
सोशल मीडिया पर जारी बहस
हालांकि दोनों फिल्मों को लेकर बहस अभी भी जारी है. एक तरफ धुरंधर ने भारत में सफलता के झंडे गाड़ दिए, वहीं दूसरी तरफ मेरा ल्यारी अपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और बहुत कमजोर ओपनिंग के साथ फ्लॉप हो गई. वहीं जहां मेरा 'मेरा ल्यारी' सिर्फ 22 टिकट बेच पाई वहीं 'धुरंधर' ने दुनिया भर में ₹1350.83 करोड़ की कमाई की. भारत में इसने ₹895.96 करोड़ की नेट कमाई की. विदेशों में इसने ₹293.03 करोड़ की कमाई की.
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म मुख्य रूप से दो युवा लड़कियों की कहानी है जो फुटबॉल के जरिए अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करती हैं. अफसाना बलोच (दानानीर मोबीन). अफसाना एक टैलेंटेड और फुटबॉल की दीवानी लड़की है. वह मैट्रिक की स्टूडेंट है और फुटबॉल खेलना चाहती है. लेकिन उसके पिता अरिफ बलोच (नैयर एजाज) बहुत रूढ़िवादी और पुरुष-प्रधान सोच रखते हैं. वह अपनी बेटी को फुटबॉल खेलने की इजाजत नहीं देते. वे मानते हैं कि लड़कियों को घर संभालना चाहिए, न कि मैदान पर खेलना. पिता की ज्यादतियां घर में भी होती हैं वे अपनी पत्नी को भी पीटते हैं. अफसाना की मां शकीरा (सामिया मुमताज) अपनी बेटी का सपना समझती हैं, लेकिन वे खुद पति के दबाव और बेटा पैदा करने की सामाजिक मजबूरी में फंसी हुई हैं. फिल्म में एक अहम मोड़ तब आता है जब बेहनाज बलोच (आयशा उमर) ल्यारी वापस आती है. बेहनाज एक पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी और कोच हैं. घरेलू हिंसा के कारण उन्हें चोट लगी थी, जिसके चलते वे फुटबॉल खेल नहीं पाती. वे ल्यारी से बाहर जा चुकी थी, लेकिन अब वापस आकर लड़कियों को फुटबॉल सिखाने लगती हैं. बेहनाज अफसाना की टैलेंट देखकर उसे ट्रेनिंग देती है. साथ ही कुशमाला (ट्रिनेट लुकास) नाम की एक और लड़की भी जुड़ती है, जो जबरन शादी से बचकर फुटबॉल के रास्ते पर आती है.




