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Criminal Justice: A Family Matter : कितनी मास्टरस्ट्रोक है क्राइम थ्रिलर, कोर्टरूम ड्रामा को लेकर क्या रहा यूजर्स का रिएक्शन

शुरुआत है करते हैं पंकज त्रिपाठी उर्फ माधव मिश्रा के किरदार से जो फिर से छा गए हैं. उनकी माइक्रो एक्टिंग स्किल, मजेदार वन-लाइनर्स, और आम आदमी की छवि दर्शकों को बांधे रखती है. हालांकि, कुछ क्रिटिक्स का मानना है कि वह इस तरह के किरदारों को बार-बार निभाकर अपनी डाइवर्सिटी को लिमिटेड कर रहे हैं.

Criminal Justice: A Family Matter : कितनी मास्टरस्ट्रोक है क्राइम थ्रिलर, कोर्टरूम ड्रामा को लेकर क्या रहा यूजर्स का रिएक्शन
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( Image Source:  Youtube : JioHotstar )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 29 May 2025 7:00 PM IST

क्रिमिनल जस्टिस: अ फॅमिली मैटर सीजन 4 में पंकज त्रिपाठी एक बार फिर वकील माधव मिश्रा के रूप में लौटे हैं, जो इस बार एक जटिल मर्डर मिस्ट्री से जूझते नजर आते हैं. कहानी डॉ. राज नागपाल (मोहम्मद जीशान अय्यूब) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर अपनी गर्लफ्रेंड और नर्स रोशनी सलूजा (आशा नेगी) की हत्या का आरोप है.

मामले में ट्विस्ट तब आता है जब राज की पत्नी अंजू (सुरवीन चावला) भी इस मर्डर में सह-आरोपी बन जाती है. माधव मिश्रा को इस हाई-प्रोफाइल केस में सच और झूठ के बीच की जंग लड़नी पड़ती है, जिसमें तीन अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं। कहानी पारिवारिक रिश्तों, विश्वासघात, और नैतिक दुविधाओं को उजागर करती है.

कैसी रही परफॉर्मेंस

शुरुआत है करते हैं पंकज त्रिपाठी उर्फ माधव मिश्रा के किरदार से जो फिर से छा गए हैं. उनकी माइक्रो एक्टिंग स्किल, मजेदार वन-लाइनर्स, और आम आदमी की छवि दर्शकों को बांधे रखती है. हालांकि, कुछ क्रिटिक्स का मानना है कि वह इस तरह के किरदारों को बार-बार निभाकर अपनी डाइवर्सिटी को लिमिटेड कर रहे हैं. वहीं अंजू के किरदार में सुरवीन चावला ने बेहतरीन एक्टिंग किया है. उनकी भावनात्मक गहराई और किरदार की जटिलता इस सीजन का हाईलाइट है. कई क्रिटिक्स ने उनकी परफॉर्मेंस को सीजन का सबसे मजबूत हिस्सा बताया। उनके अलावा राज नागपाल के किरदार में मोहम्मद जीशान अय्यूब ने अपनी एक्टिंग में गहराई से काम किया है, खासकर जेल में अपनी बेटी के साथ उनके दृश्य दिल को छूते हैं. आशा नेगी, श्वेता बासु प्रसाद, और अन्य कलाकारों का किरदार सीमित है, लेकिन प्रभावी है. श्वेता बासु प्रसाद (लेखा पिरामल) और मिता वशिष्ठ ने भी अपने किरदारों को बखूबी निभाया है, हालांकि कुछ सब-प्लॉट्स को कम महत्वपूर्ण माना गया.

डारेक्टिंग और स्क्रिप्टिंग

रोहन सिप्पी का निर्देशन इस सीजन में सॉलिड है, जो कोर्टरूम ड्रामे को मर्डर मिस्ट्री और फैमिली ड्रामे के साथ बैलेंस करता है. राइटर्स (हरमन वडाला, संदीप जैन, समीर मिश्रा) ने कहानी में तार्किक ट्विस्ट्स और रहस्य बनाए रखा है, हालांकि कुछ क्रिटिक्स का कहना है कि मिड के एपिसोड्स में पेसिंग थोड़ी धीमी हो जाती है. रोशनी के किरदार को और गहराई देने की गुंजाइश थी.

क्या है खासियत और क्या है कमी

यह सीजन न केवल मर्डर मिस्ट्री पर ही फोकस्ड नहीं है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य, और मोरैलिटी जैसे जटिल मुद्दों को भी छूता है. एक कोर्टरूम ड्रामा होने के नाते यह कोर्टरूम दृश्यों में तनाव और तर्क-वितर्क का शानदार प्रदर्शन है, जो दर्शकों को बांधे रखता है. वहीं माधव और उनकी पत्नी रत्ना (खुशबू अत्रे) की हल्की-फुल्की नोंक-झोंक कहानी में कॉमेडी टच देने में कामयाब रही. लेकिन बात करें कमियों कि तो, जियो हॉटस्टार ने केवल तीन एपिसोड्स रिलीज किए, जिससे कई दर्शकों ने बिंज-वॉचिंग अनुभव की कमी महसूस की और सोशल मीडिया पर निराशा जाहिर की. कुछ एपिसोड्स में कहानी धीमी लगती है, खासकर पारिवारिक सब-प्लॉट्स में. रोशनी सलूजा (आशा नेगी) और कुछ अन्य किरदारों को और स्क्रीन टाइम या बैकग्राउंड की जरूरत थी.

सोशल मीडिया रिएक्शन

एक्स पर दर्शकों ने सीजन 4 की तारीफ की है, खासकर पंकज त्रिपाठी की परफॉर्मेंस और कहानी के रहस्यमयी फैक्ट्स की. हालांकि, कई यूजर्स ने केवल तीन एपिसोड्स रिलीज होने पर नाराजगी जताई, इसे बिंज-वॉचिंग के अनुभव को खराब करने वाला बताया. एक यूजर ने लिखा, 'केवल 3 एपिसोड्स रिलीज करना ऑडियंस के साथ खिलवाड़ है.' हालांकि अगर आप इस क्राइम थ्रिलर का आनंद लेना चाहते हैं तो यह जियो हॉटस्टार पर, 29 मई 2025 से स्ट्रीम हो चुकी है.

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