फ्लाइट की तरह ट्रेन में भी ये सामान ले जाने पर होती है पाबंदी, क्या कहते हैं नियम?
ट्रेन में सफर के दौरान कुछ सामान का ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. रेलवे का कहना है कि नियमों की अनदेखी से आग या बड़ा हादसा हो सकता है और दोषी पर जुर्माना या जेल की कार्रवाई भी हो सकती है.
Things ban in train: देश में हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. लंबी दूरी तय करनी हो या पास के शहर जाना हो, रेलवे आम लोगों की लाइफलाइन बना हुआ है. लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे यात्री भी हैं जिन्हें ट्रेन यात्रा से जुड़े सभी जरूरी नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती. कई बार लोग अनजाने में ऐसे काम कर बैठते हैं जो रेलवे नियमों के खिलाफ होते हैं.
भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि सुरक्षा से जुड़े नियमों को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. इसके लिए आपको भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है और कई मामलों में जेल भी हो सकती है. आइये जानते हैं वह कौनसी चीजें हैं जिन्हें ट्रेन में ले जाना मना है.
ट्रेन में किन चीजों को ले जाने की है मनाही?
- रेलवे के नियमों के अनुसार ट्रेन में कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. यह फैसला यात्रियों की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. यदि कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
- ट्रेन में इलेक्ट्रिक स्टोव चलाना सख्त मना है. यह उपकरण बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करता है. कोच के अंदर जगह सीमित होती है और कई ज्वलनशील सामग्री मौजूद रहती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
- रॉड हीटर भी ट्रेन में बैन हैं. कई यात्री पानी गर्म करने के लिए इसे साथ ले आते हैं, लेकिन यह नियमों का उल्लंघन है. रॉड हीटर तेजी से तापमान बढ़ाता है और बिजली का ओवरलोड कर सकता है. इससे शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग का खतरा रहता हैय
- इंडक्शन कुकर का इस्तेमाल भी ट्रेन में नहीं किया जा सकता. इसमें भारी मात्रा में बिजली की खपत होती है, जो कोच की वायरिंग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती. तकनीकी खराबी या आग लगने की आशंका को देखते हुए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है.
- इलेक्ट्रिक केतली भी प्रतिबंधित वस्तुओं में शामिल है. आकार में छोटी होने के बावजूद यह ज्यादा गर्मी पैदा करती है. यदि वायरिंग पर दबाव बढ़े तो आग या शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन सकती है.
रेलवे का क्या कहना है?
रेलवे का कहना है कि इन सभी नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. ज्वलनशील माहौल में गर्मी या बिजली का गलत इस्तेमाल गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है. नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना से लेकर जेल तक की कार्रवाई हो सकती है.
उत्तर प्रदेश में किन लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई?
इसी के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए चार दिन का सघन चेकिंग अभियान चलाया. यह अभियान 19 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक चला. इसका उद्देश्य ट्रेनों में अवैध और खतरनाक सामान ले जाने वालों को पकड़ना था. रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, इसलिए स्टेशनों और ट्रेनों में समय-समय पर इस तरह की जांच की जाती है.
इस चार दिवसीय अभियान में कुल 9 लोग प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़े गए. इनके पास से पटाखे, पेट्रोलियम पदार्थ, गैस सिलेंडर, केरोसिन, सूखी झाड़ियां और नशीले पदार्थ बरामद किए गए. पकड़े गए लोगों के खिलाफ आरपीएफ या जीआरपी ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेन में ऐसी खतरनाक चीजें ले जाना अपराध है.
क्या है सज़ा?
रेलवे एक्ट के तहत दोषी को 1,000 रुपये तक का जुर्माना, तीन साल तक की कैद या दोनों सजाएं हो सकती हैं. ये सामग्रियां आग, विस्फोट या अन्य हादसों का कारण बन सकती हैं, जिससे सभी यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है. रेलवे ने कहा का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी. यात्रियों से अपील की गई है कि यदि ट्रेन या स्टेशन पर कोई संदिग्ध व्यक्ति, बैग या सामान दिखे तो तुरंत टीटीई या आरपीएफ जवान को सूचित करें.




