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भारत दौरे से इंस्पिरेशन, Tim Cook की एक नजर ने बदल दिया Apple का पूरा प्लान, Foldable iPhone बनने की क्या है पूरी कहानी

Apple के Foldable iPhone की कहानी बेहद दिलचस्प है. Tim Cook के एशिया दौरे से लेकर 6 साल की गुप्त इंजीनियरिंग तक, जानिए कैसे Apple ने अपने पहले फोल्डेबल फोन को तैयार किया और किन बड़ी तकनीकी चुनौतियों का सामना किया.

भारत दौरे से इंस्पिरेशन, Tim Cook की एक नजर ने बदल दिया Apple का पूरा प्लान, Foldable iPhone बनने की क्या है पूरी कहानी
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Apple Inc. के पहले फोल्डेबल iPhone का इंतजार अब खत्म होने वाला है. कंपनी आज यानी बुधवार को अपना पहला फोल्डेबल फोन पेश करने की तैयारी में है. यह डिवाइस iPhone के करीब 20 साल के इतिहास में सबसे बड़ा डिजाइन बदलाव माना जा रहा है. iPhone Apple की कुल बिक्री में करीब आधा हिस्सा रखता है.

इस फोल्डेबल iPhone की कहानी हालांकि हाल के सालों की नहीं है. कंपनी के भीतर इसकी तैयारी कई साल पहले शुरू हो गई थी. यहां तक कि Samsung के 2019 में पहला Galaxy Fold लॉन्च करने से भी पहले Apple के इंजीनियर फोल्डेबल फोन, डिस्प्ले और इससे जुड़ी तकनीकों पर काम कर रहे थे.

कैसे टिम कुक हुए थे प्रभावित?

करीब 2020 की बात है. Apple के तत्कालीन CEO Tim Cook एशिया के दौरे से लौटे तो वह एक नए प्रोडक्ट कैटेगरी को लेकर काफी उत्साहित थे. चीन और एशिया के दूसरे हिस्सों की यात्रा के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को Samsung Electronics, Huawei Technologies और दूसरी कंपनियों के फोल्डेबल फोन इस्तेमाल करते देखा था.

वहां से लौटने के बाद Cook को लगा कि Apple को भी इस बाजार में उतरना चाहिए. उन्होंने कंपनी के भीतर फोल्डेबल फोन के प्रयासों को तेज करने पर जोर दिया. Apple की हार्डवेयर इंजीनियरिंग टीम के भीतर मौजूद बेहद गोपनीय कोर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप पहले से ही फोल्डेबल फोन और उससे जुड़ी तकनीकों पर काम कर रहे थे. इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह काम Samsung के पहले Galaxy Fold से काफी पहले शुरू हो चुका था.

इस प्रोजेक्ट से जुड़े ज्यादातर लोगों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि Apple में यह काम बेहद गोपनीय था.

क्या था पहले आइडिया?

Apple के भीतर शुरुआत में यह भी तय नहीं था कि फोल्डेबल डिवाइस आखिर किस रूप में बनाया जाए. शुरुआती विचारों में से एक ऐसा डिवाइस बनाने का था, जो मूल रूप से iPad mini जैसा हो और खुलने पर एक बड़े टैबलेट में बदल जाए. लेकिन Tim Cook की दिलचस्पी ने प्रोजेक्ट की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई.

Cook का मानना था कि Apple को फोल्डेबल फोन के बाजार में जरूर उतरना चाहिए. इसके बाद कंपनी ने फोल्डेबल iPad से पहले फोल्डेबल iPhone बनाने पर ध्यान केंद्रित किया. Cook ने एशिया में फोल्डेबल फोन को आम लोगों के बीच इस्तेमाल होते देखा और कंपनी के भीतर इस कैटेगरी में Apple की मौजूदगी की जरूरत पर जोर दिया.

टिम कुक की कैसी रही भूमिका?

Tim Cook के CEO रहते Apple में उनकी भूमिका आमतौर पर कंपनी के वित्तीय मामलों और सप्लाई चेन पर ज्यादा केंद्रित मानी जाती थी. वह बड़े प्रोडक्ट फैसलों और प्रोडक्ट डेमोंस्ट्रेशन में जरूर शामिल होते थे, लेकिन नए प्रोडक्ट की शुरुआती कल्पना और डिजाइन तैयार करने के काम से आम तौर पर दूर रहते थे.

इसी वजह से फोल्डेबल फोन बनाने पर उनका जोर काफी महत्वपूर्ण माना गया. Cook की प्राथमिकता ने Apple के इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई. फोल्डेबल iPhone को Apple के इतिहास के सबसे जटिल हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है.

अब कौन संभाल रहा जिम्मेदारी?

फोल्डेबल iPhone की लॉन्चिंग Apple के नए CEO John Ternus के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगी. Ternus ने 1 सितंबर को CEO का पद संभाला है. नेतृत्व में बदलाव का समय इस तरह रखा गया था कि Apple के नए प्रोडक्ट्स के एक नए दौर की शुरुआत हो और फोल्डेबल iPhone को पेश करने का मौका Ternus को मिले.

Tim Cook अब कंपनी के Executive Chairman हैं और फोल्डेबल iPhone की लॉन्चिंग के दौरान वह दर्शकों के बीच होंगे. फोल्डेबल iPhone की जटिल इंजीनियरिंग Ternus के लिए अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा मौका भी है. Apple ने उन्हें एक ऐसे एग्जीक्यूटिव के तौर पर पेश किया है, जो इंजीनियरिंग बैकग्राउंड और कंपनी के डिवाइसेज पर लंबे अनुभव के दम पर नई पीढ़ी के इनोवेटिव प्रोडक्ट्स ला सकते हैं.

क्या है डिवाइस का कोड नेम?

Apple के भीतर इस डिवाइस का कोडनेम V68 रखा गया है. डेवलपमेंट के दौरान कुछ लोग इसे iPhone Ultra भी कहते थे, क्योंकि यह Apple की मौजूदा iPhone लाइनअप से ऊपर रखा जाने वाला प्रीमियम मॉडल होगा. इस फोन की कीमत शुरुआत से ही Apple के लिए एक बड़ा मुद्दा रही है. कंपनी लंबे समय से इसे एक बेहद प्रीमियम प्रोडक्ट के रूप में देख रही थी.

क्या हो सकती है कीमत?

फोल्डेबल iPhone की शुरुआती योजना में इसकी कीमत 1,999 डॉलर रखने का लक्ष्य था. इसका उद्देश्य 2,000 डॉलर की मनोवैज्ञानिक सीमा से थोड़ा नीचे रहना था. Apple ने 2017 में iPhone X के साथ भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी. तब कंपनी ने अपने सबसे प्रीमियम iPhone की कीमत 999 डॉलर रखी थी, यानी 1,000 डॉलर की सीमा से ठीक नीचे. लेकिन हाल के समय में Apple के भीतर फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,199 डॉलर तक रखने के विकल्प पर भी चर्चा हुई है.

प्रोजेक्ट से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, हाल के हफ्तों में अलग-अलग कीमतों पर विचार किया गया है और मेमोरी की कमी के कारण फोन की लागत Apple के तय किए गए लक्ष्य से ऊपर चली गई है.

फोन के कुछ ज्यादा स्टोरेज वाले वेरिएंट करीब 3,000 डॉलर तक पहुंच सकते हैं. इसके मुकाबले मौजूदा सामान्य iPhone की शुरुआती कीमत 799 डॉलर है, जबकि iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत 1,099 डॉलर है.

स्क्रीन के बारे में क्या डिटेल आई सामने?

फोल्डेबल iPhone में करीब 7.8 इंच का अंदरूनी डिस्प्ले होने की उम्मीद है. वहीं बाहर की डिस्पले 5.5 इंच स्क्रीन होने की उम्मीद है. यह स्क्रीन कई Android फोल्डेबल फोन की तुलना में काफी चौड़ी होगी, हालांकि ऐसा डिजाइन बिल्कुल नया नहीं है. Google ने 2023 में अपने पहले Pixel Fold में इसी तरह का डिजाइन इस्तेमाल किया था, लेकिन बाद में कंपनी ने इस डिजाइन से हटकर दूसरा फॉर्म फैक्टर अपनाया. Apple का मानना है कि चौड़ी अंदरूनी स्क्रीन वीडियो देखने और एक साथ कई काम करने के लिए बेहतर होगी.

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