स्टेट मिरर हिंदी के साथ बातचीत में राम मंदिर को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने निर्माण की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए. उनका दावा है कि मंदिर का मौजूदा ढांचा भविष्य में कमजोर साबित हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो बड़ा विवाद खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण और उद्घाटन के दौरान उन लोगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिन्होंने लंबे समय तक इस मामले के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी. साथ ही उन्होंने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों पर बड़े आरोप लगे थे, उनका अंतिम रिपोर्ट में उल्लेख तक नहीं है, जबकि छोटे लोगों को निशाना बनाया गया. वक्ता ने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर सरकार और बीजेपी केवल उपलब्धियों का श्रेय लेती है, लेकिन सवाल उठने पर जवाब देने से बचती है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में वर्षों तक अदालत में लड़ाई लड़ी और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बहस की.