Hartalika Teej 2026: व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, उपवास खोलते समय रखें इस बात का ध्यान
हरतालिका तीज के दिन पूजा से लेकर व्रत पूरा होने तक कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है. अगर आपका निर्जला व्रत है तो पहले ही भरपूर पानी पी लें. वहीं, व्रत खोलने पर तुरंत ज्यादा खाना न खाएं.
इस साल हरतालिका तीज 14 सिंतबर को मनाई जाएगी. मान्यता है कि माता पार्वती ने शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था. इसी वजह से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं. व्रत में सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है.
खासकर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को दिनभर अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए और पूजा की तैयारियां पहले से पूरी कर लेनी चाहिए. वहीं, व्रत खोलते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें. लंबे समय तक कुछ न खाने-पीने के बाद एकदम भारी खाना लेने के बजाय पहले पानी या हल्की चीज से शुरुआत करना बेहतर रहता है.
निर्जला व्रत में किस बात का रखें ध्यान
हरतालिका तीज पर कई महिलाएं बिना पानी के निर्जला व्रत रखती हैं. अगर आप भी ऐसा व्रत कर रही हैं तो अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें. व्रत से पहले भरपूर पानी पिएं और ऐसा भोजन लें जिससे शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहे. कमजोरी, चक्कर या तबीयत खराब लगे तो खुद पर ज्यादा दबाव डालना ठीक नहीं है.
कब करें पूजा की तैयारी?
तीज के दिन पूजा की चीजें जुटाने के लिए भागदौड़ करने के बजाय तैयारी एक दिन पहले कर लेना बेहतर रहता है. पूजा में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा श्रद्धा से करें और अपनी मनोकामना के साथ सुखी दांपत्य जीवन की प्रार्थना करें.
व्रत के दौरान इन चीजों से बचें
उपवास के दिन बार-बार चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि इससे कुछ लोगों को कमजोरी या एसिडिटी महसूस हो सकती है. बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन खाने से भी व्रत से पहले बचना बेहतर है. सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत को लेकर किसी तरह की प्रतियोगिता न बनाएं. हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है.
व्रत खोलते समय किस बात का रखें ध्यान
पूरे दिन उपवास के बाद अचानक बहुत ज्यादा खाना सही नहीं माना जाता. व्रत खोलते समय पहले पानी या हल्का पेय लें और फिर धीरे-धीरे भोजन करें. पेट को एकदम भारी खाना देने से परेशानी हो सकती है. अगर डॉक्टर ने किसी कारण से उपवास करने से मना किया है, तो धार्मिक आस्था के साथ अपनी सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है.




