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2 चार्टर्ड प्लेन, 6 प्लॉट और 10 गिरफ्तारियां; अनिल अंबानी ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई... जानें अब तक क्या-क्या हुआ जब्त

अनिल अंबानी ग्रुप पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की संपत्ति को जब्त किया है. इसके अलावा 2 चार्टर्ड प्लेन को भी जब्त किया गया है. वहीं मामले में ईडी ने 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

Anil Ambani Group ED Action
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Anil Ambani Group ED Action

( Image Source:  X/ @diganta_guha )

अनिल अंबानी ग्रुप की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. ईडी ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 510 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां अटैच कर दी हैं. इस कार्रवाई में दो चार्टर्ड विमान, जमीन के छह प्लॉट और महाराष्ट्र स्थित एक ऑफिस शामिल हैं. इसके अलावा तमिलनाडु में दो विंडमिल, बैंक में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़ी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है।

ED के मुताबिक, अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ अब तक करीब 23,100 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच या जब्त की जा चुकी हैं. एजेंसी कई कंपनियों से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है. जांच में आरोप है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिले सार्वजनिक धन का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के बजाय दूसरी जगह किया गया. एजेंसी को इस रकम के विदेशी ठिकानों तक पहुंचाए जाने और प्रमोटर्स के निजी फायदे में इस्तेमाल किए जाने के आरोप भी मिले हैं.

किन मामलों में कितनी संपत्तियां अटैच की गईं?

रिलायंस कम्युनिकेशन : इस मामले में 247.12 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं.

रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस : इनसे जुड़े मामले में 263.05 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई है.

दोनों मामलों में कुल 510.17 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं. इनमें चार्टर्ड विमान, जमीन, ऑफिस परिसर और तमिलनाडु की विंडमिल जैसी संपत्तियां शामिल हैं. बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़ी रकम भी एजेंसी की कार्रवाई के दायरे में आई है.

किन कंपनियों की जांच कर रही है ED?

ED ने यह जांच सीबीआई दिल्ली, दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और मुंबई आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. जांच के दायरे में अनिल अंबानी ग्रुप की कई कंपनियां शामिल हैं. इनमें रिलायंस कम्युनिकेशन, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल शामिल हैं.

एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिले सार्वजनिक धन को कथित तौर पर दूसरी जगह भेजा गया. जांच में दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) के कथित दुरुपयोग और भारत से पैसा विदेशी टैक्स हेवन में भेजने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है.

कहां इस्तेमाल हुई रकम?

ED के मुताबिक, जांच में ऐसे आरोप सामने आए हैं कि बड़ी रकम का इस्तेमाल प्रमोटर्स और उनके परिवार के निजी फायदे के लिए किया गया. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर गबन की गई रकम कहां-कहां भेजी गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.

अब तक कितने लोग हुए गिरफ्तार?

ED इन मामलों में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत छह चार्जशीट दाखिल की हैं. इसके अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत भी एक चार्जशीट दाखिल की गई है. फिलहाल, अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े इन मामलों में ED की जांच जारी है.

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