अभी और कितने दिन चलेगी Iran में जंग! ट्रंप North तो नेतन्याहू South- दोनों एक प्लेटफॉर्म में क्यों नहीं?
इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं कि यह संघर्ष आखिर कब खत्म होगा. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान एक-दूसरे के एकदम उलट नजर आ रहे हैं, मानों दोनों ही नहीं जानते हैं कि ईरान अपने घुटने कब टेकेगा.
Israel Iran US War: इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है और इस बीच लोगों के मन में सवाल है कि आखिर ये जंग कब खत्म होगी. खास बात यह है कि ईरान पर हमला करने वाले दोनों देशों (इजराइल और अमेरिका) को भी शायद यह अंदाज़ा नहीं है कि जंग कब तक चलने वाली है. इस बात का सबूत डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बयान देते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि जंग जल्द ही खत्म होने वाली है. वहीं उसी दिन नेतन्याहू ने रिपोर्ट्स से कहा कि जंग जल्दी खत्म नहीं होगी और इसमें वक्त लग सकता है. दोनों लीडर्स के बयान एक दूसरे एकदम उलट हैं, मानों ये खुद नहीं जानते हैं कि आखिर ईरान कब अपने घुटने टेकने वाला है.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद तेल की कीमतें भी कम होंगी. ट्रंप ने मियामी के पास अपने ट्रंप नेशनल डोरल क्लब में कहा, "हमने ईरान की हर सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है."
उन्होंने दावा किया कि ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और उसकी वायुसेना तथा एयर डिफेंस सिस्टम को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है. ट्रंप ने कहा,"अब उनके पास कोई नेतृत्व नहीं बचा है. सब कुछ तबाह हो चुका है."
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने क्या कहा?
वहीं इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और इज़राइल का ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कई सालों तक नहीं चलेगा. नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम हैनिटी में कहा, “मैंने कहा था कि यह जल्दी और निर्णायक हो सकता है. इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कई सालों तक नहीं चलेगा. यह कोई अंतहीन युद्ध नहीं है.”
ईरान-इजराइल-यूएस जंग में कितना हुआ नुकसान?
इस जंग का असर केवल इन देशों पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया के देश इस जंग से प्रभावित हो रहे हैं. भारत में भारी एलपीजी की कमी हो गई है और कई रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं और कई ने अपना मेन्यू कम कर लिया है. उधर, अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने मंगलवार को बताया कि इस संघर्ष में लगभग 140 और अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. उनके अनुसार इनमें से ज्यादातर चोटें मामूली हैं और 108 घायल सैनिक फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं। हालांकि आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं.
मध्य पूर्व में तेजी से फैल रहे इस युद्ध में पूरे क्षेत्र में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार वहां कम से कम 1,270 लोगों की मौत हुई है. लेबनान में, जहां इज़राइल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं, देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कम से कम 486 लोग मारे गए हैं. वहीं खाड़ी क्षेत्र में ईरान के जवाबी हमलों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, ऐसा स्थानीय अधिकारियों ने बताया है.