अब रीढ़ की हड्डी तोड़ने की फ़िराक में America, Kharg Island पर हमला हुआ तो क्या ख़ाक हो जाएगा Iran? FAQ

अमेरिका ईरान के Kharg Island को निशाना बनाने के विकल्प पर विचार कर रहा है. यह द्वीप ईरान के 90% तेल निर्यात का केंद्र है, जिस पर हमला वैश्विक तेल बाजार को भी हिला सकता है.

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. इसी बीच खबर सामने आई है कि अमेरिकी प्रशासन ईरान के एक छोटे लेकिन बेहद अहम तेल केंद्र Kharg Island को निशाना बनाने के ऑप्शन पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां से देश के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है.

एक्सपर्ट का कहना है कि अगर इस तेल हब को निष्क्रिय कर दिया गया या उस पर कब्जा कर लिया गया तो इससे तेहरान की आर्थिक रीढ़ पर सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि यह कदम वैश्विक तेल बाजार में भी भारी उथल-पुथल पैदा कर सकता है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति में इस द्वीप की बड़ी भूमिका है.

1.  खार्ग द्वीप इतना रणनीतिक क्यों माना जाता है?

खार्ग द्वीप ईरान के दक्षिण में फारस की खाड़ी में स्थित है और यह देश के सबसे बड़े तेल निर्यात टर्मिनल के रूप में जाना जाता है. यहां बड़े-बड़े तेल भंडारण टैंक, पाइपलाइन नेटवर्क और टैंकर लोडिंग टर्मिनल मौजूद हैं. यही कारण है कि यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख जीवनरेखा माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस ढांचे को नुकसान पहुंचता है तो ईरान की तेल आय पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे सरकार और सैन्य संस्थानों की फंडिंग पर भी दबाव आ सकता है.

2.  क्या अमेरिका वास्तव में खार्ग द्वीप पर हमला करने पर विचार कर रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार पूर्व पेंटागन सलाहकार Michael Rubin का कहना है कि इस द्वीप पर हमला करने से ईरानी शासन की सैन्य गतिविधियों को वित्तीय मदद देने की क्षमता कमजोर हो सकती है. उन्होंने बताया कि उन्होंने वॉशिंगटन के अधिकारियों के सामने इस द्वीप के रणनीतिक महत्व का मुद्दा उठाया है और संभावना है कि इस पर चर्चा United States National Security Council के भीतर भी हुई हो. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव उन प्रमुख सलाहकारों तक पहुंचा है या नहीं जो युद्ध से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं.

3. क्या पहले भी खार्ग द्वीप को निशाना बनाने की योजना बनी थी?

खार्ग द्वीप लंबे समय से ईरान के विरोधियों की नजर में एक संवेदनशील रणनीतिक संपत्ति रहा है. 1979 के ईरान बंधक संकट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Jimmy Carter को सलाह दी गई थी कि इस द्वीप पर कब्जा कर अमेरिका तेहरान पर दबाव बना सकता है, लेकिन अंततः उन्होंने यह कदम नहीं उठाया. बाद में 1980 के दशक में राष्ट्रपति Ronald Reagan ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाने के जवाब में अन्य अपतटीय तेल ठिकानों पर हमले करवाए, लेकिन खार्ग द्वीप उस समय भी निशाने पर नहीं आया.

4. क्या इस द्वीप पर पहले भी हमले हुए हैं?

ईरान-इराक युद्ध के दौरान 1980 के दशक में इराकी बलों ने इस द्वीप के तेल टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचाया था. हालांकि युद्ध के बाद ईरान ने इसे तेजी से फिर से विकसित किया और तेल निर्यात बहाल कर दिया. हाल के सप्ताहों में इस द्वीप का महत्व और बढ़ गया है क्योंकि युद्ध शुरू होने से पहले ईरान ने यहां उत्पादन बढ़ाकर लगभग चार मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा दिया था.

5. क्या इजरायल खार्ग द्वीप पर हमले की मांग कर रहा है?

इजरायल के विपक्षी नेता Yair Lapid ने हाल ही में कहा कि इस द्वीप की ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाने से ईरान की अर्थव्यवस्था ढह सकती है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'इजरायल को खार्ग द्वीप पर ईरान के सभी तेल क्षेत्रों और ऊर्जा उद्योग को नष्ट कर देना चाहिए। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था ढह जाएगी और मौजूदा शासन गिर सकता है.' हालांकि ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा हमला वैश्विक तेल बाजार में भारी उछाल ला सकता है.

6. क्या खार्ग द्वीप पर हमला वैश्विक तेल कीमतों को बढ़ा सकता है?

विश्लेषकों के मुताबिक अगर इस द्वीप पर बड़ा हमला होता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल आ सकता है. वॉशिंगटन स्थित Center for Strategic and International Studies का अनुमान है कि अगर यहां गंभीर व्यवधान पैदा होता है तो कच्चे तेल की कीमत में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

7. क्या ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए यह सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है?

लंदन स्थित ईरान इंटरनेशनल से जुड़े ऊर्जा विशेषज्ञ Delgha Katinoglu का मानना है कि ईरान के तेल और गैस ढांचे को नुकसान पहुंचाना लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो भविष्य में बनने वाली किसी भी सरकार के लिए अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और बुनियादी सेवाएं देना बेहद मुश्किल हो सकता है.

8. आखिर अमेरिका ने अभी तक खार्ग द्वीप को निशाना क्यों नहीं बनाया?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा हमला युद्ध को बड़े स्तर पर बढ़ा सकता है, इसलिए इसके लिए अमेरिकी मंजूरी जरूरी होगी. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump घरेलू राजनीति में भी ईंधन कीमतों को लेकर दबाव का सामना कर रहे हैं. ऐसे में ईरान के तेल निर्यात पर बड़ा हमला वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर सकता है.

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