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कौन है भद्रेश कुमार पटेल, जिस पर अमेरिका में रखा गया है 10 लाख डॉलर का इनाम, आखिर क्यों पीछे पड़ी है FBI?

अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय मूल के भगोड़े भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी पर इनाम बढ़ाकर 10 लाख डॉलर कर दिया है. आखिर कौन है भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल?

कौन है भद्रेश कुमार पटेल, जिस पर अमेरिका में रखा गया है 10 लाख डॉलर का इनाम, आखिर क्यों पीछे पड़ी है FBI?
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( Image Source:  X- @SinghMalvi65023 )

Bhadresh Kumar Patel: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भगोड़े भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर इनाम बढ़ाकर 10 लाख डॉलर तक कर दिया है. भद्रेशकुमार पटेल एफबीआई की टेन मोस्ट वॉन्टेड फ्यूजिटिव्स सूची में शामिल है.

भद्रेशकुमार पटेल भारत का नागरिक है और 18 अप्रैल 2017 को उसे एफबीआई की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल किया गया था. उस पर आरोप है कि उसने 12 अप्रैल 2015 को अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के हैनोवर में स्थित एक डंकिन डोनट्स दुकान में अपनी पत्नी 21 वर्षीय पलक पटेल की हत्या कर दी थी.

भद्रेश कुमार के बारे में एफबीआई ने क्या कहा?

उस समय भद्रेशकुमार की उम्र 24 साल थी, जबकि उसकी पत्नी 21 साल की थी. घटना के समय दोनों दुकान में नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे. एफबीआई के अनुसार, पटेल ने आधी रात से ठीक पहले दुकान के पीछे वाले कमरे में पलक पर कई बार चाकू से हमला किया था. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भद्रेशकुमार को हथियारबंद और बेहद खतरनाक माना जाना चाहिए.

जांचकर्ताओं का मानना है कि उसके कनाडा, भारत और अमेरिका के कई राज्यों जैसे न्यू जर्सी, जॉर्जिया, इलिनॉय और केंटकी में संपर्क हो सकते हैं. एफबीआई बाल्टीमोर के स्पेशल एजेंट इन चार्ज जिमी पॉल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि 10 लाख डॉलर का इनाम भद्रेशकुमार पटेल की तलाश की ओर अधिक ध्यान आकर्षित करेगा और हमें ऐसे सुराग मिलेंगे जिनसे पलक पटेल को न्याय दिलाया जा सके.

एफबीआई ने क्यों बढ़ाई ईनाम की राशि?

उन्होंने यह भी कहा कि इनाम की राशि बढ़ाना इस अपराध की गंभीरता को दर्शाता है और यह एफबीआई की टेन मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल मामलों की अहमियत को भी दिखाता है. एफबीआई की टेन मोस्ट वॉन्टेड फ्यूजिटिव्स सूची एक पुरानी कानून प्रवर्तन पहल है, जिसका उद्देश्य खतरनाक भगोड़ों को पकड़ने में आम लोगों की मदद लेना है. 1950 में शुरू हुई इस लिस्ट के बाद से कई भगोड़े नागरिकों से मिले सुरागों के आधार पर पकड़े जा चुके हैं.

एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास भद्रेशकुमार पटेल के ठिकाने से जुड़ी जानकारी हो तो वह एफबीआई की टिप लाइन या उसकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए जानकारी दे. अधिकारियों ने यह भी कहा है कि लोग उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें.

कौन है भद्रेश कुमार?

आरोपी का पूरा नाम भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल है, जिसका जन्म 15 मई 1990 को भारत के गुजरात राज्य के वीरमगाम में हुआ था. नवंबर 2013 में उसकी शादी पलक पटेल से हुई थी. सितंबर 2014 में यह दंपती अमेरिका में अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था. उस समय भद्रेशकुमार की उम्र 24 साल और पलक की उम्र 21 साल थी.

13 अप्रैल 2015 की रात दोनों मैरीलैंड के हैनोवर शहर में अरुंडेल मिल्स बुलेवार्ड पर स्थित एक डंकिन डोनट्स स्टोर में नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे. यह दुकान भद्रेशकुमार के एक रिश्तेदार की थी, जिनसे मिलने यह दंपती अमेरिका आया था. सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 9:30 बजे दोनों को दुकान की रसोई में साथ चलते हुए देखा गया. इसके बाद वे कुछ रैक के पीछे चले गए और कैमरे की नजर से ओझल हो गए.

जांच में क्या आया सामने?

कुछ ही देर बाद भद्रेशकुमार अकेला वापस सामने आया. उसने ओवन बंद किया और दुकान से बाहर निकल गया. उसी रात बाद में 21 वर्षीय पलक पटेल का शव मिला. जांच में पता चला कि उसकी पिटाई की गई थी और बड़े किचन चाकू से कई बार वार किया गया था. जांचकर्ताओं का मानना है कि दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. पलक भारत लौटना चाहती थी, जबकि भद्रेशकुमार अमेरिका में ही रहना चाहता था.

हत्या के बाद भद्रेशकुमार दुकान से पैदल अपने पास के अपार्टमेंट पहुंचा. वहां से उसने कुछ निजी सामान लिया और टैक्सी से न्यूर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक होटल गया. टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि यात्रा के दौरान वह काफी शांत दिखाई दे रहा था.

न्यूर्क में उसने एक होटल में कमरा लिया और सीसीटीवी फुटेज में उसे काउंटर पर नकद पैसे देकर कमरा लेते हुए देखा गया. वह अगली सुबह होटल से चेकआउट कर गया. उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है.

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