Iran पर शिकंजा होगा और मज़बूत, ट्रंप मेडिटेरेनियन में भेजेंगे अपना तीसरा युद्धपोत USS George H.W. Bush, जानें क्या हैं खासियत?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य ताकत और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी नौसेना जल्द ही यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश विमानवाहक पोत को भूमध्य सागर में तैनात करेगी. ईरान के सख्त रुख और होर्मुज को लेकर बढ़ते संकट के बीच इस तैनाती को बेहद अहम माना जा रहा है.
USS George H.W. Bush: अमेरिकी नौसेना यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश को भी भूमध्य सागर में तैनात करने वाली है. ये जल्द ही यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड के साथ शामिल होगा. ट्रंप ने साफ किया है कि वह ईरान के खिलाफ जंग को अभी रोकने नहीं वाले हैं, और उधर ईरान ने अलल ऐलान किया है कि वह घुटने नहीं टेकने वाला है.
यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश को वर्ष 2009 में नौसेना में शामिल किया गया था. यह निमिट्ज श्रेणी का दसवां और आखिरी परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जिसे अमेरिकी नौसेना के लिए बनाया गया था. इस जहाज का नाम अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति और पूर्व नौसेना पायलट जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश के नाम पर रखा गया है. यह जहाज यूएस सेकेंड फ्लीट के तहत कैरियर स्ट्राइक ग्रुप टेन के साथ जुड़ा हुआ है, जो अटलांटिक क्षेत्र में नौसैनिक अभियानों की निगरानी करता है और आगे की तैनाती का समर्थन करता है.
क्या है इस विमानवाहक पोत की खासियत?
- यह विमानवाहक पोत करीब 1,092 फीट लंबा है और इसमें मिशन के अनुसार लगभग 85 से 90 विमान तैनात किए जा सकते हैं. इनमें एफ/ए-18ई सुपर हॉर्नेट जैसे लड़ाकू विमान, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान शामिल होते हैं.
- इसका परमाणु ऊर्जा से चलने वाला इंजन इसे लंबे समय तक बिना ईंधन भरे समुद्र में संचालन करने की क्षमता देता है. इसके उड़ान डेक का डिजाइन भी आधुनिक बनाया गया है, जिससे विमानों की उड़ान और संचालन ज्यादा तेज और आसान हो जाता है.
- नौसेना के रिकॉर्ड के अनुसार यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश को मिडिल ईस्ट और भूमध्य सागर में कई बार तैनात किया गया है और कई सैन्य अभियानों तथा समुद्री सुरक्षा मिशनों में हिस्सा लिया है.
- साल 2014 से 2017 के बीच ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व के दौरान इस जहाज से सीरिया और इराक में कई हवाई हमले किए गए थे. इस दौरान लगभग 907 टन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जो डेजर्ट स्टॉर्म के बाद किसी भी कैरियर एयर विंग द्वारा इस्तेमाल किया गया सबसे ज्यादा हथियार था. इसके लिए इस जहाज को नौसेना के कई पुरस्कार भी मिले.
क्या होता है एक विमानवाहक पोत?
यह विमानवाहक पोत एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का मुख्य कमांड प्लेटफॉर्म होता है. इसके साथ आमतौर पर गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर, क्रूजर और लॉजिस्टिक सहायता देने वाले जहाज भी चलते हैं. ये सभी जहाज मिलकर हवाई सुरक्षा, मिसाइल रोकने और समुद्री निगरानी जैसी क्षमताएं प्रदान करते हैं. इस तरह का समूह अमेरिकी नौसेना को समुद्र के महत्वपूर्ण इलाकों में अपनी ताकत दिखाने और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता देता है.
ईरान के साथ चल रही जंग में इसे एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि ईरान ने होर्मोज़ को पूरी तरह से बंद कर दिया है, इसी जगह से दुनिया भर का 20 फीसद तेल का ट्रेड होता है. ऐसा देखा जा रहा है कि ईरान पर अमेरिका पूरी तरह से पकड़ नहीं बना पा रहा है, इसलिए भी इस विमानवाहक को मेडिटेरियन सागर में लाया जा रहा है.