Trump बने स्क्रिप्ट का किरदार, नेतन्याहू ने तैयार किया पूरा प्लान! Iran War की परतें खोलने वाला US अधिकारी Joseph Kent कौन?

अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है, जब एक शीर्ष अधिकारी के इस्तीफे ने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए. पूर्व अधिकारी जोसेफ केंट ने अपने पत्र में दावा किया कि ईरान से कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और जंग बाहरी दबाव में शुरू हुई.

( Image Source:  X-@ANI and @joekent16jan19 )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 18 March 2026 9:26 AM IST

Israel-US Iran-War: अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख Joseph Kent ने ईरान को लेकर अमेरिका-इजराइल युद्ध के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अपने इस्तीफे में केंट ने कहा कि ईरान अमेरिका के लिए कोई “तत्काल खतरा” नहीं था और इजराइल के दबाव में आकर Donald Trump ने यह युद्ध शुरू किया.

केंट ने अपने पत्र में लिखा कि वह “अच्छे विवेक” के साथ ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई मौजूदा खतरा नहीं था और यह साफ है कि यह जंग इजराइल और उसके प्रभावशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया.

Joseph Kent ने इजराइल-यूएस-ईरान युद्ध को लेकर क्या कहा?

उन्होंने यह भी दावा किया कि जून 2025 तक ट्रंप जानते थे कि मध्य पूर्व के युद्धों ने अमेरिका को सिर्फ जान और धन का नुकसान पहुंचाया है. केंट के मुताबिक, इजराइल के सीनियर अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के कुछ प्रभावशाली लोगों ने एक 'भ्रामक अभियान' चलाकर युद्ध के पक्ष में माहौल बनाया, ताकि ईरान के खिलाफ कार्रवाई को बढ़ावा दिया जा सके.

केंट ने कहा कि एक तरह का “इको चैंबर” तैयार किया गया, जिससे 79 वर्षीय ट्रंप को यह विश्वास दिलाया गया कि ईरान अमेरिका के लिए तुरंत खतरा है, इसलिए उस पर हमला करना जरूरी है और इसमें जल्दी जीत हासिल की जा सकती है.

ईराक से क्यों की मौजूदा हालाक की तुलना?

उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना Iraq War से भी की. केंट का आरोप है कि जिस तरह 2003 में इराक युद्ध के दौरान गलत जानकारी के जरिए अमेरिका को युद्ध में धकेला गया था, उसी तरह अब ईरान के खिलाफ भी वैसी ही रणनीति अपनाई जा रही है. केंट ने ट्रंप से अपील की कि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार करें. उन्होंने लिखा कि ट्रंप के पास यह मौका है कि वह अमेरिका के लिए नई दिशा तय करें या फिर देश को और ज्यादा अस्थिरता और संकट की ओर जाने दें.

पत्र में ट्रंप से क्या की अपील?

उन्होंने अपने पत्र में कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि आप इस बात पर सोचें कि हम ईरान में क्या कर रहे हैं और किसके लिए कर रहे हैं. यह समय साहसिक कदम उठाने का है. आप इस रास्ते को बदल सकते हैं या देश को और गिरावट और अराजकता की ओर जाने दे सकते हैं.”

केंट, जो एक युद्ध अनुभवी हैं और 11 बार तैनात रह चुके हैं, ने कहा कि वह ऐसी लड़ाई में नई पीढ़ी को मरने के लिए नहीं भेज सकते, जिसे उन्होंने “इजराइल के जरिए तैयार किया गया युद्ध” बताया और कहा कि इसका अमेरिकी जनता को कोई फायदा नहीं है.

कितने लोगों की हो चुकी है इस युद्ध में मौत?

इस युद्ध में अब तक भारी नुकसान हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, ईरान में कम से कम 1,300 लोग मारे गए हैं, लेबनान में 880 से ज्यादा और इजराइल में 12 लोगों की मौत हुई है. अमेरिकी सेना के मुताबिक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और करीब 200 घायल हुए हैं.

कौन है Joseph Kent?

  • Joseph Kent के बारे में बात करें तो वह नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख के रूप में आतंकवादी खतरों का विश्लेषण और पहचान करने वाली एजेंसी का नेतृत्व कर रहे थे.
  • केंट पहले एक राजनीतिक उम्मीदवार भी रह चुके हैं और उनके कुछ दक्षिणपंथी चरमपंथी समूहों से संबंध रहे हैं. पिछले साल जुलाई में 52-44 वोटों से उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था.
  • डेमोक्रेटिक पार्टी ने उनकी नियुक्ति का कड़ा विरोध किया था. उनका आरोप था कि केंट के दूर-दराज के दक्षिणपंथी नेताओं और साजिश सिद्धांतों से संबंध रहे हैं.
  • 2022 के चुनाव अभियान के दौरान केंट ने ग्राहम जॉर्गेंसन को सलाहकार के रूप में भुगतान किया था, जो दूर-दराज के सैन्य समूह “प्राउड बॉयज” से जुड़ा रहा है.
  • इसके अलावा, उन्होंने क्रिश्चियन राष्ट्रवादी समूह “पैट्रियट प्रेयर” के संस्थापक जॉय गिब्सन के साथ भी काम किया था और कई दक्षिणपंथी नेताओं का समर्थन भी हासिल किया था.
  • सीनेट की पुष्टि सुनवाई के दौरान भी केंट ने उस साजिश सिद्धांत से दूरी बनाने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि 6 जनवरी 2021 को कैपिटल पर हुए हमले को संघीय एजेंटों ने उकसाया था. साथ ही उन्होंने इस झूठे दावे से भी दूरी नहीं बनाई कि 2020 का चुनाव ट्रंप ने जीता था, जबकि Joe Biden को विजेता घोषित किया गया था.

Similar News