Iran पर न्यूक्लियर हमले की तैयारी? UN डिप्लोमैट का इस्तीफा, बताया संस्था में ‘पावरफुल लॉबी’ का खेल
क्या ईरान के खिलाफ न्यूक्लियर हमले की तैयारी हो रही है. यूएन के एक डिप्लोमेट ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि यूएन ईरान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर तैयारी कर रहा है.
Iran War Nuclear Attack: संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक राजनयिक ने अपने पद से इस्तीफा देकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि अंतरराष्ट्रीय संस्था ईरान में परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल जैसी स्थिति की तैयारी कर रही है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संयुक्त राष्ट्र की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी नहीं आई है.
मोहम्मद सफा, जो पैट्रियोटिक विज़न ऑर्गनाइजेशन (PVA) की ओर से संयुक्त राष्ट्र में मुख्य प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे थे, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने एक डिटेल लेटर भी साझा किया, जिसमें अपनी चिंताओं का जिक्र किया.
PVA को UN की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) में विशेष परामर्शदात्री दर्जा प्राप्त है. सफा पिछले एक दशक से अधिक समय से इस संगठन से जुड़े थे और वर्ष 2013 से इसके कार्यकारी निदेशक के पद पर भी रह चुके थे.
क्या बोले सफा?
अपने बयान में सफा ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ वरिष्ठ अधिकारी एक 'शक्तिशाली लॉबी' के प्रभाव में काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन प्रभावों के चलते ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जो आगे चलकर बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम ला सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोग इस स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं पा रहे हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र ईरान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर तैयारी कर रहा है. उन्होंने तेहरान की बड़ी आबादी का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा कोई संघर्ष हुआ, तो आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
सफा ने क्यों दिया इस्तीफा?
सफा ने बताया कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद इस्तीफा देने का फैसला लिया. उनका कहना है कि वे ऐसे किसी भी काम का हिस्सा नहीं बन सकते, जिसे वे मानवता के खिलाफ संभावित अपराध मानते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी राजनयिक करियर को दांव पर लगाकर यह जानकारी पब्लिक की है, ताकि समय रहते किसी संभावित परमाणु संकट को रोका जा सके. उन्होंने दुनियाभर के लोगों से अपील की कि वे विरोध करें और इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाएं, जिससे हालात को बिगड़ने से रोका जा सके.
इजराइल पर क्या बोले सफा?
अपने पत्र में सफा ने यह भी आरोप लगाया कि अलग राय रखने के कारण उन्हें आलोचना, सेंसरशिप और यहां तक कि धमकियों का सामना करना पड़ा. खासतौर पर अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इज़राइल पर किए गए हमले और उसके बाद शुरू हुए युद्ध के संदर्भ में अपनी राय रखने के बाद उन्हें दबाव झेलना पड़ा. उनका कहना है कि कुछ देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने से भी बचा गया और जब उन्होंने इस पर सवाल उठाए, तो उन्हें किनारे कर दिया गया. बता दें, हमास के खिलाफ जंग में इजराइल पर वॉर क्राइम का इल्जाम लगा था.
सफा ने यह भी बताया कि वे साल 2023 से ही इस्तीफा देने पर विचार कर रहे थे और पिछले तीन सालों में उन पर लगातार दबाव बढ़ता गया. अंततः उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया.
यूएन ने इस्तीफे पर क्या कहा?
फिलहाल, संयुक्त राष्ट्र की ओर से सफा के इस्तीफे और उनके आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, खासकर परमाणु हथियारों से जुड़े दावों को लेकर, स्थिति अभी साफ नहीं है क्योंकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.