क्या ईरान पर होने वाला है परमाणु हमला, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच पक रही कौन सी खिचड़ी, कौन हैं Tucker Carlson जिनके दावे ने मचा दी है खलबली?
अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर परमाणु हमला कर सकता है. पत्रकार का दावा है कि इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर परमाणु हमला करने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर लगातार दबाव बना रहे हैं.
Tucker Carlson iran us war
(Image Source: X/ @djshmbhu30, @netanyahu, @KalshiPolitics, @MrjohnFjr )ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया कि ईरान में अभी एक या दो ऐसे ठिकाने हैं, जिन्हें अमेरिका निशाना बनाना चाहता है. इसी बीच अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ परमाणु हमला कर सकता है. उनके मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस हमले के लिए ट्रंप पर लगातार दबाव बना रहे हैं.
कार्लसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट साझा कर ईरान के पिकएक्स माउंटेन को संभावित निशाना बताया है. उनका दावा है कि इस पहाड़ी के नीचे बनी मजबूत भूमिगत सुरंगों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम चल रहा है और वहां तक अमेरिकी हथियारों की पहुंच मुश्किल है.
हमले को लेकर क्या बोले ट्रंप?
द टाइम्स ऑफ इजरायल और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत हुई है. 31 अक्टूबर को फ्लोरिडा के पाम बीच में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान के एक या दो ठिकानों को अभी निशाना बनाना है. उन्होंने पिकएक्स माउंटेन का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका इस ठिकाने को बहुत कम समय में निशाना बना सकता है. हालांकि ट्रंप ने कभी परमाणु हमला करने को नहीं कहा.
परमाणु हमले को लेकर क्या है टकर कार्लसन का दावा?
टकर कार्लसन ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी हथियारों के जखीरे में ऐसा कोई पारंपरिक हथियार नहीं है, जो 300 फीट मोटी ग्रेनाइट चट्टान को भेदकर भूमिगत सुरंगों को नष्ट कर सके. उन्होंने कहा "अमेरिकी हथियारों के जखीरे में कोई भी पारंपरिक हथियार 300 फीट के ठोस ग्रेनाइट को भेदकर उन सुरंगों को नष्ट नहीं कर सकता जहां एनरिचमेंट हो रहा है. एकमात्र मिलिट्री ऑप्शन न्यूक्लियर हमला है. नेतन्याहू इसके लिए बहुत ज़ोर दे रहे हैं."
नेतन्याहू को क्यों चाहिए ईरान के साथ एक और युद्ध?
कार्लसन ने अपनी पोस्ट में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक मुश्किलों को संभावित सैन्य कार्रवाई की एक बड़ी वजह बताया है. उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू को इजरायल की संसद नेसेट में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है. कार्लसन ने लिखा "नेतन्याहू घिर गए हैं और हताश हैं. पिछले हफ़्ते के चुनाव नतीजों के बाद, वह तब तक सरकार नहीं बना सकते जब तक ट्रंप सीधे इज़राइली पॉलिटिक्स में दखल न दें और दूसरी पार्टियों के साथ एक ऐसी डील न कर लें जिससे नेतन्याहू को नेसेट में 61 सीटें मिल जाएं. नहीं तो, वह प्रधानमंत्री के पद से हट जाएंगे और बदनामी, जांच और शायद जेल की ओर बढ़ जाएंगे. नेतन्याहू को ट्रंप के करीब रहना होगा. उन्हें इस युद्ध की जरूरत है."
कब सीक्रेट तरीके से अबू धाबी पहुंचे थे नेतन्याहू?
टकर कार्लसन ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि बेंजामिन नेतन्याहू 27 सितंबर को सीक्रेट तरीके से संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचे थे. उनका मकसद ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई में अमीरात का समर्थन हासिल करना था. कार्लसन के मुताबिक, UAE ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने इसकी वजह खाड़ी देशों की कमजोर होती अर्थव्यवस्था को बताया.
क्या होने वाला है तीसरा विश्व युद्ध?
कार्लसन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो इससे दुनिया में एक खतरनाक मिसाल कायम होगी. उनके मुताबिक, इसके बाद दूसरे परमाणु हथियार संपन्न देश भी अपने क्षेत्रीय संघर्षों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बारे में विचार कर सकते हैं. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा भारत-पाकिस्तान और उत्तर कोरिया-दक्षिण कोरिया के बीच तनाव का भी जिक्र किया. कार्लसन का मानना है कि एक बार परमाणु हथियारों का इस्तेमाल शुरू हुआ तो दुनिया के कई हिस्सों में परमाणु हमले का खतरा बढ़ सकता है.
कौन हैं टकर कार्लसन?
टकर कार्लसन अमेरिका के मशहूर पत्रकार, टीवी होस्ट और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं. उन्हें अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति और मीडिया जगत का प्रभावशाली चेहरा माना जाता है. वह फॉक्स न्यूज पर 'टकर कार्लसन टुनाइट' कार्यक्रम को होस्ट करते थे. यह शो अमेरिकी केबल न्यूज के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कार्यक्रमों में शामिल था. कार्लसन को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और MAGA आंदोलन से जुड़े प्रमुख मीडिया चेहरों में गिना जाता है. अप्रैल 2023 में उन्होंने फॉक्स न्यूज छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना स्वतंत्र कार्यक्रम शुरू किया. फरवरी 2024 में वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इंटरव्यू लेने वाले पहले पश्चिमी पत्रकार बने. इस इंटरव्यू के बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा में आए.